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Mohan Bhagwat on Vijayadashami :आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का कड़ा संदेश-हमारी सद्भावना को दुर्बलता ना माने चीन

RSS प्रमुख मोहन भागवत विजयदशमी पर्व पर संबोधित किया,आज आरएसएस की स्थापना दिवस भी है और हर साल शस्त्र पूजा का भी आयोजन होता है।

टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलटाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलUpdated Oct 25, 2020, 09:48 IST
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Mohan Bhagwat on Vijayadashami :आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का कड़ा संदेश-हमारी सद्भावना को दुर्बलता ना माने चीन


राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के स्थापना दिवस व विजयादशमी उत्सव के अवसर पर सरसंघचालक डा. मोहन भागवत ने स्वयंससेवकों को संबोधित किया। हर साल की तरह इस बार भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के हेडक्वॉर्टर नागपुर (Nagpur) में शस्त्र पूजा की गई, इस खास मौके पर आरएसएस में शस्त्र पूजा का विधान है।आरएसएस के फेसबुक, ट्विटर व यूट्यूब आरएसएसओआरजी पर इसे ऑनलाइन प्रसारित किया गया। कोरोना संकट को देखते हुए इस बार के विजय दशमी कार्यक्रम को लेकर कई अहम बदलाव किए थे। 

OCT 25, 2020 09:46 IST

विकास और प्रगति हमारे यहाँ समन्वय के आधार पर सोची गई है

सप्ताह में एक बार हम अपने कुटुम्ब में सब लोग मिलकर श्रद्धानुसार भजन व इच्छानुसार आनन्दपूर्वक घर में बनाया भोजन करने के पश्चात्, 2-3 घण्टों की गपशप के लिए बैठ जाएँ और पूरे परिवार में आचरण का संकल्प लेकर, उसको परिवार के सभी सदस्यों के आचरण में लागू करने करें।हमारे राष्ट्र के विकास व प्रगति के बारे में हमें अपनी भाव भूमि को आधार बनाकर, अपनी पृष्ठभूमि में, अपने विकास पथ का आलेखन करना पड़ेगा। उस पथ का गंतव्य हमारे राष्ट्रीय संस्कृति व आकांक्षा के अनुरूप ही होगा।भारतीय विचार में संघर्ष में से प्रगति के तत्त्व को नहीं माना है। अन्याय निवारण के अंतिम साधन के रूप में ही संघर्ष मान्य किया गया है। 

OCT 25, 2020 09:32 IST

Vocal for Local यह स्वदेशी संभावनाओं वाला उत्तम प्रारंभ है

इन सबका यशस्वी क्रियान्वयन पूर्ण होने तक बारीकी से ध्यान देना पड़ेगा।इसीलिये स्व या आत्मतत्त्व का विचार इस व्यापक परिप्रेक्ष्य में सबने आत्मसात करनाहोगा,तभी उचित दिशामें चलकर यह यात्रा यशस्वी होगी।अर्थ, कृषि, श्रम, उद्योग तथा शिक्षा नीति में स्व को लाने की इच्छा रख कर कुछ आशा जगाने वाले कदम अवश्य उठाए गए हैं। व्यापक संवाद के आधार पर एक नई शिक्षा नीति घोषित हुई है। उसका संपूर्ण शिक्षा जगत से स्वागत हुआ है, हमने भी उसका स्वागत किया है।

OCT 25, 2020 09:25 IST

हमारा कृषि का अनुभव गहरा व्यापक व सबसे लम्बा है

उसमें से कालसुसंगत, अनुभवसिद्ध, परंपरागत ज्ञान तथा आधुनिक कृषि विज्ञान से देश के लिये उपयुक्त व सुपरीक्षित अंश, हमारे किसान को अवगत कराने वाली नीति हो।कृषि नीति का हम निर्धारण करते हैं, तो उस नीति से हमारा किसान अपने बीज स्वयं बनाने के लिए स्वतंत्र होना चाहिए। हमारा किसान अपने को आवश्यक खाद, रोगप्रतिकारक दवाइयाँ व कीटनाशक स्वयं बना सके या अपने गाँव के आस-पास पा सके यह होना चाहिए।
 

