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राजस्थान के बाड़मेर में बड़ा हादसा, IAF का मिग-29 फाइटर जेट क्रैश, पायलट सुरक्षित

MiG 29 Crash in Rajasthan: राजस्थान के बाड़मेर से बड़ी खबर सामने आई है। यहां सेना का विमान मिग-29 क्रैश हो गया। गनीमत की बात यह है कि प्लेन क्रैश होन से पहले दोनों पायलट इजेक्ट कर गए थे।

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राजस्थान में मिग 29 प्लेन क्रैश।

Photo : Twitter

MiG 29 Crash in Rajasthan: राजस्थान के बाड़मेर में बड़ा हादसा हुआ है। यहां भारतीय वायुसेना का MiG 29 फाइटर जेट क्रैश हो गया। बताया जा रहा है कि यह घटना बाड़मेर के उत्तरलाई एयरफोर्स स्टेशन के पास हुई। बताया जा रहा है कि Mig 29 उड़ा रहे पायलट क्रैश से पहले ही इजेक्ट कर गए और सुरक्षित हैं। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, तकनीकी खराबी के कारण जेट दुर्घटना का शिकार हुआ और जोरदार धमाके साथ प्लेन में आग लग गई।

गनीमत यह रही विमान क्रैश की घटना आबादी इलाके में नहीं हुई और विमान सूनसान इलाके में जाकर गिरा, जिससे जान-माल का ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। घटना के बाद बाड़मेर जिला कलेक्टर निशांत जैन, एसपी नरेंद्र सिंह मीणा सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं।

वायुसेना ने जारी किया बयान

इस घटना के बाद वायुसेना ने बयान भी जारी किया है। इसमें कहा गया है कि बाड़मेर सेक्टर में एक नियमित रात्रि प्रशिक्षण के दौरान मिग-29 में तकनीकी खराबी आ गई, जिस कारण पायलट को विमान बाहर निकलना पड़ा। पायलट सुरक्षित है और किसी भी तरह का जान-माल के नुकसान नहीं हुआ। इस घटना के बाद वायु सेना ने कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दिए हैं।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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