देश

Times Now Summit:2024 में हम ही आएंगे,यूनिफॉर्म सिविल कोड लाकर रहेंगे, CAA हकीकत-अमित शाह

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 24, 2022, 03:28 PM IST

Times Now Summit 2022: अनुच्छे 370 के हटाने और उसके बाद कश्मीर में आए बदलाव के सवाल पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि एक समय यह कहा जाता था कि अनुच्छेद 370 , जम्मू और कश्मीर को जोड़ने की डोर है। इसे छूना मत हाथ जल जाएगा। लेकिन मोदी सरकार ने न केवल उसे हटाया बल्कि राज्य में विकास का नया अध्याय भी शुरू किया।

KEY HIGHLIGHTS
  • सीएए हीककत है और इसको लेकर किसी को कंफ्यूजन नहीं होना चाहिए।
  • गुजरात-हिमाचल प्रदेश और एमसीडी तीनों में भाजपा जीतेगी।
  • श्रद्धा मर्डर में दोषी को कम से कम समय में कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी।

Times Now Summit 2022: गृह मंत्री अमित शाह ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) और CAA पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने टाइम्स नाउ समिट 2022 में कहा है कि यूनिफॉर्म सिविल कोड मोदी सरकार लाकर रहेगी और जिन लोगों को ऐसा लग रहा है कि सीएए ठंडे बस्ते में चला गया है, उन्हें किसी कंफ्यूजन में नहीं रहना चाहिए। यह देश का कानून है और यही हकीकत है। वहीं उन्होंने यह भी कहा है कि श्रद्ध मर्डर मामले में जो भी व्यक्ति जिम्मेदार है, उसे बेहद कम समय में कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी। और पूरे केस पर उनकी सीधी नजर है। अमित शाह ने टाइम्स नेटवर्क की ग्रुप एडिटर और टाइम्स नाउ नवभारत की एडिटर-इन-चीफ नाविका कुमार के साथ फायर चैट सेशन में गुजरात चुनाव, धर्मांतरण कानून से लेकर जम्मू और कश्मीर सहित कई अहम मुद्दों पर सरकार और पार्टी के विजन पर बात की।

कश्मीर में बदलाव का दौर, पूरी तरह से खत्म करेंगे आतंकवाद

अनुच्छेद 370 के हटाने और उसके बाद कश्मीर में आए बदलाव के सवाल पर गृह मंत्री ने कहा कि एक समय यह कहा जाता था कि अनुच्छेद 370 , जम्मू और कश्मीर को जोड़ने की डोर है। इसे छूना मत हाथ जल जाएगा। लेकिन मोदी सरकार ने न केवल उसे हटाया बल्कि राज्य में विकास का नया अध्याय भी शुरू किया। आज वहां 30 हजार सरपंच हैं, अब तक 56 हजार करोड़ का निवेश आ चुका है और पहली बार राज्य में 80 लाख पर्यटक आए हैं। इसके अलावा राज्य की भाषाओं को जगह दी गई है, पिछड़ों को आरक्षण दिया गया है। राज्य में हर घर को बिजली, हर घर को नल पहुंचाने का काम पूरा हो चुका है। 5 लाख रुपये तक आयुष्मान भारत योजना को लोगों को लाभ दिया जा रहा है।

जहां तक आतंकवाद का सवाल है, जबसे आतंकवाद, राज्य में शुरू हुआ है, तबसे अभी सबसे कम घटनाएं हो रही हैं। राज्य में पथराव की घटना शून्य है। पहले 400 लोग मारे जाते थे, अब यह आंकड़ा 12 पर आ गया है। इसे शून्य भी करेंगे। यह मोदी सरकार की बहुत बड़ी उपलब्धि है। जहां तक कश्मीरी पंडितों की वापसी का सवाल है तो यह रिलेटिव प्रश्न है, आतंकी घटनाएं बहुत कम हो गई हैं। निवेश बढ़ रहा है, राज्य में आतंक की जड़े इतनी गहरी हैं कि इसे उखाड़ने में समय लगेगा, लेकिन यह तय है कि हम राज्य को आतंकवाद से मुक्त करेंगे।

यूनिफॉर्म सिविल कोड लाकर रहेंगे

अमित शाह ने कहा कि यूनिफॉर्म सिविल कोड जनसंघ के समय से भाजपा का मुद्धा है। इसको लेकर संविधान सभा में बहस के दौरान स्पष्ट राय थी। लेकिन भाजपा के अलावा कोई पार्टी इसका समर्थन साफ-साफ नहीं करती है। कुछ विरोध करते हैं तो कुछ चुप रहते हैं। इस पूरे मामले पर स्वस्थ और खुली बहस की जरूरत है। भाजपा के शासन वाले हिमाचल, उत्तराखंड, गुजरात राज्य में हमने पैनल बनाया है। जिसमें हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज सहित सभी धर्म और दूसरे संबंधित लोग शामिल हैं। उनकी सिफारिशों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। लेकिन एक बात साफ है कि हम यूनिफॉर्म सिविल कोड पर अडिग हैं और लाकर रहेंगे। और पूरे लोकतांत्रिक तरीके से इसे लाएंगे।

जहां तक अनुच्छेद 370 से तुलना की बात है तो दोनों में अंतर है। हो सकता है कि 2 तिहाई राज्य खुद तैयार हो जाएं, उसके बाद संसद को भी इस पर विचार करना होगा। और एक बात 2024 में भाजपा की ही सरकार बनेगीऔर इसे हम करके दिखाएंगे।

