छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पर गंभीर आरोप लगाए है। उन्होंने कहा है कि ईडी हद पार कर रहा है। वह सूबे के लोगों के साथ अमानवीय व्यवहार कर रहा है। सोमवार (28 नवंबर, 2022) को रायपुर के पुलिस परेड मैदान में हेलीपैड पर मीडिया से बातचीत के दौरान वह दो टूक बोले- वे (एजेंसी) अपनी सीमा से बाहर जाकर काम कर रहे हैं। जानकारी आ रही है कि वे किसी को मुर्गा बना रहे हैं। किसी को खाना देते हैं तो पानी नहीं देते, जबकि किसी की रॉड से पिटाई हो रही है। यह तो अमानवीयता है। मुझे नहीं लगता कि कोई सरकार या कोर्ट इसकी इजाजत देगा।
बघेल ने इस बयान से एक दिन पहले लगातार ट्वीट कर ईडी पर निशाना साधा था और लोगों को डराने-धमकाने का आरोप लगाया था। ईडी की कार्रवाई को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में बघेल ने कहा, ''यह गलत हो रहा है । वह अपनी सीमा से बाहर जाकर काम कर रहे हैं। जानकारी आ रही है कि किसी को मुर्गा बना रहे हैं और किसी को खाना देते हैं तो पानी नहीं देते।

Bhupesh Baghel
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया, ‘‘रात भर जगा कर रखते हैं और देर रात तक छोड़ते हैं। देर रात तक सोने नहीं देते। राड से पिटाई हो रही है। उन्हें सुनाई नहीं दे रहा है। बुजुर्ग आदमी को बैठने नहीं देते, कहते हैं कि खड़े रहो।'' उन्होंने कहा, ''मैं नहीं समझता कि इसकी इजाजत न्यायालय या सरकार देगी। अपनी सीमाओं से बाहर जाकर कार्रवाई कर रहे हैं। यह दुर्भाग्यजनक है।''
दरअसल, ईडी ने हाल ही में खनन ट्रांसपोर्टरों से कथित जबरन वसूली से जुड़े मामले में आईएएस अधिकारी समीर विश्नोई सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया था। सीएम ने रविवार को ट्वीट किया था कि अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि भारत सरकार को इन सब घटनाओं की जानकारी दी जाए और अवैधानिक कृत्यों पर रोक लगाई जाए।
