देश

Justice Varma Cash Row: महाभियोग से बचने के लिए जस्टिस वर्मा पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, जांच रिपोर्ट पर उठाए सवाल

Justice Varma Cash Row: जस्टिस यशवंत वर्मा जब दिल्ली हाईकोर्ट में तैनात थे, तब उनके आवास से भारी मात्रा में अधजले नोट मिले थे। ये नोट तब मिले, जब जस्टिस वर्मा के घर आग लगी और दमकल कर्मी उसे बुझाने के लिए वहां पहुंचे।

Image

Justice Varma Cash Row: महाभियोग से बचने के लिए जस्टिस वर्मा पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, जांच रिपोर्ट पर उठाए सवाल

Justice Varma Cash Row: कैश कांड में फंसे इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने महाभियोग से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। जस्टिस वर्मा ने तीन न्यायाधीशों की आंतरिक जांच समिति की रिपोर्ट और पूर्व मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना द्वारा उनके खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही शुरू करने की सिफारिश को चुनौती देते हुए सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।

जांच रिपोर्ट पर जस्टिस वर्मा ने उठाए सवाल

न्यायमूर्ति वर्मा ने कहा है कि आंतरिक जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट देने से पहले उन्हें जवाब देने का उचित अवसर नहीं दिया। अपनी याचिका में, न्यायमूर्ति वर्मा ने कहा कि जांच ने ‘साक्ष्य प्रस्तुत करने की उस जिम्मेदारी को उलट दिया’, जिससे उन्हें अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच करनी है और उन्हें गलत साबित करना है। न्यायमूर्ति वर्मा ने आरोप लगाया कि समिति के निष्कर्ष एक पूर्वकल्पित कहानी पर आधारित थे। याचिका में तर्क दिया गया है कि जांच समिति ने उन्हें पूर्ण और निष्पक्ष सुनवाई का अवसर दिए बिना ही प्रतिकूल निष्कर्ष निकाले। यह याचिका संसद के मानसून सत्र से पहले आई है, जो 21 जुलाई से शुरू हो रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार मॉनसून सत्र में जस्टिस वर्मा के खिलाफ सरकार महाभियोग प्रस्ताव ला सकती है।

समिति की रिपोर्ट में क्या

घटना की जांच कर रही समिति की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि न्यायमूर्ति वर्मा और उनके परिवार के सदस्यों का उस स्टोर रूम पर गुप्त या सक्रिय नियंत्रण था जहां बड़ी मात्रा में अधजली नकदी मिली थी और इससे उनके कदाचार का प्रमाण मिलता है जो इतना गंभीर है कि उन्हें हटाया जाना चाहिए। पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश शील नागू की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की समिति ने 10 दिन तक जांच की, 55 गवाहों से पूछताछ की और 14 मार्च को रात लगभग 11.35 बजे न्यायमूर्ति वर्मा के आधिकारिक आवास पर अचानक आग लगने के स्थान का दौरा किया। इस रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए, भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश खन्ना ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर न्यायाधीश के खिलाफ महाभियोग चलाने की सिफारिश की।

घर में मिला था कैश

14 मार्च को जस्टिस वर्मा जब दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश थे, तब उनके दिल्ली स्थित आवास में आग लगने पर दमकल के कर्मचारियों को भारी मात्रा में अधजले नोट मिले थे। तब जस्टिस वर्मा अपने घर पर मौजूद नहीं थे। इस घटना की जांच रिपोर्ट में जस्टिस वर्मा को दोषी ठहराया गया है।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

और पढ़ें
End of Article