Punjab Congress Rift: पंजाब कांग्रेस में चल रही उठापटक पर कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल का बड़ा बयान आया है। बघेल ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष बनाना कोई गुड्डा-गुड्डी का खेल नहीं, आलाकमान का फैसला नहीं बदलेगा। अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ही पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष बने रहेंगे। जिला अध्यक्षों और पीसीसी सदस्यों ने सर्वसम्मति से आलाकमान के फैसले का स्वागत किया। तीनों कार्यकारी अध्यक्षों को भी सभी नेताओं ने बधाई दी।
बघेल ने कहा कि कांग्रेस में आलाकमान के फैसले वापस लेने की परंपरा नहीं है। चरणजीत सिंह चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा से बात हो चुकी है, जल्द मुलाकात होगी। जरूरत पड़ी तो मैं खुद उनके घर जाकर चाय पर मुलाकात कर लूंगा।
पंजाब कांग्रेस के भीतर की गुटबाजी
पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पंजाब कांग्रेस के भीतर की गुटबाजी एक बार फिर खुलकर सड़क पर आ गई है। कांग्रेस आलाकमान द्वारा अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को प्रदेश अध्यक्ष पद पर बरकरार रखने के फैसले के ठीक दो दिन बाद, जालंधर से सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी (Charanjit Singh Channi) ने शुक्रवार 3 जुलाई को को अपने आवास पर समर्थकों और वरिष्ठ नेताओं की एक बड़ी बैठक बुलाई थी। इस बैठक के बाद चन्नी गुट के नेताओं ने सीधे आलाकमान के फैसले को चुनौती दे दी।
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में राजा वड़िंग की नियुक्ति को खारिज करते हुए चन्नी समर्थकों ने मांग की कि चरणजीत सिंह चन्नी को ही पंजाब कांग्रेस की कमान और आगामी चुनाव के लिए मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाया जाना चाहिए।
'हमें राजा वडिंग की नियुक्ति स्वीकार नहीं'
चन्नी के आवास पर आयोजित इस बैठक में पहुंचे पूर्व विधायक दर्शन सिंह बराड़ ने मीडिया से बात करते हुए बेहद आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, 'हम यहां बैठक के लिए आए हैं। हर कोई चाहता है कि चरणजीत सिंह चन्नी को पंजाब कांग्रेस का नेतृत्व दिया जाए और आलाकमान को हमारी बात सुननी ही होगी। हम राजा वड़िंग की प्रदेश अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति को कतई स्वीकार नहीं करते। चन्नी को ही मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाया जाना चाहिए और उन्हें ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भी नियुक्त किया जाना चाहिए।' इस बैठक में पूर्व विधायक नाजर सिंह मानशाहिया समेत पंजाब कांग्रेस के कई अन्य वरिष्ठ नेता और दलित समुदाय के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।
चुनाव अभियान प्रमुख बनने पर भी चन्नी नाराज
दरअसल, बुधवार को कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल द्वारा जारी सूची में आलाकमान ने गुटबाजी को खत्म करने के लिए बीच का रास्ता निकाला था। पार्टी ने राजा वड़िंग को अध्यक्ष और प्रताप सिंह बाजवा को विधायक दल का नेता (LoP) बनाए रखा, जबकि नाराज चल रहे दलित चेहरे चरणजीत सिंह चन्नी को 'चुनाव अभियान समिति'का प्रमुख नियुक्त किया।
लेकिन चन्नी इस फैसले से बिल्कुल खुश नहीं हैं। प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी न मिलने से नाराज चन्नी गुरुवार को पूरे दिन किसी के संपर्क में नहीं रहे। आमतौर पर पार्टी में कोई नया पद मिलने पर आलाकमान का आभार व्यक्त करने की परंपरा है, लेकिन चन्नी ने अब तक सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे या राहुल गांधी को बधाई तक नहीं दी है।
