Delhi News: देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी के बाद बुधवार को अचानक खलबली मच गई। बच्चों के माता पिता की घबराहट सातवें आसमान पर थी और स्कूलों के टीचर्स और प्रिंसिपल ने तुरंत बच्चों को वापस घर भेज दिया। अब इस मामले में दिल्ली पुलिस ने सख्त एक्शन लिया है। जानकारी के अनुसार प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। आपको बताते हैं इस FIR में क्या कुछ कहा गया है।
प्राथमिकी में क्या कुछ कहा गया?
सूत्रों ने दावा किया है कि दिल्ली बम धमकियों के मामलों में प्राथमिकी दर्ज। आपराधिक साजिश, धमकी, वर्गों के बीच दुश्मनी पैदा करने जैसे आरोप लगाए गए। प्राथमिकी में कहा गया कि बड़े पैमाने पर दहशत पैदा करने, सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ने के लिए स्कूलों को बम की धमकी वाले मेल भेजे गए थे। वहीं दिल्ली पुलिस ने कहा कि स्कूलों में बम होने की धमकी वाले झूठे संदेशों पर विश्वास न करें।
कम से कम धमकी भरी 125 कॉल
दिल्ली के 100 से अधिक स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी संबंधी ईमेल भेजने का मकसद 'बड़े पैमाने पर दहशत पैदा करना और सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ना था।' दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ द्वारा दर्ज प्राथमिकी में यह दावा किया गया है। प्राथमिकी तक पहुंच रखने वाले आधिकारिक सूत्र के अनुसार बुधवार को सुबह 5:47 बजे से अपराह्न 2:13 बजे के बीच कई स्कूलों की तरफ से, बम धमकी मिलने के बारे में कम से कम 125 कॉल आईं। सूत्र ने कहा कि कॉल आने के बाद पुलिस नियंत्रण कक्ष (पीसीआर) वाहन स्कूल पहुंचे और जिला पुलिस, बम निरोधक दस्ता (बीडीएस), एमएसी, विशेष प्रकोष्ठ और अपराध नियंत्रण कक्ष, डीडीएमएस, एनडीआरएफ, ‘फायर कैट्स’ व अन्य एजेंसियों को सतर्क किया गया।पूरे शहर में की गई जांच-पड़ताल
सूत्र के अनुसार प्राथमिकी में कहा गया है कि स्कूलों की ओर इन इकाइयों की आवाजाही के कारण “काफी असुविधा हुई।” उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने एक "व्यापक अभ्यास" के तहत स्कूलों को खाली कराया और पूरे शहर में जांच-पड़ताल की। सूत्र ने कहा कि ये ईमेल स्पष्ट रूप से "बड़े पैमाने पर दहशत पैदा करने और सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ने के षड्यंत्रकारी इरादे से" भेजे गए थे। भारतीय दंड संहिता की धारा 505 (अफवाह फैलाना), 507 (गुमनाम संचार के माध्यम से आपराधिक धमकी) और 120 (बी) (आपराधिक षड़यंत्र के लिए सजा) के तहत विशेष प्रकोष्ठ थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
दिल्ली-एनसीआर के लगभग 200 स्कूलों को बुधवार को एक समान धमकी भरा ई-मेल मिला, जिसमें दावा किया गया था कि उनके परिसर में विस्फोटक लगा दिए गए हैं। इसके बाद बड़े पैमाने पर स्कूलों को खाली कराया गया और तलाशी ली गई जबकि घबराए हुए अभिभावक अपने बच्चों को लेने के लिए स्कूल पहुंच गए। अधिकारियों के तलाशी लेने के दौरान कुछ नहीं मिला, जिसके बाद उन्होंने इसे एक अफवाह घोषित किया।
दिल्ली पुलिस ने बताया अफवाह
स्कूलों में बम होने के बारे में कुछ व्हाट्सएप ग्रुप में किए जा रहे झूठे दावों पर संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस ने बृहस्पतिवार को कहा कि इन संदेशों में कोई सच्चाई नहीं है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे व्हाट्सएप ग्रुप पर सामने आए उन ऑडियो संदेशों पर विश्वास न करें जिनमें दिल्ली-एनसीआर के स्कूलों में बम होने के झूठे दावे किए गए हैं। दिल्ली पुलिस की ओर से बृहस्पतिवार को जारी एक बयान में कहा गया, 'व्हाट्सएप और अन्य चैट ग्रुप पर कुछ ऑडियो संदेश भेजे जा रहे हैं कि कुछ स्कूलों में कुछ संदिग्ध वस्तुएं पाई गईं हैं।'
बड़े स्तर पर मच गई अफरा-तफरी
बयान में कहा गया, 'ये संदेश झूठे हैं और इनमें कोई सच्चाई नहीं है। हम सभी से अनुरोध करते हैं कि कृपया अन्य लोगों को भी बताएं कि ये संदेश झूठे हैं।' दिल्ली-एनसीआर के लगभग 200 स्कूलों को बुधवार को एक समान धमकी भरा ई-मेल प्राप्त हुआ था, जिसमें दावा किया गया कि उनके परिसर में विस्फोटक रखे गए हैं। इससे बड़े स्तर पर अफरा-तफरी मच गई और घबराए हुए माता-पिता अपने बच्चों को लेने के लिए स्कूलों की ओर दौड़ पड़े। अधिकारियों की तलाशी के दौरान कुछ भी नहीं मिला जिसके बाद इसे अफवाह घोषित कर दिया गया।
दिल्ली के स्कूलों में बच्चों की कम उपस्थिति
करीब 200 स्कूलों में बम होने की अफवाह वाले ईमेल मिलने के एक दिन बाद शहर के शैक्षणिक संस्थानों में बच्चों की उपस्थिति कम देखी गई, वहीं प्राचार्यों ने भविष्य में ऐसी आपात स्थितियों के लिए निकासी योजनाओं की समीक्षा की। दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लगभग 200 स्कूलों को बुधवार को एक समान धमकी भरा ई-मेल प्राप्त हुआ था, जिसमें दावा किया गया कि उनके परिसर में विस्फोटक रखे गए हैं।
इससे बड़े स्तर पर अफरा-तफरी मच गई, कक्षाओं में पढ़ाई रोक दी गई और घबराए हुए माता-पिता अपने बच्चों को लेने के लिए स्कूलों की ओर दौड़ पड़े। कुछ स्कूलों के प्राचार्यों ने बताया कि कई स्कूल बृहस्पतिवार को सामान्य स्थिति में खुले लेकिन उन स्कूलों में भी उपस्थिति प्रभावित हुई है जहां ये धमकी भरे मिले नहीं गए थे।
