Air India Plane Crash: टाटा संस और एयर इंडिया के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने बुधवार को टाइम्स ग्रुप की एडिटर इन चीफ नाविका कुमार के साथ खास बातचीत में अहमदाबाद विमान हादसे को लेकर गहरा दुख जताया। उन्होंने एयर इंडिया की फ्लाइट संख्या एआई-171 के इंजनों की भी विस्तृत जानकारी दी।
एयर इंडिया के चेयरमैन ने कहा कि विमान में दायां इंजन मार्च 2025 में लगाया गया, जो एक नया इंजन था, जबकि बाएं इंजन की आखिरी बार 2023 में सर्विस हुई थी और दिसंबर 2025 में अगली रखरखाव जांच होनी थी। हालांकि, उन्होंने हादसे के विषय पर जल्दी निष्कर्म निकालने के खिलाफ चेतावनी दी और इस बात पर जोर दिया कि महज एक विस्तृत तकनीकी विश्लेषण से पता चलेगा कि असल में क्या हुआ था।
विमान में लगा था नया इंजन
उन्होंने साफ कर दिया कि विमान में लगाया गया दायां इंजन नया था जिसे मार्च 2025 में लगाया गया था, जबकि बाएं इंजन की आखिरी बार 2023 में सर्विस हुई थी और दिसंबर 2025 में अगली रखरखाव जांच होनी थी। दोनों का इतिहास साफ-सुथरा है। दोनों बेहतरीन पायलट थे और कैप्टन सबरवाल को 11,500 घंटों से ज्यादा उड़ान का अनुभव था और फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव को 3,400 घंटों से ज्यादा उड़ान का अनुभव रहा। मैंने अपने सहकर्मियों से सुना है कि वह शानदार पायलट थे।
ब्लैक बॉक्स से खुलेंगे सारे राज
नाविका कुमार के साथ खास बातचीत में एन चंद्रशेखरन ने कहा, ''हम किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकते हैं। बहुत सारे सिद्धांत हैं। आप इन्हें यूट्यूब, मीडिया या अन्य चैनलों पर देखते हैं और बहुत सारे विशेषज्ञ भी हैं... उन्होंने कहा कि मुझे सभी विशेषज्ञों ने बताया है कि ब्लैक बॉक्स और रिकॉर्डर निश्चित तौर पर असल कहानी बयां करेंगे। इसलिए हमें बस इसके लिए इंतजार करना होगा और उससे पहले, हम किसी भी निष्कर्ष पर न पहुंचे, यह बहुत अहम होगा।
