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बरेली में मस्जिद निर्माण रोकने के लिए धरने पर बैठे भाजपा विधायक, पुलिस हस्तक्षेप के बाद हटे

Bareilly News: बरेली जिले के नवाबगंज विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक डॉ. एम पी आर्य मस्जिद निर्माण को रुकवाने के लिए धरने पर बैठ गए। उनके साथ भाजपा कार्यकर्ता और हिंदू समुदाय के सैकड़ों लोग मौजूद थे। उन्होंने नारेबाजी करते हुए मस्जिद का निर्माण कार्य रोकने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की।

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Bareilly News: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के नवाबगंज विधानसभा क्षेत्र से सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक डॉ. एम पी आर्य एक मस्जिद का निर्माण रोकने की मांग को लेकर शुक्रवार की रात धरने पर बैठ गये और पुलिस हस्तक्षेप के बाद उन्होंने धरना समाप्त किया। पुलिस के एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। इस बीच एक पक्ष ने निर्माणाधीन दीवार गिरा दी।

बरेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने बताया कि जिले के थाना कुलड़िया क्षेत्र के केला दांडी गांव में अवैध तरीके से मस्जिद के निर्माण के आरोप सामने आने के बाद तनाव फैल गया। भाजपा विधायक आर्य ने शुक्रवार रात को आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस प्रशासन की मदद से मस्जिद का निर्माण किया जा रहा है, जिससे आसपास के गांवों में आक्रोश है। लोग पुलिस प्रशासन के रवैये से नाराज होकर प्रदर्शन कर रहे हैं।

पुलिस ने रुकवाया निर्माण कार्य

भाजपा विधायक मस्जिद निर्माण को रुकवाने के लिए धरने पर बैठ गए। उनके साथ भाजपा कार्यकर्ता और हिंदू समुदाय के सैकड़ों लोग मौजूद थे। उन्होंने नारेबाजी करते हुए मस्जिद का निर्माण कार्य रोकने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की। रात में पुलिस अधिकारी वहां पहुंचे। बरेली के अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) मुकेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि विवादित स्थल का निर्माण रोक दिया गया है और गांव में शांति है। मिश्रा ने कहा कि पुलिस से आश्वासन मिलने के बाद स्थानीय विधायक शुक्रवार देर रात धरना खत्म कर चले गए।

चोरी-छिपे हो रहा था मस्जिद का निर्माण

करीब चार महीने पहले भाजपा नेताओं ने गांव में अवैध तरीके से मस्जिद के निर्माण की शिकायत की थी, जिसके बाद पुलिस प्रशासन ने निर्माण कार्य रुकवा दिया था। बीच-बीच में वहां पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया गया। भाजपा नेताओं का आरोप है कि रात में चोरी-छिपे मस्जिद का निर्माण फिर से शुरू कर दिया गया और इसमें पुलिस प्रशासन की मिलीभगत है। एसपी मिश्रा ने कहा, एक पक्ष के कुछ लोगों ने निर्माणाधीन इमारत की दीवार गिरा दी। निर्माण कार्य किसी व्यक्ति की निजी जमीन पर हो रहा है। चार महीने पहले एसडीएम ने निर्माण कार्य को रुकवाया था और तब से वहां ताला लगा हुआ है। दीवार गिराने वाले कुछ लोगों को हिरासत में लेकर थाने भेजा गया है। एसएसपी आर्य ने बताया कि गांव में अवैध धर्मस्थल का निर्माण करने का आरोप लगाकर दीवार गिराए जाने से विवाद की स्थिति बनी है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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