Kisan Andolan: फिर नहीं बनी बात, 9 दिसंबर को अगली वार्ता, किसानों ने सरकार से हां-ना में मांगा जवाब
Farmers Protest Updates: नए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों की आज एक बार फिर सरकार के साथ बातचीत हुई। सरकार और किसानों के बीच ये 5वें दौर की बातचीत थी। किसान अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। इस बैठक से एक दिन पहले किसान संगठनों ने 8 दिसंबर को 'भारत बंद' का ऐलान कर दिया। अभी भी कोई बड़ा हल निकलता नहीं दिख रहा है। अगले दौर की बातचीत 9 दिसंबर को होगी।
नई दिल्ली: तीन नए कृषि कानूनों को लेकर राजधानी दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर पिछले कई दिनों से आंदोलनरत किसानों ने अपना आंदोलन और तेज कर दिया है। आज सरकार के साथ उनकी पांचवे दौर की बातचीत हुई, इससे पहले किसानों ने 8 तारीख को भारत बंद का आह्वान कर दिया। इस बैठक में भी कोई हल नहीं निकला। बैठक में कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के अलावा रेल, वाणिज्य और खाद्य मंत्री पीयूष गोयल और वाणिज्य राज्य मंत्री सोम प्रकाश भी मौजूद रहे। सोम प्रकाश पंजाब से सांसद हैं। अब अगले दौर की बैठक 9 दिसंबर को होनी है। यहां जानिए किसान आंदोलन से जुड़ा हर ताजा अपडेट:
ट्रैफिक अपडेट
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने बताया, 'कालिंदी कुंज, सूरज कुंड, बदरपुर और आया नगर सीमाएं दोनों ओर से यातायात के लिए खुली हैं।'
बॉर्डर पर ही नया साल मनाएंगे किसान?
गाजीपुर बॉर्डर पर किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार बिल वापिस लेने के लिए तैयार नहीं है और किसान दिल्ली से वापिस जाने को तैयार नहीं है। नए साल पर भी किसान यहीं रहेंगे, इससे बढ़िया जगह कोई है क्या कहीं।
दुष्यंत चौटाला का बहिष्कार
किसानों के विरोध पर जींद के दादन खाप ने हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला का बहिष्कार करने का प्रस्ताव पारित किया। दादन खाप प्रमुख दलबीर श्योकंद ने कहा, 'बांगर क्षेत्र ने एक तरह से उनका विरोध करने और उनका बहिष्कार करने का फैसला किया है। उनके सांसदों-विधायकों को अनुमति नहीं दी जाएगी। हम काले झंडे दिखाएंगे।'
ये है ट्रैफिक अपडेट
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने बताया, 'गौतम बुद्ध द्वार के पास किसानों के विरोध के कारण नोएडा से दिल्ली जाने वाली नोएडा लिंक रोड पर चीला बॉर्डर यातायात के लिए बंद है। लोगों को दिल्ली आने के लिए नोएडा लिंक रोड से बचने और DND का उपयोग करने की सलाह दी जाती है। एनएच 24 पर गाजीपुर बॉर्डर गाजियाबाद से दिल्ली तक यातायात के लिए बंद है। लोगों को दिल्ली आने के लिए NH-24 से बचने और दिल्ली आने के लिए अप्सरा/भोपड़ा/DND का उपयोग करने की सलाह दी जाती है। किसी भी ट्रैफिक मूवमेंट के लिए टिकरी, झारोदा बॉर्डर बंद हैं। बदुसराय बॉर्डर केवल हल्के मोटर वाहनों जैसे कारों और दोपहिया वाहनों के लिए खुला है। झटीकरा बॉर्डर केवल दोपहिया वाहनों के आवागमन के लिए खुला है। हरियाणा के लिए उपलब्ध खुली सीमाएं निम्नलिखित हैं- धंसा, दौराला, कापसहेड़ा, राजोखरी NH 8, बिजवासन/बजघेरा, पालम विहार और डूंडाहेड़ा। सिंघू, औचंदी, लामपुर, पियाओ मनियारी, मंगेश बॉर्डर बंद हैं। NH 44 दोनों तरफ से बंद है।'
'कानून वापस लेगी सरकार'
