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मथुरा-काशी में बनेगा मंदिर, भारत का होगा पीओके; CM हिमंत ने बताया 400 सीटें जीतकर क्या-क्या करेगी BJP

BJP Plan After Win 400 Seats: लोकसभा चुनाव के नतीजों में 4 जून को केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाले NDA को सत्ता में वापस लाने की अपील करते हुए असम के सीएम ने कहा कि 'मोदी जी को 400 सीटें दें, हम मथुरा में भगवान कृष्ण के जन्मस्थान और काशी (वाराणसी) के ज्ञानवापी मस्जिद में मंदिर बनाएंगे।'

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हेमंत बिस्वा सरमा, मुख्यमंत्री, असम।

Photo : Twitter

Lok Sabha Election: भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव 2024 के लिए 370 से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है, साथ ही NDA के लिए 400+ का टारगेट सेट किया गया है। भाजपा के कई दिग्गज ये दावा भी कर रहे हैं कि उनकी पार्टी निश्चित तौर पर 400 प्लस सीटों पर जीत हासिल करेगी। हालांकि ये दावे हकीकत बनते हैं या नहीं, ये तो आगामी 4 जून को ही पता चलेगा। इसी बीच असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने काशी और मथुरा में मंदिर बनवाने की बात कही है और इसके लिए 400 सीटों पर जीत दिलाने की शर्त रखी है।

हिमंत बिस्वा सरमा ने काशी-मथुरा पर किया बड़ा दावा

ज्ञानवापी और कृष्ण जन्मभूमि मामलों के समाधान के लिए भाजपा के संकल्प का जिक्र करते हुए, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि अगर उनकी पार्टी अपने 400 प्लस के लक्ष्य को पूरा करती है तो यह मथुरा में भगवान कृष्ण के जन्मस्थान और वाराणसी में मस्जिद क स्थान पर मंदिर का निर्माण कराएगी। झारखंड के बोकारो में भाजपा उम्मीदवार ढुल्लो महतो के पक्ष में जनसभा को संबोधित करते हुए, असम के सीएम ने 2019 के लोकसभा चुनावों में 300 से अधिक सीटें जीतने पर पार्टी की उपलब्धियां गिनाईं।

300 प्लस सीटें जीतकर बनाया राम मंदिर- हिमंत

उन्होंने कहा कि '2019 में 300 सीटें हासिल करने के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुनिश्चित किया कि अयोध्या में राम मंदिर बने, जिससे हिंदुओं का दिल जीत सके। हमने राम लला को अस्थायी तंबू से मुक्त किया। हमने अयोध्या में राम लला की भव्य 'प्राण प्रतिष्ठा' का आयोजन किया, जब आपने हमें 300 सीटें दीं, तो पीएम मोदी ने पूर्ववर्ती राज्य में शांति बहाल की, जम्मू-कश्मीर में धारा 370 का अंत किया। सरमा ने आगे कहा कि अल्पसंख्यक हिंदुओं मुस्लिम बहुल पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से सीएए के माध्यम से नागरिकता दी जाएगी। असम के सीएम ने 400 प्लस जीतने पर भाजपा के प्लान का जिक्र किया।

काशी और मथुरा में मंदिर बनाने का किया दावा

4 जून को केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए को सत्ता में वापस लाने की अपील करते हुए असम के सीएम ने कहा, 'मोदी जी को 400 सीटें दें, हम मथुरा और काशी में मंदिर बनाएंगे।' उन्होंने कहा कि 'हमारा काम अभी भी अधूरा है। आज भी, कृष्ण जन्मभूमि पर, एक शाही ईदगाह है। ज्ञानवापी मंदिर के स्थान पर, एक ज्ञानवापी मस्जिद है। मोदी जी को 400 सीट दीजिए, हमें कृष्ण की जन्मभूमि भी बनानी है और ज्ञानवापी मंदिर भी बनाना है। पीएम मोदी को 400 सीटें दें, क्योंकि हमें कृष्ण जन्मभूमि और ज्ञानवापी मस्जिद में मंदिर बनाने के अपने अधूरे कार्यों को पूरा करना है।

'400 सीटें जीतकर पीओके को वापस भारत में लाएंगे'

पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर का जिक्र करते हुए असम के मुख्यमंत्री ने कहा, 'कश्मीर के दो हिस्से हैं, एक जो पाकिस्तान के पास है और दूसरा जो भारत के पास है। मोदी जी को 400 सीटें दें और देखें कि हम पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर को वापस ले सकें और कश्मीर भारत को वापस मिलेगा। वह (पीएम मोदी) भारत को 'विश्वगुरु' और दुनिया की सबसे अच्छी अर्थव्यवस्था भी बनाएंगे।'

CM हिमंत ने कांग्रेस और जेएमएम पर किया कटाक्ष

कांग्रेस, जेएमएम और इंडिया ब्लॉक पर कटाक्ष करते हुए सरमा ने दावा किया कि विपक्ष को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरी बार सत्ता में लौटने से कोई समस्या नहीं है, लेकिन वे एनडीए को 400 सीटें जीतते नहीं देख सकते। उन्होंने कहा कि 'कांग्रेस, जेएमएम और इंडिया ब्लॉक हमसे पूछते हैं कि पीएम मोदी 400 सीटें क्यों चाहते हैं। अगर हमें 300 सीटें मिलती हैं तो उन्हें कोई समस्या नहीं है और अगर नरेंद्र मोदी फिर से पीएम बनते हैं तो उन्हें कोई समस्या नहीं है। उनकी समस्या यह है कि क्यों मोदी जी 400 सीटें चाहते हैं, वे बस यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि पीएम मोदी को 400 सीटें न मिलें।'

धर्मांतरण पर झामुमो नीत गठबंधन सरकार चुप: हिमंत

सीएम हिमंत ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की अगुवाई वाले सत्तारूढ़ गठबंधन पर बुधवार को राज्य में ईसाई मिशनरियों द्वारा कथित रूप से कराये जा रहे धर्मांतरण पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया। उन्होंने राज्य सरकार पर हिंदू अधिकारों की रक्षा के लिए कुछ नहीं करने का भी आरोप लगाया। सरमा ने बोकारो में एक चुनाव रैली को संबोधित करते हुए कहा, 'झारखंड में ईसाई मिशनरी धर्मांतरण को लेकर सक्रिय हैं लेकिन वर्तमान सरकार इस पर चुप है। यह सरकार हिंदू अधिकारों की रक्षा करने में विफल रही है।' उन्होंने आरोप लगाया कि ‘भ्रष्ट’ गठबंधन बस तुष्टिकरण की राजनीति में लगा है।

भाजपा नेता ने दावा किया कि घुसपैठ से देश की जनसांख्यिकी बदल रही है। उन्होंने कहा, 'पहले असम, फिर पश्चिम बंगाल एवं बिहार और अब झारखंड में घुसपैठ होने लगी है। वे आदिवासी लड़कियों से शादी कर रहे हैं और बस रहे हैं। मैं झामुमो नेताओं से कहना चाहता हूं कि भले वे जो कहना चाहे, वे कहें, लेकिन यदि आप भारत में राजनीति करना चाहते हैं तो आपको जय श्री राम कहना होगा।'

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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