OCT 25, 2020 09:19 IST

स्वावलम्बन में स्व का अवलम्बन अभिप्रेत है


हमारी दृष्टि के आधार पर हम अपने गंतव्य तथा पथ को निश्चित करते हैं।दुनिया जिन बातों के पीछे पड़कर व्यर्थ दौड़ लगा रही है,उसी दौड़ में हम शामिल होकर पहले क्रमांक पर आतेहैं तो इसमें पराक्रम और विजय निश्चितहै। परन्तु स्व का भान व सहभाग नहीं है। भारत की भावनिक एकता व भारत में सभी विविधताओं का स्वीकार व सम्मान की भावना के मूल में हिन्दू संस्कृति, हिन्दू परम्परा व हिन्दू समाज की स्वीकार प्रवृत्ति व सहिष्णुता है।

OCT 25, 2020 09:15 IST

राजनीतिक स्वार्थ, कट्टरपन व अलगाव की भावना ये भारत की राष्ट्रीय एकात्मता के विरुद्ध काम कर रहा

राजनीतिक स्वार्थ, कट्टरपन व अलगाव की भावना, भारत के प्रति शत्रुता तथा जागतिक वर्चस्व की महत्वाकांक्षा, इनका एक अजीब सम्मिश्रण भारत की राष्ट्रीय एकात्मता के विरुद्ध काम कर रहा है।भारत की विविधता के मूल में स्थित शाश्वत एकता को तोड़ने का घृणित प्रयास, हमारे तथाकथित अल्पसंख्यक तथा अनुसूचित जाति जनजाति के लोगों को झूठे सपने तथा कपोलकल्पित द्वेष की बातें बता कर चल रहा है।’भारत तेरे टुकड़े होंगे’ ऐसी घोषणाएँ देने वाले लोग इस षड्यंत्रकारी मंडली में शामिल हैं।
 

OCT 25, 2020 09:07 IST

‘हिंदू’ शब्द सबको बसाने वाला, सब को जोड़ने वाला शब्द है

‘हिन्दू’ किसी पंथ, सम्प्रदाय का नाम नहीं है, किसी एक प्रांत का अपना उपजाया हुआ शब्द नहीं है, किसी एक जाति की बपौती नहीं है, किसी एक भाषा का पुरस्कार करने वाला शब्द नहीं है।वह इन सब विशिष्ट पहचानों को कायम, स्वीकृत व सम्मानित रखते हुए, भारत भक्ति के तथा मनुष्यता की संस्कृति के विशाल प्रांगण में सबको बसाने वाला, सब को जोड़ने वाला शब्द है। ‘हिंदू’ शब्द के विस्मरण से हमको एकात्मता के सूत्र में पिरोकर देश व समाज से बाँधने वाला बंधन ढीला होता है।इसीलिए इस देश व समाज को तोड़ना चाहने वाले,हमें आपस में लड़ाना चाहने वाले, इस शब्द को,जो सबको जोड़ता है,अपने तिरस्कार व टीका टिप्पणी का पहला लक्ष्य बनाते हैं। संघ मानता है कि ‘हिंदुत्व’शब्द भारतवर्ष को अपना मानने वाले,उसकी संस्कृति के वैश्विक व सर्वकालिक मूल्यों को आचरण में उतारना चाहने वाले तथा यशस्वी रूप में ऐसा करके दिखाने वाली उसकी पूर्वज परम्परा का गौरव मन में रखने वाले सभी 130 करोड़ समाज बन्धुओं पर लागू होता है।
 

OCT 25, 2020 09:00 IST

अत्याचारी व आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों पर पूर्ण नियंत्रण रहे