अखिल भारतीय किसान सभा के जनरल सेकेट्ररी हन्नान मोल्लाह ने कहा, 'हमने बैठक की शुरुआत में कहा कि हमारी मांग कानूनों को वापस लेने की है, इसमें संशोधन नहीं चाहिए। हमने कड़ा रुख अपनाया। अंत में हमें बताया गया कि अगली बैठक 9 दिसंबर को होगी। ऐसा लगता है कि सरकार निश्चित रूप से कानूनों को वापस लेगी।'
बैठक के बाद बोले कृषि मंत्री
बैठक के बाद कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, 'हमने कहा है कि एमएसपी जारी रहेगा, इसे कोई खतरा नहीं है। इस पर शक करना बेबुनियाद है। फिर भी अगर किसी को संदेह है तो सरकार इसे सुलझाने के लिए तैयार है। हम राज्यों में मंडी को प्रभावित करने का इरादा नहीं रखते हैं, वे कानून से प्रभावित नहीं हैं। एपीएमसी को और मजबूत करने के लिए सरकार अपनी शक्ति में कुछ भी करने को तैयार है। यदि किसी को APMCs के बारे में कोई गलत धारणा है, तो सरकार इसे स्पष्ट करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। हमने किसानों से कहा है कि सरकार उनके सभी पहलुओं पर विचार करेगी। अगर किसानों के नेताओं से सुझाव मिलते हैं तो इसका हल निकालना हमारे लिए आसान हो जाएगा... हम किसान यूनियनों से अनुरोध करते हैं कि वे कोविड 19 और ठंड के मौसम में बुजुर्गों और बच्चों को घर वापस भेजें।' वहीं 8 दिसंबर को भारत बंद पर उन्होंने कहा कि मैं यूनियनों के कार्यक्रम पर टिप्पणी नहीं करना चाहूंगा। लेकिन मैं किसानों और संगठनों से आग्रह करना चाहूंगा कि वे आंदोलन का रास्ता छोड़ें और चर्चा के रास्ते पर आएं। सरकार ने उनके साथ कई दौर की बातचीत की है और समाधान के लिए आगे की चर्चा के लिए तैयार है।
1 साल कर प्रदर्शन करने को तैयार किसान
सरकार ने किसानों से कहा है कि वे एमएसपी को वैध करेंगे। लेकिन कृषि कानूनों को निरस्त नहीं किया जाएगा। किसान उन्हें पूरी तरह से निरस्त करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि यदि आवश्यक हुआ तो वे पूरे 1 साल के लिए विरोध प्रदर्शन करने के लिए तैयार हैं। 9 दिसंबर को दोपहर 11 बजे बैठक होनी है। किसानों ने कहा कि पहली बार लगा है कि सरकार उनकी बात सुनेगी। किसान समूहों ने बैठक में मौन व्रत धारण किया, सरकार से कहा कि नए कृषि कानूनों को रद्द करने की उनकी मांग पर ‘हां’ या ‘न’ में दे जवाब।
सरकार तैयार करेगी मसौदा
भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने बताया, 'सरकार एक मसौदा तैयार करेगी और हमें देगी। उन्होंने कहा कि वे राज्यों से भी सलाह लेंगे। MSP पर भी चर्चाएँ हुईं लेकिन हमने कहा कि हमें कानूनों को भी लेना चाहिए और उनको खत्म करने के बारे में बात करनी चाहिए। भारत बंद (8 दिसंबर को) रहेगा।'
अगले दौर की वार्ता 9 दिसंबर को
बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि किसान नेताओं और केंद्र सरकार के बीच 9 दिसंबर को अगले दौर की वार्ता होगी। सरकार के साथ बैठक के पांचवें दौर के बाद किसान नेताओं ने कहा, 'केंद्र सरकार ने कहा है कि वे हमें 9 दिसंबर को एक प्रस्ताव भेजेंगे। हम आपस में इस पर चर्चा करेंगे जिसके बाद उसी दिन उनके साथ एक बैठक आयोजित की जाएगी।'
कुछ मांगो पर तैयार सरकार
सूत्रों से जानकारी मिली है कि किसानों की मांगें मानते हुए सरकार तैयार हो गई है कि पराली जलाने और बिजली को लेकर जो अध्यादेश लाए गए वो वापस लिए जाएंगे। इसके अलावा किसानों के खिलाफ दर्ज मामले भी वापस लिए जाएंगे।
#Breaking | Farmers-Govt meeting: Govt ready to take back stubble burning ordinance.
