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'याद रखना जिसने पत्थरबाजी की है, उसमें से एक भी बचने वाला नहीं है', संभल हिंसा पर CM योगी की चेतावनी

UP Assembly Winter Session : सीएम योगी ने कहा, 'भारत की समृद्ध परंपरा का दर्शन संविधान में होते हैं। संविधान की प्रति आपको दी गई है, उसका अवलोकन करिए। हम तो राम, कृष्ण को मानते हैं, बुद्ध पर विश्वास करते हैं। संभल की घटना और कुंदरकी की जीत जैसे ही असलिय सामने आई है। जनता ने कहा सफाचट। करहल में चाचा जी ने थीड़ी कृपा कर दी, नहीं तो वहां भी सफाचट हो गया होता।

UP Assembly Winter Session : उत्तर प्रदेश में सोमवार को विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुरू हुआ। सत्र के पहले दिन संभल हिंसा पर अपनी बात रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला। सीएम ने कहा कि संभल हिंसा के लिए जो लोग भी दोषी हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। सीएम ने संभल के 1978 के दंगे का जिक्र करते हुए कहा कि इस हिंसा में 184 हिंदुओं की हत्या हुई। कइयों को जलाकर मार दिया गया लेकिन इस हिंसा के खिलाफ विपक्ष का कोई नेता एक शब्द नहीं बोलता। सब घड़ियालू आंसू बहाते हैं।

संभल में हिंसा का दौर चलता आ रहा है-सीएम

विधानसभा में सीएम योगी ने कहा, '1947 से लेकर अब तक हिंसा का सिलसिला चलता आ रहा है। 1978 में 184 हिंदुओं को सामूहिक रूप से जला दिया गया था। हिंदुओं की हत्या हुई थी। आप उस सच्चाई को स्वीकार नहीं करेंगे। 1980 में फिर दंगा हुआ था। लंबे समय तक कर्फ्यूं रहा। 1986 में चार लोग मारे गए। 1990, 1992,1996 में मौतें हुईं। संभल के अंदर 209 हिंदुओं की हत्या हुई है। एक भी बार किसी ने इन 209 हिंदुओं के लिए दो शब्द नहीं कहे। पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदनाएं नहीं जताईं। ये आज घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं।'

संभल में 22 कुओं को बंद कर दिया गया

उन्होंने कहा, 'संभल में जो दंगा हुआ था। उसमें एक वैश्य ने सभी समुदायों को पैसा उधार दिया था। दंगा होने के बाद लोग उनके घर में एकत्र हुए। एकत्र होने के बाद उन्हें घेर लिया जाता है। व्यापारी से कहा जाता है कि इन हाथों से पैसा मांगोंगे इसलिए तुम्हारे हाथ काट दिए जाते हैं। फिर उसका गला रेत दिया गया। ये लोग सौहार्द की बात करते हैं। इन्हें शर्म नहीं आती। 1978 से इन लोगों ने उस मंदिर को खोलने नहीं दिया। वहां अब बजरंग बली का मंदिर निकल रहा है। इन लोगों ने वहां 22 कुओं को बंद कर दिया। ये पत्थरबाज कौन हैं। एक भी गिरफ्तारी बिना साक्ष्य के नहीं हो रही है। इतना याद रखना जिसने पत्थरबाजी की होगी, माहौल खराब किया होगा, उसमें से एक भी बचने वाला नहीं है। हम माननीय उच्चतम न्यायालय का सम्मान करते हैं। क्या आप लोग संविधान को मान रहे हैं?

यूपी में हुए दंगे गिनाए

सीएम ने कहा, 'भारत की समृद्ध परंपरा का दर्शन संविधान में होते हैं। संविधान की प्रति आपको दी गई है, उसका अवलोकन करिए। हम तो राम, कृष्ण को मानते हैं, बुद्ध पर विश्वास करते हैं। संभल की घटना और कुंदरकी की जीत जैसे ही असलिय सामने आई है। जनता ने कहा सफाचट। करहल में चाचा जी ने थीड़ी कृपा कर दी, नहीं तो वहां भी सफाचट हो गया होता। सीसामऊ में भी बाल-बाल बच गए। लोगों को अपनी जड़ें यादें आने लगी हैं। इन विदेशियों से पिंड छुड़ाना है। संभल में वर्चस्व की लड़ाई है। महोदय, मैं उनसे कहूंगा कि वह एक बार बाबरनामा को जरूर पढ़ें। 1972 में आगरा में दंगा हुआ 19 लोग मरे थे, 972 में आजमगढ़ में तीन लोग, 1973 में बहराइच में एक की मौत, 1973 गोंडा में एक की मौत, 1973 में प्रयागराज में तीन लोगों की मौत हुई।'

सीएम ने कहा कि 'मैं विरोधी दल से पूछना चाहता हूं कि हमारा यदि पर्व या त्योहार या किसी भी धर्म को हो। मोहर्रम पर्व हो, तो जुलूस मंदिर और हिंदू समुदाय के बीच शांति से निकल जाता है, कोई समस्या नहीं होती। लेकिन जब कोई हिंदू शोभा यात्रा किसी मस्जिद के सामने या मुस्लिम बाहुल्य वाले क्षेत्र से निकलती है तो समस्या आती है, तब क्यों तनाव पैदा हो जाता है?'

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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