श्रद्धा मर्डर केस के बाद क्या धर्मांतरण कानून की जरूरत है

गृह मंत्री का कहना है कि जहां-जहां भाजपा की सरकार है, हमने धर्मांतरण कानून बनाए हैं। राज्यों की विधानमंडल इस पर विचार करे। जहां तक राष्ट्रीय कानून की बात है तो यह ग्रे एरिया है। इसकी व्याख्या करना होगी कि राष्ट्रीय स्तर पर कानून बनाया जा सकता है या नहीं । लेकिन श्रद्धा मर्डर मामले में देश की जनता को यह भरोसा दिलाता हूं कि जो भी व्यक्ति इसके लिए दोषी है, उसे अदालत द्वारा कम से कम समय में कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी।

भाजपा के ED और CBI दो भाई

विपक्ष के इस आरोप पर शाह ने कहा कि इस देश में तीन स्तर पर न्यायपालिका है। और एक बात यह भी तय है कि विपक्ष यह नहीं कह सकता है न्यायपालिका स्वतंत्र नही है। ऐसे में अगर किसी को कोई शिकायत है तो वह न्यायपालिका में जाने के लिए स्वतंत्र है। लेकिन मेरा एक सवाल है कि जो लोग राजनीतिक दल चलाते हैं क्या उन्हें आर्थिक अपराध करने का परमिट है? मैं एक बात पूरी जिम्मेदारी के साथ कह रहा हूं कि ईडी और सीबीआई स्वतंत्र रूप से काम कर रही हैं।

गुजरात में किससे टक्कर

देखिए मेरा मानना है कि गुजरात में भाजपा और कांग्रेस के बीच ही टक्कर है। गुजरात के चुनाव का इतिहास देखा जाय, 3 मौके पर राज्य के बड़े नेताओं ने एक दल बनाकर अपनी राजनीतिक किस्मत आजमाई है। लेकिन चिमन भाई पटेल, शंकर सिंह बघेला, केशूभाई पटेल जैसे नेता 10 का आंकड़ा नहीं पार कर पाए। अभी जो मुझे जमीनी चित्र दिखाई देता है, वहां सीधा भाजपा-कांग्रेस का मुकाबला है। पिछले अलग-अलग चुनावों को देखा जाय तो 26 लोकसभा सीटें भाजपा ने जीती, गुजरात के जिला पंचायत, म्युनिसिपल कॉरपोरेशन में भाजपा का शासन है। हमने 98 फीसदी चुनाव जीते, इस बार भी रिकॉर्ड मतों से जीतेंगे और 129 से ज्यादा सीटें जीतेंगे। गुजरात के अलावा हिमाचल और एमसीडी में भी भाजपा ही जीतेगी।

राहुल की कांग्रेस भारत जोड़ो यात्रा और उनकी सद्दाम से तुलना और उनका वीर सावरकर पर बयान

देखिए मैं तो हमेशा से परिश्रम समर्थक रहा हूं, कोई परिश्रम करे इसका स्वागत है। परिश्रम से परिणाम मिलते हैं, लेकिन परिणाम तब मिलते हैं, जब वह सार्थक हो। जहां तक सद्दाम मुद्दे की बात है, तो उसे तूल नहीं देना चाहिए। चुनाव के दौरान इस तरह की कई बातें होती हैं, लेकिन मेरा यही कहना है कि इस मुद्दे को तूल नहीं देना चाहिए।

रही बात उनके वीर सावरकर के बयान की, तो ऐसे भद्दी और ओछी टिप्पणी करने का हक नहीं है। जो लोग उन पर टिप्पणी कर रहे हैं वह अगर उस जेल में 10 दिन भी बिता पाएं, जहां पर वीर सावरकर ने 10 साल बिताए थे, तो वह टिप्पणी करें। देश के 130 करोड़ लोगों ने स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें वीर की उपाधि दी।

टाइम्स नाउ नवभारत
टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलauthor

अक्टूबर 2017 में डिजिटल न्यूज़ की दुनिया में कदम रखने वाला टाइम्स नाउ नवभारत अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। अपने न्यूज चैनल टाइम्स नाउ नवभारत की सोच एवं नजरिए के साथ आगे बढ़ते हुए यह न्यूज़ प्लेटफॉर्म आम लोगों से जुड़े मुद्दों का गहराई से विश्लेषण एवं उसे आसान भाषा में पेश करता आया है। राजनीति से लेकर खेल, मनोरंजन, कारोबार और आम लोगों के जीवन पर असर डालने वालीं खबरों का मायने समझाते हुए यह डिजिटल प्लेटफॉर्म लोगों के भरोसे पर खरा उतरा है। \n\nसाथ ही यह अपने न्यूज़ चैनल पर दिखाए जाने वाली खबरों, शोज, स्पशेल कार्यक्रमों एवं रिपोर्टों को पेश करता है। चैनल के ये कार्यक्रम एवं शोज देश-दुनिया के घटनाक्रमों पर एक नया एवं विश्वसनीय नजरिया देते हैं। अपनी खबरों एवं विश्लेषण के चलते पसंदीदा न्यूज़ प्लेटफॉर्म बन चुका टाइम्स नाउ नवभारत, डिजिटल लोगों के भरोसे को लगातार मजबूत कर रहा है।

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!

संबंधित खबरें