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PM Modi के शपथ ग्रहण में कौन-कौन होगा शामिल? राष्ट्राध्यक्षों के अलावा मजदूर, ट्रांसजेंडर्स और सफाई कर्मचारियों को भी न्यौता!

PM Modi Oath ceremony: पीएम मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने वाले कई लाभार्थी, 'विकसित भारत' के ब्रांड एंबेसडर, सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट में काम कर रहे श्रमिक, वंदे भारत ट्रेन और इस तरह की अन्य कई परियोजनाओं से जुड़े श्रमिक, ट्रांसजेंडर्स, सफाई कर्मचारी, स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कर्मचारी भी शामिल हो सकते हैं।

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पीए मोदी के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर काफी जोरों-शोरों से तैयारियां की जा रही हैं

Photo : Twitter

PM Modi Oath ceremony: भारत में हुए आम चुनाव में एनडीए को स्पष्ट बहुमत मिला है। हालांकि, बीजेपी बहुमत के जादुई आंकड़े को पार नहीं कर पाई। ऐसे में भारतीय जनता पार्टी अपने सहयोगी दलों के साथ सरकार बनाने की तैयारी कर रही है। सरकार गठन को लेकर बुधवार को हुई बैठक में एनडीए के सभी दलों ने एक बार फिर से पीएम नरेंद्र मोदी को अपना नेता चुना है, जिसके बाद उनका लगातार तीसरी बाद प्रधानमंत्री बनना तय माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी 9 जून को शपथ लेंगे, इसको लेकर तैयारिंया भी तेज कर दी गई हैं। हालांकि, अभी तक इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

रिपोर्ट्स की मानें तो पीएम मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में भारत के पड़ोसी देशों के राष्ट्राध्यक्षों को आमंत्रित किया गया है। इसमें नेपाल, भूटान, बांग्लादेश, मालदीव और श्रीलंका जैसे देश शामिल हैं। सबसे चौंकाने वाला नाम मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू का है। दरअसल, बीते दिनों भारत और मालदीव के रिश्तों में तनाव देखा गया है। रिपोर्टस की मानें तो पीएम मोदी ने मुइज्जू से खुद बातकर उन्हें शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने का न्यौता दिया है।

श्रमिक, ट्रांसजेंडर्स और सफाई कर्मचारी भी शामिल

बताया जा रहा है कि शपथ ग्रहण समारोह में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने वाले कई लाभार्थी, 'विकसित भारत' के ब्रांड एंबेसडर, सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट में काम कर रहे श्रमिक, वंदे भारत ट्रेन और इस तरह की अन्य कई परियोजनाओं से जुड़े श्रमिक, ट्रांसजेंडर्स, सफाई कर्मचारी, स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कर्मचारी भी शामिल हो सकते हैं। हालांकि, अभी तक इसको लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।

आज होगी एनडीए संसदीय दल की बैठक

संसद भवन परिसर में आज राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सभी सांसदों की बैठक होने वाली है, जिसमें औपचारिक तौर पर पीएम मोदी को संसदीय दल का नेता घोषित किया जाएगा। बैठक में भाजपा और सहयोगी दलों के सभी सांसद शामिल होंगे। भाजपा एवं सहयोगी दलों के सांसदों के साथ-साथ, एनडीए के सहयोगी दलों के प्रमुख, भाजपा शासित सभी राज्यों के मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री, विभिन्न राज्यों से जुड़े भाजपा के वे नेता जो विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं और भाजपा के कई अन्य बड़े नेता भी बैठक में मौजूद रह सकते हैं। इससे पहले भाजपा के कई सहयोगी दल अपने-अपने सांसदों के साथ अलग-अलग बैठक करेंगे और इसके बाद सभी एनडीए की बैठक के लिए संसद भवन रवाना हो जाएंगे। एनडीए के नेता आज ही राष्ट्रपति भवन जाकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के सामने सरकार बनाने का दावा भी पेश करेंगे।

(IANS एजेंसी इनपुट)

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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