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शराब नीति घोटाले के केजरीवाल ही 'सरगना', दिल्ली CM के रिमांड के लिए कोर्ट में ED की दलीलें

  • Written by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 22, 2024, 03:52 PM IST

Delhi Liquor Policy : पीएमएलए कोर्ट में दलीलें पेश करते हुए ईडी ने ने कहा कि आम आदमी पार्टी को 300 करोड़ रुपए दिए। यही नहीं मामले में आरोपी विजय नायर दिल्ली के सीएम का बहुत करीबी है। हैरान करने वाली बात यह है कि नायर के पास कोई पद नहीं है।

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राउज एवेन्यू कोर्ट में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल।

Photo : ANI

Delhi Liquor Policy : प्रवर्तन निदेशालय ने शुक्रवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को राउज एवन्यू कोर्ट में पेश किया। केजरीवाल को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने के लिए उसने कई दलीलें दीं। जांच एजेंसी ने कहा कि उसके पास मनी ट्रेल का साक्ष्य है जो यह बताता है कि शराब नीति घोटाले में 100 करोड़ रुपए की रिश्वत ली गई। ईडी ने कोर्ट को बताया कि शराब नीति मामले में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल भ्रष्टाचार के 'सरगना' हैं और नई शराब नीति के जरिए साउथ के एक कार्टेल को फायदा पहुंचाया गया और इसके बदले में उनसे पैसे लिए गए। इन पैसों को इस्तेमाल गोवा और पंजाब के चुनाव में हुआ। जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि गुरुवार रात जब उनके घर की तलाशी ली जा रही थी तो वह जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे।

विजय नायर दिल्ली के सीएम का काफी करीब-जांच एजेंसी

पीएमएलए कोर्ट में दलीलें पेश करते हुए ईडी ने ने कहा कि आम आदमी पार्टी को 300 करोड़ रुपए दिए। यही नहीं मामले में आरोपी विजय नायर दिल्ली के सीएम का बहुत करीबी है। हैरान करने वाली बात यह है कि नायर के पास कोई पद नहीं है। इसने बिचौलिए का काम किया। कारोबारियों ने केजरीवाल को कैश में पेमेंट दी और रिश्वत के लिए हवाला रूट का इस्तेमाल हुआ। नायर दिल्ली सरकार में कम्यूनिकेशन इकाई का प्रमुख हुआ करता था। बाद में इसे

हवाला के जरिए 45 करोड़ रु. गोवा भेजे-ED

जांच एजेंसी ने कहा कि रिश्वत के बदले शराब कारोबारियों को दिल्ली में ठेके मिले। यह 100 नहीं बल्कि 600 करोड़ रुपए का घोटाला है। हवाला के जरिए 45 करोड़ रुपए गोवा भेजे गए। गोवा के चुनाव में इस राशि का इस्तेमाल हुआ। मनीट्रेल का चैट वाला सबूत और बातचीत की सीडीआर हमारे पास है। सीडीआर के अलावा गवाहों के बयान भी हैं। केजरीवाल इस शराब घोटाले के सरगना हैं।

गिरफ्तारी का हक और जरूरत दो चीजें-सिंघवी

रिमांड का विरोध और केजरीवाल का पक्ष रखते हुए कांग्रेस नेता एवं वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट से कहा कि ईडी की दलीलें हवा-हवाई है। यह पूरा मामला मनगढ़त है। पहले लोगों को गिरफ्तार किया गया फिर दबाव डालकर उनसे बयान लिए गए। उन्हें सरकारी गवाह भी बनाया गया। केजरीवाल को रिमांड में नहीं भेजा जाना चाहिए। सिंघवी ने जोर देकर कहा कि गिरफ्तारी का हक और जरूरत दो अलग-अलग चीजें हैं।

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