Electoral Bonds: चुनाव आयोग ने इलेक्टोरल बॉन्ड से जुड़ा नया डेटा अपनी वेबसाइड पर अपलोड किया है। चुनाव आयोग की ओर से कहा गया है कि चुनावी बांड पर सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री से डिजीटल रूप में प्राप्त डेटा को वेबसाइट पर अपलोड किया गया है। हालांकि, अभी यह जानकारी नहीं मिल पाई है कि यह डेटा 14 मार्च को अपलोड हुए डेटा से कितना अलग है।
बता दें, चुनाव आयोग को ने जो डेटा वेबसाइट पर अपलोड किया है, वो राजनीतिक दलों की ओर से सुप्रीम कोर्ट में सील्ड कवर लिफाफे में जमा किया गया था। यह वह आंकड़ा है, जो चुनाव आयोग को कल ही सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री से मिला था। कोर्ट ने यह डेटा 17 मार्च शाम 5 बजे तक अपलोड करने का आदेश दिया था। इसके साथ ही कोर्ट ने इस डेटा को डिजिटल फॉर्म में अपने पास रख लिया है।
14 मार्च को भी अपलोड किया था डेटा
बता दें, चुनाव आयोग ने 14 मार्च को भी चुनावी बॉन्ड से जुड़ा डेटा अपनी वेबसाइट पर अपलोड किया था। यह डेटा एसबीआई की ओर से उसे सौंपा गया था। आयोग ने 14 मार्च को अपनी वेबसाइट पर 763 पेजों की दो लिस्ट अपलोड की थी। इसमें एक में बॉन्ड खरीदने वालों की जानकारी थी, दूसरी लिस्ट में उन राजनीतिक दलों के नाम थे, जिन्हें बॉन्ड मिले हैं। हालांकि, इस डेटा में यह जानकारी नहीं थी कि किस कंपनी ने किस राजनीतक दल को चंदा दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस
एसबीआई की ओर से चुनाव आयोग को दिए गए डेटा में यूनीक अल्फा न्यूमेरिक नंबर्स का खुलासा नहीं किया गया था। इससे यह जानकारी सामने नहीं आ पाई थी कि किस फर्म ने किस राजनीतिक दल को कितना चंदा किया। इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट ने 15 मार्च को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को नोटिस जारी कर 18 मार्च तक जवाब देने को कहा है। बता दें, सुप्रीम कोर्ट ने इलेक्टोरल बॉन्ड योजना को असंवैधानिक करार दिया है।
