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Excise Policy Case: BRS नेता के. कविता को फिर झटका, राउज एवेन्यू कोर्ट ने जमानत देने से किया इनकार

Excise Policy Case: दिल्ली आबकारी नीति घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बीआरएस नेता के. कविता की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने बीआरएस नेता के कविता को जमानत देने से किया इनकार कर दिया है।

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कोर्ट ने के. कविता को जमानत देने से किया इनकार

Photo : ANI

Excise Policy Case: दिल्ली की एक अदालत ने कथित आबकारी घोटाले के संबंध में भ्रष्टाचार और धन शोधन के मामलों में भारत राष्ट्र समिति (BRS) की नेता के. कविता की जमानत याचिकाएं सोमवार को खारिज कर दीं। इन मामलों की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) कर रहा है। सीबीआई और ईडी अदालत की विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा ने याचिकाएं खारिज करते हुए कहा कि इस स्तर पर राहत देना सही नहीं है। कविता ईडी तथा सीबीआई द्वारा दर्ज मामलों में न्यायिक हिरासत में हैं। ईडी ने 15 मार्च को हैदराबाद में कविता (46) के बंजारा हिल्स स्थित आवास से उन्हें गिरफ्तार किया था और वह मामले में न्यायिक हिरासत में हैं। सीबीआई ने उन्हें न्यायिक हिरासत से गिरफ्तार किया था।

बता दें, इससे पहले राउज एवेन्यू कोर्ट ने आबकारी नीति घोटाले से जुड़े मामले में BRS की नेता के. कविता की याचिका पर बीते शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जवाब मांगा था, जिसमें उन्होंने सात मई को न्यायिक हिरासत खत्म होने पर उन्हें अदालत में पेश करने का अनुरोध किया है। विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा ने जांच एजेंसियों को नोटिस जारी कर छह मई यानी आज जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था। आज अदालत ने कविता के आवेदन पर दलीलें सुनी और ईडी-सीबीआई की दलीलों को सुनने के बाद अपना फैसला सुनाया।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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