Delhi Liquor Policy Case: दिल्ली शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अब आम आदमी पार्टी के विधायक दुर्गेश पाठक को तलब किया है। दुर्गेश पाठक गोवा विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी के इंचार्ज थे। बता दें, इस केस में एजेंसी पहले भी दुर्गेश पाठक से पूछताछ कर चुकी है। ईडी ने आरोप लगाया है कि शराब घोटाले में साउथ लॉबी से मिले 100 करोड़ रुपये किकबैक में से 45 करोड़ रुपये गोआ एसेम्बली एलेक्शन में खर्च किये गए। ये पैसा मुम्बई के एक हवाला कारोबारी के जरिये गोवा पहुंचाया गया था।
बता दें, दुर्गेश पाठक राजिंदर नगर से विधायक हैं और 2012 में दिल्ली के रामलीला मैदान में आप के गठन के बाद से ही पार्टी से जुड़े हुए हैं। दुर्गेश पाठक को समन के बाद आम आदमी पार्टी ने आशंका जताई है कि ईडी उन्हें भी गिरफ्तार कर सकती है। बता दें, दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी पहले भी एक प्रेस कांफ्रेंस में कह चुकी हैं कि ईडी दुर्गेश पाठक की गिरफ्तारी कर सकती है।
केजरीवाल के पीए से भी पूछताछ
दूसरी तरफ, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निजी सहायक (पीए) बिभव कुमार से भी ईडी ने पूछताछ की है। यह पूछताछ आबकारी नीति से जुड़े धनशोधन मामले में सोमवार को की गई। अधिकारियों ने बताया कि बिभव कुमार का बयान धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत दर्ज किया गया है।
केजरीवाल के खिलाफ याचिका पर कोर्ट ने लगाई फटकार
उधर, दिल्ली उच्च न्यायालय ने अरविंद केजरीवाल को सीएम पद से हटाए जाने की मांग वाली याचिका पर फटकार लगाई है। अदालत ने टिप्पणी की कि अरविंद केजरीवाल को मुख्यमंत्री पद से हटाने का अनुरोध करने वाली याचिका प्रचार के लिए दायर की गई थी और याचिकाकर्ता भारी जुर्माना लगाए जाने का हकदार है। न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व विधायक संदीप कुमार द्वारा दायर याचिका को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन की अदालत के पास भेजते हुए यह टिप्पणी की, जहां पहले इसी तरह की याचिकाओं पर सुनवाई की गई थी। उन्होंने कहा, कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश इसी तरह के मामलों को सूचीबद्ध कर चुके हैं और उनका निपटारा कर चुके हैं, इसलिए इस याचिका को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाए।