— TIMES NOW (@TimesNow) December 5, 2020
Farmers assured that cases of stubble burning registered will be quashed.
Details by Mohit Sharma. pic.twitter.com/cgNRan6Isl
कॉरपोरेट फार्मिंग नहीं चाहते किसान
किसानों ने बैठक में कहा, 'हम पिछले कई दिनों से सड़क पर हैं। अगर सरकार चाहती है कि हम सड़क पर रहें, तो हमें कोई समस्या नहीं है। हम अहिंसा का रास्ता नहीं अपनाएंगे। इंटेलिजेंस ब्यूरो आपको सूचित करेगा कि हम विरोध स्थल पर क्या कर रहे हैं। हम कॉरपोरेट फार्मिंग नहीं चाहते हैं। इस कानून से सरकार को फायदा होगा, किसान को नहीं।'
कृषि मंत्री ने की अपील
कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बैठक में उपस्थित किसान नेताओं से अनुरोध किया, 'मैं आप सभी से अपील करता हूं कि विरोध करने वाले वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों से घर जाने के लिए कहें।'
सिंघु बॉर्डर पहुंचे दिलजीत
प्रदर्शनकारी किसानों को समर्थन देने सिंघु बॉर्डर पहुंचे अभिनेता दिलजीत दोसांझ। उन्होंने कहा कि मैं सरकार से किसानों की मांगों को स्वीकार करने का आग्रह करना चाहता हूं। मैं मीडिया से भी हमारा समर्थन करने का आग्रह करना चाहता हूं, ये किसान अपनी मांगों को लेकर शांति से बैठे हैं, कृपया हमें दिखाएं और हमारा समर्थन करें। आप सभी को सलाम, किसानों ने एक नया इतिहास रचा है। यह इतिहास आने वाली पीढ़ियों को सुनाया जाएगा। किसानों के मुद्दों को भटकाना नहीं चाहिए।
WATCH: I want to urge the government to accept the demand of farmers. I also want to urge the media to support us, these farmers are sitting peacefully with their demands, please show that and support us: @diljitdosanjh at Singhu border #DiljeetDosanjh #FarmersProtest pic.twitter.com/R24vEc2Du5
— Prashant Kumar (@scribe_prashant) December 5, 2020
समाधान चाहती है सरकार: मंत्री
केंद्रीय मंत्री सोम प्रकाश ने किसान नेताओं से कहा कि सरकार पंजाब की भावना को समझती है, वह उनकी (किसानों) की चिंताओं का समाधान चाहती है।
कृषि मंत्री ने किसान संगठनों से कहा कि सरकार बातचीत को प्रतिबद्ध है
कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों से कहा कि सरकार सौहार्दपूर्ण बातचीत के लिए प्रतिबद्ध है। तोमर ने नए कृषि कानूनों पर प्रतिक्रिया का स्वागत भी किया।
दिल्ली-नोएडा ट्रैफिक अपडेट
चिल्ला बॉर्डर को किसानों ने ब्लॉक किया हुआ है। दिल्ली की टीमों के साथ हमारा पूरा को-ऑर्डिनेशन है। ट्रैफिक डाइवर्ट करके यातायात को सुचारू रूप से चलाया जा रहा है। सभी जगह हमने अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है ताकि असुविधा न हो: गौतम बुद्ध नगर एडिशनल सी.पी. लव कुमार
किसानों ने किया अपना भोजन
दिल्ली में विज्ञान भवन में केंद्र सरकार के साथ पांचवें दौर की वार्ता में मौजूद किसान नेताओं ने वही भोजन किया जो वो अपने साथ लाए थे। एक कार सेवा वाहन जो उनके लिए भोजन लेकर जाता था, आज यहां पहुंचा। 3 दिसंबर को 4वें दौर की वार्ता के दौरान भी वे अपना भोजन लेकर गए थे।
#WATCH Delhi: Farmer leaders, present at the fifth round of talks with Central Government, have food that they had carried to the venue.
