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भारत के साथ फिर टकराव के रास्ते पर ट्रूडो, कनाडा के चुनावों में 'भारतीय दखल' की जांच कराएंगे

  • Written by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 25, 2024, 12:06 PM IST

India Canada Relations: रिपोर्ट में कहा गया कि कुछ खुफिया जानकारी मीडिया में लीक होने के बाद ट्रूडो ने इसकी जांच कराना शुरू किया है। दस्तावेजों में आरोप था कि चीन ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग सरकार के प्रति सहानुभूति रखने वाले उम्मीदवारों का समर्थन करते हुए कनाडा के चुनावों को प्रभावित किया।

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खराब दौर से गुजर रहे हैं भारत और कनाडा के रिश्ते।

Photo : AP

India Canada Relations: खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या मामले में भारत की संलिप्तता का आरोप लगाना वाला कनाडा एक बार फिर भारत से टकराने की राह पर आगे बढ़ रहा है। कनाडा सरकार ने कहा है कि वह अपने पिछले दो आम चुनावों (2019, 2021) में कथित भारतीय दखल की जांच कराएगा। दरअसल, खुफिया एवं गोपनीय जानकारी से जुड़े दस्तावेजों के लीक होने के बाद कनाडा सरकार हरकत में आई है और इस पूरे मामले की जांच की दिशा में आगे बढ़ी है। समझा जाता है कि ट्रूडो सरकार का यह कदम पहले से तनाव के दौर से गुजर रहे भारत-कनाडा संबंधों और तल्खी लाने का काम करेगा।

खुफिया दस्तावेज लीक होने के बाद जांच

दरअसल, पिछले साल आई ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में कहा गया कि कुछ खुफिया जानकारी मीडिया में लीक होने के बाद ट्रूडो ने इसकी जांच कराना शुरू किया है। इन खुफिया दस्तावेजों में आरोप था कि चीन ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग सरकार के प्रति सहानुभूति रखने वाले उम्मीदवारों का समर्थन करते हुए कनाडा के चुनावों को प्रभावित किया। रिपोर्ट में इस खुलासे के बाद कनाडा की सरकार ने चुनावों में दखल के आरोपों की जांच कराने की राह पर आगे बढ़ी है।

चुनावों में कथित भारतीय दखल की कराएंगे जांच

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार को कनाडा के आयोग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की भूमिका की जांच कराने की पुष्टि की। अब ग्लोबल न्यूज ने अपनी रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि की है। रिपोर्ट के मुताबिक विदेशी दखल पर कनाडा के संघीय जांच आयोग ने कहा है कि वह इस बात को देख रहा है कि 2019 और 2021 के चुनावों में क्या भारत का कथित दखल था या उसने किसी तरह से इन चुनावों को प्रभावित करने में उसकी कोई भूमिका थी।

29 जनवरी को पहली सुनवाई

आयोग ने संघीय सरकार से इन आरोपों से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए कहा है। इस मामले में आयोग की पहली सुनवाई 29 जनवरी से होगी। आयोग इस बात की जांच करेगा कि गोपनीय एवं राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े दस्तावेजों का खुलासा होने पर किस तरह की चुनौतियां एवं कितना खतरा पैदा हो सकता है। आयोग की अंतरिम रिपोर्ट तीन मई को आने की उम्मीद और अंतिम रिपोर्ट साल के अंत में आ सकती है।

पहले से ही तनाव से गुजर रहे इंडिया-कनाडा के रिश्ते

बता दें कि कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में गत 18 जून को खालिस्तानी आतंकवादी निज्जर की अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। पीएम ट्रूडो ने संसद में अपने भाषण में निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंट्स की संलिप्तता का आरोप लगाया। इसके बाद भारत और कनाडा के संबंधों में तल्खी आ गई। भारत ने ट्रूडो के आरोप को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया। भारत ने कहा कि कनाडा को इस बारे में साक्ष्य पेश करना चाहिए न कि आधारहीन आरोप लगाना चाहिए।

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