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अब हेलीकॉप्टर से जा सकेंगे वैष्णो देवी, जानें कब और कहां से होगी शुरू सेवा

Mata Vaishno Devi: वैष्णो देवी की यात्रा का प्लान बनाने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। जम्मू से माता वैष्णो देवी भवन तक सीधी हेलिकॉप्टर सेवा 18 जून से शुरू होगी। अधिकारियों के अनुसार, श्रद्धालुओं को मंदिर के पास पंछी हेलीपैड पर उतरने के बाद भवन ले जाया जाएगा।

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जम्मू से माता वैष्णो देवी भवन तक हेलीकॉप्टर सेवा।

Jammu Kashmir: जम्मू से रियासी जिले की त्रिकुटा पहाड़ियों में स्थित माता वैष्णो देवी के भवन गुफा मंदिर तक आने-जाने के लिए 18 जून से हेलीकॉप्टर सेवा शुरू होगी। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (एसएमवीडीबी) ने सोमवार को यह घोषणा की। यह कदम तीर्थयात्रा को सुव्यवस्थित करने और दुनिया भर से गुफा मंदिर में पूजा करने के लिए आने वाले भक्तों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के निरंतर प्रयासों के तहत उठाया गया है।

18 जून से शुरू होगी हेलीकॉप्टर सेवा

एसएमवीडीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अंशुल गर्ग ने कहा, 'बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए बोर्ड ने 18 जून से जम्मू से भवन तक सीधे हेलीकॉप्टर सेवाएं शुरू करने का निर्णय लिया है।' गर्ग ने कहा कि पैकेज के तहत भक्तों को बैटरी कार सेवा, प्राथमिकता पर दर्शन, प्रसाद और रोपवे सेवा सहित अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

उन्होंने कहा, 'ये सभी सुविधाएं एक पैकेज के रूप में दी जा रही हैं। लोग हमारी वेबसाइट के माध्यम से हेलीकॉप्टर सेवा की बुकिंग कर सकते हैं और सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं।' अधिकारियों के अनुसार, श्रद्धालुओं को मंदिर के पास पंछी हेलीपैड पर उतरने के बाद भवन ले जाया जाएगा।

हेलीकॉप्टर में सवार होने के लिए बैटरी कार

अधिकारियों ने बताया कि तीर्थयात्रियों को एक विशेष दर्शन पर्ची, प्रसाद, 'भैरव मंदिर' में पूजा करने के लिए प्राथमिकता टिकट, केबल कार और पंछी हेलीपैड पर पहुंचने और जम्मू हवाई अड्डे के लिए हेलीकॉप्टर में सवार होने के लिए बैटरी कार सेवा प्रदान की जाएगी। गौरतलब है कि वर्तमान में हेलीकॉप्टर सेवा केवल कटरा और सांझीछत के बीच ही उपलब्ध है।

रियासी जिले की त्रिकुटा पहाड़ियों में स्थित माता वैष्णो देवी गुफा मंदिर जम्मू और कश्मीर के सबसे पूजनीय स्थलों में से एक है। यहां प्रतिवर्ष लगभग एक करोड़ भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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