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केजरीवाल के खिलाफ दिल्ली मेट्रो में किसने लिखे थे नारे? बरेली से गिरफ्तार हुए शख्स को मिली जमानत; जानें सारा माजरा

Delhi News: दिल्ली मेट्रो में CM अरविंद केजरीवाल के खिलाफ नारे लिखने के आरोपी को बरेली से गिरफ्तार किया गया। जिसके बाद अदालत ने उसे जमानत दे दी। आम आदमी पार्टी ने गिरफ्तारी को "पूरी तरह दिखावा" करार दिया। जमानत इस आधार पर दी गई कि आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के तहत लगाए गए आरोप जमानती हैं।

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पहले आम आदमी पार्टी का समर्थक था आरोपी अंकित गोयल।

Photo : Times Now Digital

Anti-Kejriwal slogans Case: दिल्ली मेट्रो के स्टेशनों और ट्रेन में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ नारे लिखने के आरोपी 33 वर्षीय व्यक्ति को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बरेली से गिरफ्तार कर लिया, जिसके बाद उसे एक अदालत ने जमानत दे दी। पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि नारे लिखे होने की तस्वीरें अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट करने के आरोपी की पहचान अंकित गोयल के रूप में हुई है।

अंकित गोयल के रूप में हुई आरोपी की पहचान

घटना की तस्वीरें सोशल मीडिया पर आने के बाद आम आदमी पार्टी ने कड़ी निंदा की थी। इसके तुरंत बाद, एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई, जिसमें एक व्यक्ति को मेट्रो स्टेशन की दीवार पर कुछ लिखते हुए देखा गया। अधिकारी ने बताया कि बरेली में एक बैंक में ऋण मामलों के प्रबंधक गोयल ने दिल्ली आकर मेट्रो के कोच और स्टेशनों पर संदेश लिखे तथा अपने शहर बरेली लौट गया।

पहले आम आदमी पार्टी का समर्थक था आरोपी

अंकित गोयल ने पुलिस को बताया कि पहले वह आम आदमी पार्टी (आप) का समर्थक था लेकिन पार्टी में हालिया घटनाक्रम के चलते वह नाराज था। मेट्रो कोच के अंदर लिखे गए संदेशों में से एक में लिखा गया था, 'केजरीवाल दिल्ली छोड़ दीजिए प्लीज। अन्यथा, आपको तीन थप्पड़ याद करने होंगे जो चुनाव से पहले आपको पड़े थे। अब असली और वास्तविक मुक्का/थप्पड़ जल्द ही पड़ेगा। आज की बैठक झंडेवालान में। अंकित डॉट गोयल _91।'

गिरफ्तारी को AAP ने बताया "पूरी तरह दिखावा"

बुधवार दोपहर को गोयल को मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया जिसने उसे जमानत दे दी। सूत्रों ने कहा कि जमानत इस आधार पर दी गई कि आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के तहत लगाए गए आरोप जमानती हैं। आम आदमी पार्टी ने गिरफ्तारी को "पूरी तरह दिखावा" करार दिया। पार्टी ने कहा कि 'जैसा कि अपेक्षित था, मुख्यमंत्री को खुलेआम धमकी देने का गंभीर अपराध करने के बावजूद उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया है।'

BJP को सबक सिखाने का कर दिया दावा

आप ने एक बयान में आरोप लगाया कि जो कोई भी मुख्यमंत्री पर हमला करता है उसे भाजपा का राजनीतिक संरक्षण प्राप्त होता है। बयान में कहा गया कि दिल्ली के लोगों को अच्छी तरह याद है कि कैसे भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने मुख्यमंत्री पर हमला करने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए भीड़ का नेतृत्व किया था। आप ने कहा, 'भाजपा सभी प्रकार के अपराधियों को संरक्षण देती है। देश की जनता भाजपा की नकारात्मक, प्रतिगामी राजनीति से तंग आ चुकी है और 25 मई को उसे सबक सिखाएगी।'

(इनपुट- भाषा)

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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