— ANI (@ANI) December 5, 2020
A Kar Sewa vehicle that carried food for them arrived here earlier today. They'd got their own food even during 4th round of talks on Dec 3. https://t.co/hDP8cwzSGJ pic.twitter.com/XSR6m2lljS
किसानों और मंत्रियों के बीच बैठक जारी
बैठक के दौरान किसान प्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार से पिछली बैठक के बिन्दुवार लिखित जवाब देने को कहा, जिसके लिए सरकार सहमत हो गई। विज्ञान भवन में केंद्र सरकार के साथ पांचवें दौर की वार्ता के दौरान, किसानों ने कहा कि उन्हें समाधान/प्रतिबद्धता की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वे आगे चर्चा नहीं करना चाहते हैं और यह जानना चाहते हैं कि सरकार ने किसानों की मांग पर क्या निर्णय लिया है।
भाजपा सरकार केवल सड़कों पर किए जाने वाले प्रदर्शनों की भाषा समझती है :अधीर
नये कृषि कानूनों पर किसानों की केंद्रीय मंत्रियों के साथ होने वाली बैठक से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने शनिवार को कहा कि भाजपा नीत केंद्र सरकार केवल सड़कों पर किए जाने वाले प्रदर्शनों की भाषा समझती है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने इन कानूनों पर संसद की स्थायी समिति के जरिए कहीं अधिक परामर्श एवं विचार करने की मांग की थी, लेकिन यह अनुरोध अस्वीकार कर दिया गया और जब कांग्रेस सांसदों ने संसद में इसका विरोध किया तो उन्हें सदन से निलंबित कर दिया गया।
हठ त्याग कर कृषि कानूनों को निरस्त करे सरकार: कांग्रेस
किसान प्रतिनिधियों और केंद्र के बीच नए दौर की बातचीत के बीच कांग्रेस ने शनिवार को कहा कि सरकार को अपनी हठ छोड़कर केंद्रीय कृषि कानूनों को निरस्त करना चाहिए। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरेवाला ने ट्वीट किया, ‘मोदी जी, राजहठ त्यागिये, राजधर्म मानिये! अन्नदाता की सुनें, काले क़ानूनों को निरस्त करें। वरना, इतिहास ने कभी अहंकार को माफ़ नही किया।’
झुकने को तैयार नहीं हैं किसान
किसान कानूनों पर केंद्र सरकार के साथ पांचवें दौर की बातचीत करने के लिए किसान प्रतिनिधि विज्ञान भवन पहुंचे। दोआबा किसान संघर्ष समिति के हरसुलिंदर सिंह ने कहा, ' हम कानूनों को वापस लेना चाहते हैं। हम कानूनों में संशोधन के लिए सरकार के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करेंगे।' आजाद किसान संघर्ष समिति, पंजाब के राज्य प्रमुख हरजिंदर सिंह टांडा ने कहा कि हम कानूनों का रोलबैक पूरा करना चाहते हैं। अगर सरकार ने हमारी मांग नहीं मानी, तो हम अपना आंदोलन जारी रखेंगे।
यातायात हुआ प्रभावित
किसानों ने दिल्ली में दाखिल होने के लिए अहम टिकरी, सिंघु, झरोड़ा, गाजीपुर और चिल्ला बॉर्डर को बाधित कर दिया है जिसकी वजह से यातायात प्रभावित हुआ है। पुलिस ने इन बॉर्डर पर यातायात का मार्ग परिवर्तित किया है। इसकी वजह से वैकल्पिक मार्गों पर ट्रैफिक जाम लग गया है। पुलिस ने लगातर दसवें दिन चल रहे किसान आंदोलन के मद्देनजर दिल्ली-हरियाणा सीमा के सिंघु, टिकरी, झारोडा, झाटीकड़ा, औचंदी, लामपुर, पियाओ, मनियारी और मंगेश सीमा को बंद कर दिया है।
किसानों के समर्थन में आरजेडी का प्रदर्शन
एमएसपी का विरोध करने वाले कनाडा की भारत के किसानों की बेहतरी को लेकर रुचि अजीब है : भाजपा
