Farooq Abdullah : जम्मू कश्मीर के गांदरबल जिले में हुए आतंकी हमले पर नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के नेता फारूक अब्दुल्ला ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है। अब्दुल्ला ने सोमवार को कहा कि वह पाकिस्तान के नेतृत्व से कहना चाहते हैं कि भारत के साथ यदि वे अच्छे रिश्ते चाहते हैं तो उन्हें इस पर रोक लगानी होगी। एनसी नेता ने कहा कि 'कश्मीर पाकिस्तान नहीं बनेगा।' आतंकवाद को खत्म करने का समय आ गया है, अगर यह नहीं रुका तो परिणाम बहुत गंभीर होंगे। फारूक ने कहा कि निर्दोष लोगों की हत्याएं अगर होती रहीं तो बातचीत कैसे हो सकती है?
फारूक ने पूछा-जान लेकर आतंकियों को क्या मिला?
फारूक ने कहा, 'निर्दोष लोगों पर यह हमला बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। गैर-कश्मीरी श्रमिकों और एक डॉक्टर की जान गई है। इनकी जान लेकर आतंकियों को क्या मिला? क्या आतंकवादी सोचते हैं कि वे यहां पाकिस्तान बना पाएंगे...हम आगे बढ़ने के लिए इन सब चीजों को खत्म करना चाहते हैं।'
...तो परिणाम बहुत बरे होंगे
एनसी नेता ने कहा कि वह पाकिस्तान के नेतृत्व से कहना चाहते हैं कि 'यदि वे भारत के साथ अच्छे रिश्ते चाहते हैं तो उन्हें इन सब पर रोक लगानी होगी। कश्मीर पाकिस्तान नहीं बनेगा। हमें मर्यादा के साथ रहने और आगे बढ़ने दें। वह 75 साल में यहां पाकिस्तान नहीं बना सके तो अब यह कैसे संभव है? समय आ गया है कि पाकिस्तान आतंकवाद पर रोक लगाए नहीं तो परिणाम बहुत गंभीर होंगे। निर्दोष लोगों की हत्या अगर होती रही तो बातचीत कैसे हो सकती है?'
दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा-शाह
बता दें कि रविवार को श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक सुरंग निर्माण स्थल पर आतंकवादियों की अंधाधुंध गोलीबारी में एक चिकित्सक और छह मजदूरों की मौत हो गई। इस आतंकवादी हमले की निंदा करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि इस जघन्य कृत्य में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें सुरक्षा बलों की कठोरतम कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। शाह ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, ‘जम्मू कश्मीर के गगनगीर में नागरिकों पर किया गया नृशंस आतंकवादी हमला कायरना हरकत है। इस जघन्य कृत्य में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें हमारे सुरक्षा बलों की कठोरतम कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।’
अधिकारियों ने बताया कि अज्ञात आतंकवादियों ने यह हमला उस समय किया जब गांदरबल के गुंड में सुरंग परियोजना पर काम कर रहे मजदूर और अन्य कर्मचारी देर शाम अपने शिविर में लौट रहे थे।
