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अफजाल अंसारी की आपराधिक अपील पर आज भी होगी सुनवाई, जानें क्या है पूरा माजरा

Afzal Ansari Case Hearing Today: अफजाल अंसारी की आपराधिक अपील पर सुनवाई आज यानी बुधवार को भी जारी रहेगी। इलाहाबाद उच्च न्यायालय का निर्णय गाजीपुर लोकसभा सीट से अफजाल की उम्मीदवारी को प्रभावित कर सकता है जहां से वह समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में हैं।

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अफजाल अंसारी का क्या होगा?

Photo : Times Now Digital

Court News: इलाहाबाद उच्च न्यायालय गाजीपुर से सांसद अफजाल अंसारी की आपराधिक अपील पर बुधवार को भी सुनवाई करेगा। अंसारी ने गाजीपुर की एक अदालत द्वारा गैंगस्टर कानून के तहत एक मामले में सुनाई गई सजा को उच्च न्यायालय में चुनौती दी है। उच्च न्यायालय का निर्णय गाजीपुर लोकसभा सीट से अफजाल की उम्मीदवारी को प्रभावित कर सकता है जहां से वह समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में हैं।

तो चुनाव लड़ने के अयोग्य हो जाएंगे अफजाल अंसारी

यदि उच्च न्यायालय निचली अदालत के फैसले को सही ठहराता है तो अफजाल चुनाव लड़ने के अयोग्य हो जाएंगे। गाजीपुर में एक जून को मतदान है। यह मामला भाजपा सांसद कृष्णानंद राय की 2005 में हुई हत्या के बाद अफजाल के खिलाफ दर्ज किया गया था। मंगलवार को अफजाल अंसारी के वकील वरिष्ठ अधिवक्ता जी एस चतुर्वेदी और उपेन्द्र उपाध्याय ने दलील दी कि कृष्णानंद राय हत्या मामले में कुल सात आरोपी थे, लेकिन अफजाल अंसारी और इनके भाई मुख्तार समेत केवल तीन लोगों के खिलाफ गैंगस्टर कानून के तहत मामला दर्ज किया गया। ये तीनों राजनीतिक रूप से सक्रिय थे।

राज्य सरकार के वकीलों की दलीलें सुनेगा हाईकोर्ट

अफजाल के वकीलों ने कहा कि इसके अलावा, इन लोगों को कृष्णानंद राय हत्या मामले में बरी किया जा चुका है। उनका कहना था कि जब मुख्य मामले में इन्हें बरी कर दिया गया तो बाद में लगाए गए गैंगस्टर मामले में इन्हें दोषी करार नहीं दिया जा सकता। उनके मुताबिक इसके अलावा, दोनों ही मामलों में गवाह समान हैं। अपीलकर्ता के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह ने बुधवार को इस मामले में सुनवाई जारी रखने का निर्देश दिया। अब उच्च न्यायालय राज्य सरकार के वकीलों की दलीलें सुनेगा।

गैंगस्टर कानून के मामले में दिया था दोषी करार

मौजूदा आपराधिक अपील के साथ ही यह अदालत इसी मामले में अफजाल की सजा बढ़ाने की राज्य सरकार और कृष्णानंद राय के बेटे पीयूष राय की अपील पर भी सुनवाई कर रही है। गाजीपुर की ‘एमपी-एमएलए’ अदालत ने 29 अप्रैल, 2023 को अफजाल को गैंगस्टर कानून के मामले में दोषी करार दिया था और उसे चार साल की जेल की सजा सुनाई थी एवं एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था। इस अदालत ने अफजाल के भाई मुख्तार अंसारी को भी दोषी करार देते हुए उसे 10 वर्ष की जेल की सजा सुनाई थी। इसके बाद, अफजाल सांसद के तौर पर अयोग्य हो गए जिसके बाद उन्होंने उच्च न्यायालय में मौजूदा आपराधिक अपील दायर की।

सुप्रीम कोर्ट ने दोषसिद्धि पर लगा दी थी रोक

उच्च न्यायालय ने 24 जुलाई, 2023 को पांच बार के विधायक और दो बार के सांसद अफजाल को जमानत दे दी, लेकिन इस मामले में उनकी दोषसिद्धि पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। इसके परिणाम स्वरूप उनकी सांसदी बहाल नहीं हुई। साथ ही वह भविष्य में चुनाव लड़ने के अयोग्य हो गए क्योंकि उन्हें सुनाई गई सजा दो वर्ष से अधिक की थी।

बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी दोषसिद्धि पर रोक लगा दी जिसके परिणाम स्वरूप उनकी सांसदी बहाल हो गई और वह लोकसभा चुनाव लड़ने के योग्य हो गए। सुप्रीम कोर्ट ने उच्च न्यायालय में लंबित आपराधिक अपील पर तेजी से सुनवाई करने और 30 जून तक इस पर निर्णय करने का निर्देश दिया।

(इनपुट- भाषा)

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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