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350 करोड़ रुपये का बैंक फ्रॉड; ED की दिल्ली, तमिलनाडु समेत कई जगह छापेमारी, इस कंपनी पर आरोप

मामला में पहले CBI ने FIR दर्ज की थी। FIR में HPCL और उसके डायरेक्टर्स अमुल गबरानी और अजय कुमार बिश्नोई पर आरोप है कि उन्होंने बैंकों से लिए गए लोन को अपनी अन्य कंपनियों और ग्रुप एंटिटीज में ट्रांसफर करके पैसों की हेराफेरी की।

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प्रवर्तन निदेशालय ने हाइथ्रो पावर कंपनी लिमिटेड पर कार्रवाई की। (Photo- PTI)

Hythro Power Corporation Ltd bank fraud case: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 350 करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड मामले में हाइथ्रो पावर कंपनी लिमिटेड (HPCL) और उसके डायरेक्टर्स के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ईडी गुरुग्राम जोन की टीमों ने बुधवार को दिल्ली-एनसीआर, चेन्नई और बेंगलुरु में कई ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया।

यह मामला CBI की उस FIR से जुड़ा है जो 4 फरवरी 2025 को दर्ज की गई थी। FIR में HPCL और उसके डायरेक्टर्स अमुल गबरानी और अजय कुमार बिश्नोई पर आरोप है कि उन्होंने बैंकों से लिए गए लोन को अपनी अन्य कंपनियों और ग्रुप एंटिटीज में ट्रांसफर करके पैसों की हेराफेरी की।

लगभग 350 करोड़ का फ्रॉड

इस फ्रॉड की कुल रकम लगभग 346.08 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसमें पंजाब नेशनल बैंक को 168.07 करोड़, आईसीआईसीआई बैंक को 77.81 करोड़, कोटक महिंद्रा बैंक को 44.49 करोड़ और यूनियन बैंक को 55.71 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

HPCL पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर में काम करती थी और 2009 से 2015 के बीच इसने बैंकों से भारी लोन लिया। लगातार डिफॉल्ट करने के बाद 31 मार्च 2015 को इसे NPA घोषित कर दिया गया और 2024 में बैंकों ने इस केस को फ्रॉड मानते हुए RBI को रिपोर्ट की।

इन कंपनियों में पैसा लगाने का आरोप

फॉरेंसिक ऑडिट में यह खुलासा हुआ कि कंपनी ने पैसों को अपनी ग्रुप कंपनियों जैसे अवध ट्रांसफॉर्मर्स प्रा. लि., जी.ई.टी. पावर प्रा. लि., रिवोल्यूशन इंफोकॉम प्रा. लि. और टेकप्रो इंजीनियरिंग प्रा. लि. के जरिए फर्जी लेन-देन कर Siphon (किसी कंपनी से कुछ समय तक अवैध रूप से धन लेना) कर लिया। कई एडवांस पेमेंट और इनवॉइस सालों तक वसूल नहीं किए गए और पैसों को गैरकानूनी तरीके से घुमाया गया।

इस फ्रॉड से बैंकों को भारी नुकसान हुआ है और उनकी वसूली लगभग नामुमकिन हो गई है। मामला न केवल बैंकों की वित्तीय हालत पर असर डालता है बल्कि कॉरपोरेट सेक्टर को दिए जाने वाले लोन पर भरोसे को भी कमजोर करता है। ईडी की जांच फिलहाल जारी है और आने वाले दिनों में और भी खुलासे हो सकते हैं।

Anuj Mishra
अनुज मिश्राauthor

अनुज मिश्रा भारत के अग्रणी क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव पत्रकारों में से एक हैं। वह वर्तमान में टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। पिछले करीब दो दशकों से अनुज मिश्रा ने अपराध, आंतरिक सुरक्षा और संगठित अपराध से जुड़े मामलों की गहन रिपोर्टिंग और संपादकीय नेतृत्व किया है। उन्होंने सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग, एनआईए और खुफिया एजेंसियों से संबंधित बड़ी और संवेदनशील खबरों को नज़दीकी से कवर किया है। अनुज मिश्रा की सबसे बड़ी ताक़त उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग है। हर बड़ी और अहम खबर में वह ग्राउंड ज़ीरो पर मौजूद रहकर घटनाओं की प्रत्यक्ष कवरेज करते रहे हैं। यही कारण है कि उनकी रिपोर्टिंग में जमीनी सच्चाई और तथ्य हमेशा साफ़ झलकते हैं। टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ने से पहले अनुज मिश्रा देश के कई बड़े टेलीविज़न न्यूज़ चैनलों के साथ काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने अपनी पत्रकारिता और एडिटोरियल स्किल्स से अलग पहचान बनाई। अनुज ने न केवल देश-विदेश की बड़ी खबरों को जनता तक पहुँचाया है, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति और सत्ता गलियारों से जुड़े घटनाक्रमों पर भी पैनी नज़र रखी है। उनकी पत्रकारिता शैली तथ्यपरक, इन्वेस्टिगेटिव और जमीनी हकीकत पर आधारित मानी जाती है। उन्होंने आतंकवाद, संगठित अपराध, ड्रग्स सिंडिकेट, हाई-प्रोफाइल जांच और सियासी घटनाक्रमों पर कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स की हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।

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