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मार्क्स कम है? घर नहीं मिलेगा- 12th में परसेंटेज कम होने पर बेंगलुरु में युवक को नहीं मिला मकान

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Apr 28, 2023, 09:54 PM IST

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे मैसेज के स्क्रीनशॉट से सारी कहानी साफ हो जा रही है। मैसेज में दिख रहा है कि एक युवक ब्रोकर को घर के लिए मैसेज करता है। उधर से लड़के का डॉक्यूमेंट मांगा जाता है। डॉक्यूमेंट में ट्विटर का प्रोफाइल, कंपनी का ज्वाइनिंग लेटर, आधार कार्ड, पैन कार्ड, 10th, 12th की मार्क्सशीट मांगा गया।

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मार्क्स कम होने पर नहीं मिला घर (प्रतीकात्मक फोटो- pixabay)

अभी तक मार्क्स कम होने की वजह से एडमिशन नहीं मिलता था, नौकरी नहीं मिलती थी, लेकिन अब घर भी नहीं मिल रहा है। घटना कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु की है।

मांगे गए ये कागजात

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे मैसेज के स्क्रीनशॉट से सारी कहानी साफ हो जा रही है। मैसेज में दिख रहा है कि एक युवक ब्रोकर को घर के लिए मैसेज करता है। उधर से लड़के का डॉक्यूमेंट मांगा जाता है। डॉक्यूमेंट में ट्विटर का प्रोफाइल, कंपनी का ज्वाइनिंग लेटर, आधार कार्ड, पैन कार्ड, 10th, 12th की मार्क्सशीट मांगा गया।

आगे क्या हुआ

इसके बाद युवक ने सारे कागजात भेज दिए। एक चीज और उससे मांगी गई थी कि अपने बारे में भी वो कुछ शब्दों में बताए। लड़के ने वो भी भेज दिया, इसके बाद भी वो घर उसे नहीं मिला, क्यों, इसके बारे में जो ब्रोकर ने बताया वो वायरल हो गया।

क्यों किया मना

युवक का सबकुछ सही था। पढ़ाई अच्छी थी, नौकरी अच्छी थी, लेकिन 12th क्लास में उसके नंबर कम थे, इतने भी कम नहीं थे, मकान मालिक के हिसाब से कम थे। मकान मालिक को चाहिए थे 90 प्रतिशत और लड़के को आए थे 75 प्रतिशत। बस यहीं पर लड़का मकान मालिक की नजर में फेल हो गया और घर उसके हाथ से निकल गया।

किसने किया शेयर

इस मामले को ट्विटर पर शुभ नाम के शख्स ने शेयर किया है। उसने मैसेज के स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा- "नंबर आपका भविष्य तय नहीं करते हैं, लेकिन यह निश्चित रूप से तय करते हैं कि आपको बंगलौर में फ्लैट मिलेगा या नहीं।"

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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