अगर केजरीवाल खुद दलील रखना चाहते हैं तो वो अपने वकीलों को डिस्चार्ज कर दें- हाई कोर्ट में शराब केस में तीखी बहस

दिल्ली शराब नीति घोटाले में हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट में दो पक्षों के बीच तीखी बहस देखने को मिली। सीबीआई की ओर से कहा गया कि अगर केजरीवाल खुद दलील रखना चाहते हैं तो वकीलों को हटा दें।

दिल्ली हाईकोर्ट में आज दिल्ली शराब नीति घोटले पर सुनवाई हुई। जहां सीबीआई की ओर से सॉलीसीटर जनरल तुषार मेहता ने दलीलें रखीं। तुषार मेहता ने केजरीवाल की कोर्ट में खुद दलील रखने की बात का विरोध किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों का करियर संविधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाकर चला रहा है। अगर केजरीवाल खुद दलील रखना चाहते हैं तो वो अपने वकीलों को डिस्चार्ज कर दें और फिर अगली सुनवाई से केजरीवाल ही अपनी दलीलें रखें और वकीलों की मदद न लें। इस मामले में केजरीवाल समेत ज्यादातर लोगों ने कोर्ट के आदेश के बावजूद अभी तक अपना जवाब दाखिल नहीं किया है। सीबीआई की ओर से कहा गया है कि इस तरह की मांग करना कोर्ट की अवमानना है।

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कोर्ट जाते हुए आप संयोजक अरविंद केजरीवाल, साथ में हैं उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल (फोटो- PTI)

न्यायमूर्ति शर्मा को सुनवाई से अलग किए जाने का अनुरोध

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सोमवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में व्यक्तिगत रूप से पेश हुए और न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा को आबकारी नीति मामले में उन्हें तथा अन्य सभी आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई से अलग किए जाने का अनुरोध किया। न्यायमूर्ति शर्मा ने खुद को मामले की सुनवाई से अलग किए जाने की केजरीवाल की अर्जी को रिकॉर्ड में ले लिया और इसकी सुनवाई 13 अप्रैल को तय की। वहीं केजरीवाल ने कहा कि वो अपना पक्ष रखने की अनुमति चाहते हैं। उन्होंने कहा कि कोर्ट जिस दिन भी इजाजत दे वो अपनी दलीलें रखेंगे।

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