समाज में किसी प्रकार से अपराध की अथवा अत्याचार की कोई घटना हो ही नहीं,अत्याचारी व आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों पर पूर्ण नियंत्रण रहे और फिर भी घटनाएं होती हैं तो उसमें दोषी व्यक्ति तुरंत पकड़े जाएँ और उनको कड़ी से कड़ी सजा हो,यह शासन प्रशासन को सुनिश्चित करना चाहिए।
 

OCT 25, 2020 08:59 IST

हमें अपने सम्बन्धों को अधिक मित्रतापूर्ण बनाने में अपनी गति तीव्र करनी चाहिए


हम सभी से मित्रता चाहते हैं।वह हमारा स्वभाव है।परन्तु हमारी सद्भावना को दुर्बलता मानकर अपने बल के प्रदर्शन से कोई भारत को चाहे जैसा नचा ले,झुका ले,यह हो नहीं सकता,इतना तो अब तक ऐसा दुःसाहस करने वालों को समझ में आ जाना चाहिए। श्रीलंका, बांग्लादेश, ब्रह्मदेश, नेपाल ऐसे हमारे पड़ोसी देश, जो हमारे मित्र भी हैं और बहुत मात्रा में समान प्रकृति के देश हैं, उनके साथ हमें अपने सम्बन्धों को अधिक मित्रतापूर्ण बनाने में अपनी गति तीव्र करनी चाहिए

OCT 25, 2020 08:56 IST

चीन को लेकर देश के नागरिकों ने अपनी देशभक्ति का परिचय दिया

इस महामारी के संदर्भ में चीन की भूमिका संदिग्ध रही यह तो कहा ही जा सकता है, परंतु भारत की सीमाओं पर जिस प्रकार से अतिक्रमण का प्रयास अपने आर्थिक सामरिक बल के कारण मदांध होकर उसने किया वह तो सम्पूर्ण विश्व के सामने स्पष्ट है।भारत की सेना ने अपनी शक्ति का परिचय दिया, देश के नागरिकों ने अपनी देशभक्ति का परिचय दिया, इससे चीन के कसबल ढीले हुए हैं, यही वजह है कि अन्य देश भी अब चीन की विस्तारवादी नीति का विरोध कर रहे हैं।

OCT 25, 2020 08:51 IST

नियमों का पालन करना और दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करना हमारी नैतिक जिम्मेदारी


इस रोगज़नक़ से अपने आप को लंबे समय तक सुरक्षित रखना आवश्यक है। सामान्य जीवन के साथ सामाजिक जीवन के साथ, नियमों का पालन करना और दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। 
 

OCT 25, 2020 08:48 IST

स्वयंसेवकों की सेवा जैसे समाज के अन्य सदस्य भी इसमें अपना योगदान देंगे

संघ स्वयंसेवक कोरोना की पृष्ठभूमि में जहां कहीं भी अंतराल को भरने के लिए काम कर रहे हैं। वे नई सेवा पहल में भी पूरे योगदान दे रहे हैं। मुझे आशा है कि समाज के अन्य सदस्य भी इसमें अपना योगदान देंगे। ऐसे मामलों में जहां परिवार रोज़गार और वित्तीय अभाव का सामना कर रहे हैं, घरों में तनाव बढ़ रहा है। अपराध, अवसाद और आत्महत्या जैसे नकारात्मक प्रस्तावों को रोकने के लिए इस समय परामर्श और समर्थन सेवाओं की व्यापक आवश्यकता है। 
 

OCT 25, 2020 08:44 IST

CAA को आधार बनाकर हिंसा फैलाने का चल रहा है षडयंत्र

सीएए को आधार बनाकर हिंसा फैलाने का चल रहा है षडयंत्र, इससे पहले कि कुछ सोचा जा सकता था, कोरोना में दरार आ गई। पृष्ठभूमि में, दंगाइयों और अवसरवादियों द्वारा संघर्ष को राज करने के प्रयास अभी भी जारी हैं।
 

