Changur Baba News: उत्तर प्रदेश में जबरन धर्मांतरण रैकेट के मास्टरमाइंड और स्वयंभू धर्मगुरु छांगुर बाबा उर्फ जमालुद्दीन पर अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) का शिकंजा भी तेज हो गया है। आज ईडी ने छांगुर के धर्मांतरण रैकेट मामले की जांच तेज करते हुए यूपी और मुंबई में कई जगहों पर छापेमारी की।प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को 'छांगुर बाबा' से जुड़े धर्मांतरण रैकेट की मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत उत्तर प्रदेश और मुंबई में कई ठिकानों पर छापेमारी की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत बलरामपुर जिले में 12 और मुंबई में दो सहित कम से कम 14 परिसरों की तलाशी ली जा रही है। यह छापेमारी सुबह करीब 5 बजे केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की एक टीम के साथ शुरू की गई, जो ईडी अधिकारियों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए वहां मौजूद थी।
छांगुर का भतीजा सोहराब गिरफ्तार
अवैध धर्मांतरण गिरोह के मास्टरमाइंड छांगुर बाबा के करीबियों की मुश्किलें बढ़नी शुरू हो गई हैं। बुधवार देर रात एसटीएफ की टीम ने उतरौला में बड़ी कार्रवाई करते हुए उसके भतीजे सोहराब को हिरासत में ले लिया। बताया जा रहा है कि रात करीब 11 बजे एसटीएफ की टीम उतरौला बस अड्डा रोड पर पहुंची और एक बैंक के सामने खड़ी बाइक पर बैठे युवक से पूछताछ की। शुरुआती पूछताछ के बाद टीम ने युवक को हिरासत में ले लिया। बाद में पता चला कि कि ये शख्स कोई और नहीं बल्कि छांगुर बाबा का भतीजा सोहराब है।
सूत्रों के मुताबिक, सोहराब पर आजमगढ़ में संगठित रूप से धर्मांतरण कराने का गंभीर आरोप है। एसटीएफ उससे इस नेटवर्क से जुड़ी गतिविधियों और फंडिंग के स्रोतों को लेकर पूछताछ कर रही है। वही दूसरी तरफ फंडिंग के स्रोतों को जानने के लिए ईडी की छापेमारी भी चल रही है।
वहीं, बुधवार को अपने खिलाफ लगे आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए छांगुर बाबा ने दावा किया कि वह निर्दोष है और उसे कुछ नहीं पता है। छांगुर ने यह टिप्पणी उस समय की जब उसे उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधी दस्ते द्वारा मेडिकल जांच के लिए ले जाया जा रहा था। अपनी सहयोगी नसरीन के साथ चलते हुए उसने एएनआई से कहा, 'मैं निर्दोष हूं, मुझे कुछ नहीं पता...'।
अवैध धर्मांतरण रैकेट का मास्टरमाइंड
संघीय जांच एजेंसी ने हाल ही में जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा की गतिविधियों और वित्तीय विवरणों की जांच के लिए एक मामला दर्ज किया है, जो उत्तर प्रदेश में चल रहे एक अवैध धर्मांतरण रैकेट का कथित मास्टरमाइंड है। जलालुद्दीन बलरामपुर जिले का रहने वाला है और उसका असली नाम करीमुल्ला शाह है। जलालुद्दीन, उसके बेटे महबूब और उसके साथियों नवीन उर्फ जमालुद्दीन और नीतू उर्फ नसरीन को हाल ही में उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने गिरफ्तार किया था और वे फिलहाल जेल में बंद हैं। इससे पहले, ईडी ने कहा था कि जलालुद्दीन ने अपने और अपने साथियों से जुड़े 40 बैंक खातों में लगभग 106 करोड़ रुपये जमा किए थे, जिनमें से ज़्यादातर मध्य पूर्व से थे।
हिंदू महिलाओं और नाबालिगों को इस्लाम धर्म अपनाने पर करता था मजबूर
उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधी दस्ते द्वारा छांगुर बाबा और उसकी सहयोगी नीतू उर्फ नसरीन की गिरफ्तारी के बाद इस मामले ने सबका ध्यान खींचा है। जांच में उसके नेटवर्क का खुलासा हुआ है जो कमजोर लोगों, खासकर हिंदू महिलाओं और नाबालिगों को इस्लाम धर्म अपनाने के लिए मजबूर करने और निशाना बनाने में लगा हुआ था। ये धर्मांतरण धोखे, भावनात्मक हेरफेर और वित्तीय प्रलोभनों के जरिए किए गए थे।
40 बैंक खातों में कथित तौर पर 106 करोड़ रुपये जमा
इस मामले में बड़े पैमाने पर वित्तीय लेन-देन भी शामिल है। एटीएस और प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा की गई जांच से पता चला है कि छांगुर बाबा और उसके सहयोगियों से जुड़े लगभग 40 बैंक खातों में कथित तौर पर 106 करोड़ रुपये जमा किए गए थे। ये धनराशि कथित तौर पर विदेशी स्रोतों, मुख्य रूप से खाड़ी देशों और संभवतः पाकिस्तान से आई थी। जांचकर्ताओं को संदेह है कि इस धन का इस्तेमाल धर्मांतरण संबंधी गतिविधियों के लिए किया गया था।
बलरामपुर और पुणे में 100 करोड़ रुपये की संपत्ति
छांगुर बाबा पर बलरामपुर और पुणे में 100 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति अर्जित करने का भी आरोप है, जिसमें बिना उचित अनुमोदन के सरकारी भूमि पर बनाई गई संपत्तियां भी शामिल हैं। बलरामपुर में उसकी आलीशान हवेली, जिसका इस्तेमाल धर्मांतरण परामर्श और संबंधित गतिविधियों के केंद्र के रूप में किया जाता था, उसे जिला प्रशासन द्वारा बड़े पैमाने पर ध्वस्त कर दिया गया है। अधिकारियों ने छांगुर द्वारा स्वयं प्रकाशित शिजर-ए-तैय्यबा (Shijr-e-Tayyaba) नामक एक विवादास्पद ग्रंथ भी बरामद किया है, जिसका कथित तौर पर धर्म परिवर्तन और मनोवैज्ञानिक हेरफेर के लिए इस्तेमाल किया जाता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छांगुर बाबा के कार्यों को असामाजिक और राष्ट्र-विरोधी बताया है।
