पहले वैक्सीन विदेशों से लाने में दशकों लगते थे, अभी हमारे पास वैक्सीन नहीं होती तो क्या होता : PM मोदी
PM Modi address to nation today: कोरोना संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने वैक्सीनेशन को लेकर बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी अब केंद्र सरकार की होगी। उन्होंने गरीब कल्याण अन्न योजना को दीपावली तक बढ़ाने का ऐलान किया।
नई दिल्ली : कोरोना वायरस महामारी के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को एक बार फिर देश को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने टीकाकरण की पूरी जिम्मेदारी केंद्र सरकार द्वारा वहन करने की बात कही तो 21 जून से सभी भारतीयों के नि:शुल्क टीकाकरण का भी ऐलान किया। साथ ही उन्होंने गरीब कल्याण अन्न योजना को दीपावली तक बढ़ाने की घोषणा की। कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए वैक्सीन को 'सुरक्षा कवच' करार देते हुए उन्होंने मास्क पहनने और दो गज की दूरी जैसे नियमों का पालन करने पर भी जोर दिया। जानें पीएम मोदी के संबोधन की प्रमुख बातें :
'गरीब कल्याण अन्न योजना अब दीपावली तक'
आज सरकार ने फैसला लिया है कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को अब दीपावली तक आगे बढ़ाया जाएगा। महामारी के इस समय में, सरकार गरीब की हर जरूरत के साथ, उसका साथी बनकर खड़ी है। यानि नवंबर तक 80 करोड़ से अधिक देशवासियों को, हर महीने तय मात्रा में मुफ्त अनाज उपलब्ध होगा।
वैक्सीनेशन की पूरी जिम्मेदारी अब केंद्र की
पीएम मोदी ने कहा, 'आज ये निर्णय लिया गया है कि राज्यों के पास वैक्सीनेशन से जुड़ा जो 25 प्रतिशत काम था, उसकी जिम्मेदारी भी भारत सरकार उठाएगी। ये व्यवस्था आने वाले 2 सप्ताह में लागू की जाएगी। इन दो सप्ताह में केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर नई गाइडलाइंस के अनुसार आवश्यक तैयारी कर लेंगी। 21 जून, सोमवार से देश के हर राज्य में, 18 वर्ष से ऊपर की उम्र के सभी नागरिकों के लिए, भारत सरकार राज्यों को मुफ्त वैक्सीन मुहैया कराएगी। वैक्सीन निर्माताओं से कुल वैक्सीन उत्पादन का 75 प्रतिशत हिस्सा भारत सरकार खुद ही खरीदकर राज्य सरकारों को मुफ्त देगी।'
'राज्य सरकार को वैक्सीन पर कुछ भी खर्च नहीं करना होगा'
उन्होंने कहा, 'देश की किसी भी राज्य सरकार को वैक्सीन पर कुछ भी खर्च नहीं करना होगा। अब तक देश के करोड़ों लोगों को मुफ्त वैक्सीन मिली है। अब 18 वर्ष की आयु के लोग भी इसमें जुड़ जाएंगे। सभी देशवासियों के लिए भारत सरकार ही मुफ्त वैक्सीन उपलब्ध करवाएगी। देश में बन रही वैक्सीन में से 25 प्रतिशत, प्राइवेट सेक्टर के अस्पताल सीधे ले पाएं, ये व्यवस्था जारी रहेगी। प्राइवेट अस्पताल, वैक्सीन की निर्धारित कीमत के उपरांत एक डोज पर अधिकतम 150 रुपए ही सर्विस चार्ज ले सकेंगे। इसकी निगरानी करने का काम राज्य सरकारों के ही पास रहेगा।
उम्र को लेकर भी उठे सवाल
इस साल 16 जनवरी से शुरू होकर अप्रैल महीने के अंत तक, भारत का वैक्सीनेशन कार्यक्रम मुख्यत: केंद्र सरकार की देखरेख में ही चला। सभी को मुफ्त वैक्सीन लगाने के मार्ग पर देश आगे बढ़ रहा था। देश के नागरिक भी, अनुशासन का पालन करते हुए, अपनी बारी आने पर वैक्सीन लगवा रहे थे। इस बीच कई राज्य सरकारों ने फिर कहा कि वैक्सीन का काम डी-सेंट्रलाइज किया जाए और राज्यों पर छोड़ दिया जाए। तरह-तरह के स्वर उठे। जैसे कि वैक्सीनेशन के लिए Age Group क्यों बनाए गए? दूसरी तरफ किसी ने कहा कि उम्र की सीमा आखिर केंद्र सरकार ही क्यों तय करे? कुछ आवाजें तो ऐसी भी उठीं कि बुजुर्गों का वैक्सीनेशन पहले क्यों हो रहा है? भांति-भांति के दबाव भी बनाए गए, देश के मीडिया के एक वर्ग ने इसे कैंपेन के रूप में भी चलाया।
उठने लगे कई सवाल