OCT 25, 2020 08:41 IST

भारत संकट की इस परिस्थिति में अधिक अच्छे प्रकार से खड़ा रहा

विश्व के अन्य देशों की तुलना में हमारा भारत संकट की इस परिस्थिति में अधिक अच्छे प्रकार से खड़ा हुआ दिखाई देता है। भारत में इस महामारी की विनाशकता का प्रभाव बाकी देशों से कम दिखाई दे रहा है, इसके कुछ कारण हैं।
 

OCT 25, 2020 08:40 IST

सांस्कृतिक संचित सत्त्व का सुखद परिचय इस संकट में हम सभी को मिला


“अपने समाज की एकरसता का, सहज करुणा व शील प्रवृत्ति का, संकट में परस्पर सहयोग के संस्कार का, जिन सब बातों को सोशल कैपिटल ऐसा अंग्रेजी में कहा जाता है, उस अपने सांस्कृतिक संचित सत्त्व का सुखद परिचय इस संकट में हम सभी को मिला।”
 

OCT 25, 2020 08:37 IST

पहली बार है कि विजयदशमी कार्यक्रम का आयोजन इतने कम संख्या में किया जा रहा

'संघ के इतिहास में संभवत: यह स्थापना दिवस के बाद से पहली बार है कि आरएसएस का विजयदशमी कार्यक्रम का आयोजन इतने कम संख्या में किया जा रहा है। हमने COVID प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए ऐसा किया है।'
 

OCT 25, 2020 08:31 IST

श्रीरामजन्मभूमि के मामले में अपना असंदिग्ध निर्णय देकर सर्वोच्च न्यायालय ने इतिहास बनाया

“9 नवंबर को श्रीरामजन्मभूमि के मामले में अपना असंदिग्ध निर्णय देकर सर्वोच्च न्यायालय ने इतिहास बनाया। भारतीय जनता ने इस निर्णय को संयम और समझदारी का परिचय देते हुए स्वीकार किया।” 
 

OCT 25, 2020 08:24 IST

नागपुर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ हेडक्वॉर्टर पर की गई शस्त्र पूजा

दशहरे के मौके पर हर साल की तरह इस बार भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के हेडक्वॉर्टर नागपुर में शस्त्र पूजा की गई

OCT 25, 2020 08:20 IST

कार्यक्रम डाक्टर हेडगेवार स्मृति मंदिर परिसर के हाॅल में हो रहा है

नागपुर में आयोजित यह कार्यक्रम इस बार मैदान में नहीं करके डाक्टर हेडगेवार स्मृति मंदिर परिसर के हाॅल में हो रहा है,इस बार बाहर से किसी विशिष्ट अतिथि को आमंत्रित नहीं किया गया है।
OCT 25, 2020 08:08 IST

इस बार विजयदशमी कार्यक्रम में कोई मुख्य अतिथि नहीं होगा

इस बार विजयदशमी कार्यक्रम में कोई मुख्य अतिथि नहीं होगा, साथ ही 50 के आसपास ही स्वयंसेवक आयोजन में हिस्सा ले रहे हैं

OCT 25, 2020 08:01 IST

एक जगह पर अधिक से अधिक 40 से 50 स्वयंसेवक ही उपस्थित

नागपुर सहित पूरे देश में अधिकतर जगहों पर कार्यक्रम कैंपस में ही होंगे, एक जगह पर अधिक से अधिक 40 से 50 स्वयंसेवक ही उपस्थित रहेंगे। इसलिए कम संख्या में ज्यादा स्थानों पर कार्यक्रम किए जाएंगे।
 

OCT 25, 2020 08:00 IST

इस बार के विजय दशमी कार्यक्रम को लेकर कई अहम बदलाव

देश में जारी कोरोना संकट को देखते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने इस बार के विजय दशमी कार्यक्रम को लेकर कई अहम बदलाव किए हैं।