भाजपा ने भारत में किसानों के प्रदर्शन पर कनाडा के रुख की आलोचना करते हुए शनिवार को इसे ‘पाखंड’ करार देते हुए कहा कि वह डब्ल्यूटीओ में न्यूनतम समर्थन मूल्य और अन्य कृषि नीतियों का विरोध करता है और भारत के खाद्य एवं जीविकोपार्जन सुरक्षा सहित घरेलू कृषि उपायों पर सवाल उठाता है। भाजपा के विदेश मामलों के प्रभारी विजय चौथाइवाले ने ट्वीट किया, ‘‘वह (कनाडा) भारत के किसानों को बचाने के लिए लागू आयात पांबदियों का विरोध करता है। डल्ब्यूटीओ में भारत की कृषि नीतियो कनाडा ने सवाल उठाए और यह इस हकीकत के सबूत हैं भारत के किसानों और कृषि उत्पादकों की वास्तविक बेहतरी को लेकर कनाडा की चिंता कितनी कम है।’’
केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नक़वी का राहुल गांधी पर हमला
किसान आंदोलन पर राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयान पर केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने पलटवार किया है। मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा,'जिन्हें ना खेती से मतलब है और ना किसानों से सरोकार, वो आज ज्ञान दे रहे हैं। कांग्रेस की समस्या यह है कि वह आज पूरी तरह से वेंटिलेटर पर है और उसके नेता और पप्पू जी की बेवकूफियां एक्सीलेटर पर चल रही हैं।'
पीएम से मिलने पहुंचे शाह, राजनाथ, तोमर और गोयल
किसानों के साथ आज सरकार की पांचवे दौर की बातचीत होनी है। कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों के साथ आज होने वाली पांचवें दौर की वार्ता से पहले केंद्रीय मंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह, नरेंद्र सिंह तोमर, पीयूष गोयल नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पहुंचे है।
एनसीपी बोली- अडियल रवैया छोड़े सरकार
किसान आंदोलन का समर्थन किया है। एनसीपी नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक ने कहा, 'केंद्रीय सरकार की बैठक हो रही है, हमें लगता है कि सरकार को अपना अड़ियल रवैया छोड़ना होगा। किसानों की मांगों को मानना पड़ेगा, किसान क्या चाहता है उसे अनदेखा करना उचित नहीं है। किसान आंदोलन पूरे देश में फैलता जा रहा है इसलिए सरकार जल्द ही उनकी मांगे पूरी करें।'
किसानों का सरकार को अल्टीमेटम, आज बातचीत का आखिरी दिन
कृषि कानूनों के खिलाफ टिकरी बॉर्डर पर किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, "सरकार बार-बार तारीख दे रही है, सभी संगठनों ने एकमत से फैसला लिया है कि आज बातचीत का आखिरी दिन है। वहीं दूसरी तरफ दिल्ली-गाजीपुर सीमा पर तीन कृषि बिलों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों ने शुक्रवार को चेतावनी दी कि अगर शनिवार को होने वाले एक और दौर की चर्चा अनिर्णायक होती है, तो वे राष्ट्रीय राजधानी में अधिक सड़कें और खाद्य उत्पादों की आपूर्ति ठप करके विरोध प्रदर्शन को तेज करेंगे।
ल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसानों को हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर
षि कानूनों के विरोध में किसानों का पिछले एक सप्ताह से अधिक समय से दिल्ली से लगती हरियाणा और उत्तर प्रदेश की विभिन्न सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन जारी है। इस बीच दिल्ली के एक निवासी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करते हुए किसानों को सड़कों से हटाने का निर्देश देने की मांग की है। याचिका में किसानों को सड़कों से तत्काल हटाने की मांग की गई है, क्योंकि इससे आपातकालीन/चिकित्सा सेवाएं बाधित हो रही हैं।ऋषभ शर्मा ने अधिवक्ता ओमप्रकाश परिहार के माध्यम से अपनी दलील में कहा कि कोविड-19 के सामुदायिक प्रसार की आशंकाओं के मद्देनजर भी किसानों को उनके विरोध स्थलों से हटाना आवश्यक है।
कृषि मंत्री को उम्मीद आज टूटेगा गतिरोध
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर बोले- आज दोपहर 2 बजे किसानों के साथ एक बैठक निर्धारित है। मुझे बहुत उम्मीद है कि किसान सकारात्मक सोचेंगे और अपना आंदोलन समाप्त करेंगे। सूत्रों ने अनुसार सरकार ने गतिरोध खत्म करने के लिए उन प्रावधानों का संभावित हल तैयार कर लिया है जिन पर किसानों को ऐतराज है।
केंद्रीय मंत्री को उम्मीद- निकलेगा हल
केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा था कि किसान आंदोलन केवल पंजाब तक सीमित है और सरकार को उम्मीद है कि शनिवार की बैठक में कुछ समाधान निकल आएगा। चौधरी ने कहा कि किसान बिल किसानों के लाभ के लिए हैं उन्होंने कांग्रेस पर सरकार के खिलाफ किसानों के साथ षड्यंत्र करने का आरोप लगाया।
दिल्ली-यूपी बाॅर्डर पर भी प्रदर्शन जारी
कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली-यूपी बाॅर्डर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे किसान अभी भी डटे हुए हैं। केंद्र सरकार के साथ आज होने वाली बैठक पर एक प्रदर्शनकारी ने कहा, "हमें उम्मीद है कि मसला हल हो जाएगा, सरकार हमारी सुनेगी।"
सरकार दे रही है आश्वासन
गुरुवार को ही कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने विभिन्न किसान संगठनों के 40 किसान नेताओं के समूह को आश्वासन दिया था कि सरकार किसान संगठनों की चिंताओं को दूर करने के प्रयास के तहत मंडियों को मजबूत बनाने, प्रस्तावित निजी बाजारों के साथ समान परिवेश सृजित करने और विवाद समाधान के लिये किसानों को ऊंची अदालतों में जाने की आजादी दिये जाने जैसे मुद्दों पर विचार करने को तैयार है।
8 दिसंबर को भारत बंद का आह्वान
आज होने वाली पांचवें दौर की बातचीत से पहले किसानों ने अपना रूख और सख्त कर लिया है। केन्द्र सरकार के तीन नये कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों ने आठ दिसम्बर को ‘भारत बंद’ का शुक्रवार को ऐलान किया और चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांगें नहीं मानती है तो वे राष्ट्रीय राजधानी की तरफ जाने वाली और सड़कों को बंद कर देंगे।
किसानों ने मांगी ट्रैक्टर पर लाल किला, राष्ट्रपति भवन जाने की अनुमति
भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) ने शुक्रवार को कहा कि वह दिल्ली पुलिस से अनुमति मांगेगी कि किसानों को अपने ट्रैक्टरों पर महानगर में घूमने की अनुमति दी जाए ताकि वे लाल किले और राष्ट्रपति भवन जैसे लोकप्रिय स्थानों का दौरा कर सकें। बीकेयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश टिकैत ने ‘पीटीआई’ से कहा कि ऐतिहासिक स्थलों का दौरा करने के बाद किसान वापस गाजीपुर की सीमा पर लौटेंगे।
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