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मतगणना से पहले चुनाव आयोग की अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस आज, मतदान प्रतिशत को लेकर दे सकता है बड़ी जानकारी

Election Commission Press Conference Today: शायद ऐसा पहली बार होने जा रहा जब निर्वाचन आयोग मतदान खत्म होने के बाद इस तरह की प्रेस कॉफ्रेंस आयोजित कर रहा है। पिछले लोकसभा चुनाव तक, उप चुनाव आयुक्त प्रत्येक चरण के मतदान के बाद मीडिया ब्रीफिंग करते थे लेकिन अब यह प्रथा समाप्त कर दी गई है।

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चुनाव आयोग

Election Commission Press Conference Today: लोकसभा चुनाव संपन्न हो चुके हैं। एग्जिट पोल के आंकड़े भी समाने आ गए हैं। अब इंतजार है तो बस 4 जून का, जब चुनाव आयोग आम चुनाव के अंतिम नतीजे जारी करेगा। इसके बाद साफ हो जाएगा कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी सरकार में बनी रहती है, या फिर इंडिया गठबंधन बाजी मारता है। हालांकि, कल होने वाली मतगणना से पहले चुनाव आयोग ने आज एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की है। जानकारी के मुताबिक, दोपहर 12:30 बजे चुनाव आयोग की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी, उम्मीद की जा रही है कि इस दौरान आयोग मतदान प्रतिशत से लेकर मतगणना को लेकर कुछ अहम ऐलान कर सकता है।

शायद ऐसा पहली बार होने जा रहा जब निर्वाचन आयोग मतदान खत्म होने के बाद इस तरह की प्रेस कॉफ्रेंस आयोजित कर रहा है। निर्वाचन आयोग द्वारा मीडिया को भेजे गए आमंत्रण में कहा गया है,लोकसभा चुनाव 2024 पर निर्वाचन आयोग द्वारा संवाददाता सम्मेलन। पिछले लोकसभा चुनाव तक, उप चुनाव आयुक्त प्रत्येक चरण के मतदान के बाद मीडिया ब्रीफिंग करते थे लेकिन अब यह प्रथा समाप्त कर दी गई है। ऐसे में सभी राजनीतिक दलों की नजरें आज चुनाव आयोग पर टिकी हैं। बता दें, यह प्रेस कॉन्फ्रेंस तब बुलाई गई है, जब रविवार को भारतीय जनता पार्टी और इंडिया गठबंधन के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात कर उनके सामने कुछ मांग रखी थी।

जयराम रमेश के दावे पर निर्वाचन आयोग सख्त

निर्वाचन आयोग ने रविवार को कांग्रेस नेता जयराम रमेश से उनके उस दावे को लेकर तथ्यात्मक विवरण मांगा जिसमें उन्होंने कहा था कि चार जून को होने वाली लोकसभा चुनाव की मतगणना से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 150 जिला अधिकारियों और कलेक्टरों से फोन करके बात की है। कांग्रेस नेता को भेजे गए पत्र में आयोग ने कहा है कि वह रविवार शाम सात बजे तक अपने दावों का विवरण साझा करें। निर्वाचन आयोग ने एक जून को एक्स पर किए गए जयराम रमेश के पोस्ट का हवाला दिया जिसमें उन्होंने दावा किया था कि निवर्तमान गृह मंत्री जिला अधिकारियों/कलेक्टरों को फोन कर रहे हैं। अब तक उन्होंने इनमें से 150 से बात की है। यह खुलेआम और निर्लज्ज तरीके से धमकी देना है जो दिखाता है कि भाजपा कितनी हताश है।

एग्जिट पोल में भाजपा सरकार

उधर, 1 जून को खत्म हुए मतदान के बाद तमाम सर्वे एजेंसियों की ओर से एग्जिट पोल जारी किए गए हैं। इनमें लगातार तीसरी बार भाजपा सरकार बनती दिखाई दे रही है। वहीं, इंडिया गठबंधन को बड़ा नुकसान हो रहा है। अलग-अलग एग्जिट पोल में एनडीए को 350 से ज्यादा सीटें मिलने का दावा किया गया है। हालांकि, इंडिया गठबंधन ने इन एग्जिट पोल्स को मानने से इंकार कर दिया है। विपक्षी नेताओं का दावा है कि इंडिया गठबंधन इस चुनाव में 295 सीटें जीतेगा।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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