उन्होंने कहा कि देश में कम होते कोरोना के मामलों के बीच, केंद्र सरकार के सामने अलग-अलग सुझाव भी आने लगे, भिन्न-भिन्न मांगे होने लगीं। पूछा जाने लगा, सब कुछ भारत सरकार ही क्यों तय कर रही है? राज्य सरकारों को छूट क्यों नहीं दी जा रही? राज्य सरकारों को लॉकडाउन की छूट क्यों नहीं मिल रही? One Size Does Not Fit All जैसी बातें भी कही गईं।
तीन और वैक्सीन्स का ट्रायल भी एडवांस स्टेज में : पीएम मोदी
पिछले काफी समय से देश लगातार जो प्रयास और परिश्रम कर रहा है, उससे आने वाले दिनों में वैक्सीन की सप्लाई और भी ज्यादा बढ़ने वाली है। आज देश में 7 कंपनियां, विभिन्न प्रकार की वैक्सीन्स का प्रॉडक्शन कर रही हैं। तीन और वैक्सीन्स का ट्रायल भी एडवांस स्टेज में चल रहा है।
'एक साल में दो मेड इन इंडिया वैक्सीन्स लॉन्च'
पीएम मोदी ने कहा कि हर आशंका को दरकिनार करके भारत ने 1 साल के भीतर ही एक नहीं बल्कि दो मेड इन इंडिया वैक्सीन्स लॉन्च कर दी। हमारे देश ने, वैज्ञानिकों ने ये दिखा दिया कि भारत बड़े-बड़े देशों से पीछे नही है। आज जब मैं आपसे बात कर रहा हूं तो देश में 23 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन की डोज दी जा चुकी है।
वैक्सीन को लेकर बोले पीएम मोदी
आज पूरे विश्व में वैक्सीन के लिए जो मांग है, उसकी तुलना में उत्पादन करने वाले देश और वैक्सीन बनाने वाली कंपनियां बहुत कम हैं। कल्पना करिए कि अभी हमारे पास भारत में बनी वैक्सीन नहीं होती तो आज भारत जैसे विशाल देश में क्या होता? आप पिछले 50-60 साल का इतिहास देखेंगे तो पता चलेगा कि भारत को विदेशों से वैक्सीन प्राप्त करने में दशकों लग जाते थे। विदेशों में वैक्सीन का काम पूरा हो जाता था तब भी हमारे देश में वैक्सीनेशन का काम शुरू नहीं हो पाता था।
'ऑक्सीजन की कमी पूरा करने के लिए युद्धस्तर पर काम हुआ'
पीएम मोदी ने कहा, 'सेकेंड वेव के दौरान अप्रैल और मई के महीने में भारत में मेडिकल ऑक्सीजन की डिमांड अकल्पनीय रूप से बढ़ गई थी। भारत के इतिहास में कभी भी इतनी मात्रा में मेडिकल ऑक्सीजन की जरूरत महसूस नहीं की गई। इस जरूरत को पूरा करने के लिए युद्धस्तर पर काम किया गया। सरकार के सभी तंत्र लगे।'
'बीते सौ वर्षों में आई ये सबसे बड़ी महामारी'
पीएम मोदी ने कहा कि बीते सौ वर्षों में आई ये सबसे बड़ी महामारी है, त्रासदी है। इस तरह की महामारी आधुनिक विश्व ने न देखी थी, न अनुभव की थी। इतनी बड़ी वैश्विक महामारी से हमारा देश कई मोर्चों पर एक साथ लड़ा है।
कोविड के बीच देश को संबोधन
पीएम मोदी का संबोधन ऐसे समय में हो रहा है, जबकि बीते कुछ समय में यहां संक्रमण के रोजाना मामलों में कमी दर्ज की गई है और एक्टिव केस भी कम हुए हैं। देश में इस वक्त कोरोना वायरस संक्रमण के कुल एक्टिव केस 14 लाख 1 हजार 609 हैं।
कोविड की तीसरी लहर की चिंता
देश में कोविड के रोजाना मामलों में हालांकि कमी दर्ज की गई है, लेकिन तीसरी लहर को लेकर चिंता बढ़ रही है, जिसे लेकर विशेषज्ञ लगातार चेता रहे हैं। इस बीच बीच लॉकडाउन के कारण कई आर्थिक गतिविधियां भी ठप हुई हैं, जिसके अब अनलॉक की प्रक्रिया शुरू होने के बाद रफ्तार पकड़ने की उम्मीद की जा रही है। ऐसे में पीएम का संबोधन और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।
नि:शुल्क वैक्सीनेशन की मांग
देश में कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव को लेकर विपक्ष सभी के लिए नि:शुल्क टीकाकरण की मांग कर रहा है। फिलहाल देश में 45 साल से अधिक उम्र के लोगों को सरकारी वैक्सीनेशन सेंटर पर नि:शुल्क वैक्सीन उपलब्ध करवाई जा रही है, जबकि 18 साल से अधिक के लोगों के लिए राज्य सरकारों को वैक्सीन खरीदनी है। कई राज्य अपनी तरफ से नि:शुल्क टीकाकरण अभियान चला रहे हैं, लेकिन राज्यों की मांग केंद्र द्वारा देशव्यापी वैक्सीनेशन अभियान चलाने की है। पीएम इस पर अपनी बात रख सकते हैं।
