Abhijeet Dipke CJP Statement INDIA Bloc: मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janata Party - CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने संगठन के रुख को लेकर बड़ा बयान दिया है।
बुधवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए दीपके ने स्पष्ट किया कि CJP एक स्वतंत्र दबाव समूह (Independent Pressure Group) के रूप में काम करती रहेगी और किसी राजनीतिक दल में इसका विलय नहीं होगा। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ उनकी लड़ाई और विपक्षी 'इंडिया' (INDIA) ब्लॉक का मुद्दा पूरी तरह एक ही है।
'हमारा और 'इंडिया' ब्लॉक का लक्ष्य एक ही'
यह पूछे जाने पर कि क्या CJP आधिकारिक तौर पर 'इंडिया' ब्लॉक के आंदोलन में शामिल होगी, अभिजीत दीपके ने कहा, 'देखिए, ऐसा कुछ नहीं है कि हम अलग हैं। सभी विरोध प्रदर्शन एक ही उद्देश्य और मुद्दे के लिए लड़ रहे हैं। हमारा एक ही साझा कॉज (Cause) है- हम सभी इस बात के खिलाफ लड़ रहे हैं कि जिस तरह से चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी और धांधली के आरोप लग रहे हैं। 'कॉकरोच जनता पार्टी' एक स्वतंत्र दबाव समूह है और हमेशा एक स्वतंत्र दबाव समूह ही रहेगी। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हम 'इंडिया' ब्लॉक के खिलाफ हैं; 'इंडिया' ब्लॉक का आंदोलन और हमारा आंदोलन एक ही मकसद के लिए है।'
जंतर-मंतर पर कार्रवाई और 'अघोषित आपातकाल' का आरोप
अभिजीत दीपके का यह बयान दिल्ली के जंतर-मंतर के पास विरोध प्रदर्शन करने के दौरान CJP के दो प्रमुख कार्यकर्ताओं—सौरव दास और आशुतोष रांका को 5 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद आया है।
सरकार पर निशाना: दीपके ने अपने सहयोगियों की गिरफ्तारी पर कड़ा ऐतराज जताते हुए केंद्र सरकार पर देश में 'अघोषित आपातकाल' लगाने का आरोप लगाया।
तिरंगे को लेकर सवाल: उन्होंने पुलिस और न्यायिक कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पूछा- 'क्या जंतर-मंतर जाकर देश का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराना और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना कोई अपराध था कि हमारे कार्यकर्ताओं को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया?'
नागपुर में दीक्षाभूमि जाएंगे अभिजीत दीपके
दीपके ने यह भी जानकारी दी कि वे बुधवार को नागपुर स्थित ऐतिहासिक दीक्षाभूमि (Deekshabhoomi) का दौरा करेंगे, जहां वे भारत रत्न डॉ. बी.आर. आंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे और संविधान की रक्षा के अपने संकल्प को दोहराएंगे।
