Bihar Cabinet Expansion: बिहार में शुक्रवार को मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक जेडीयू से अशोक चौधरी, लेसी सिंह, सुनील कुमार और जयंत राज तो भाजपा से मंगल पांडेय, नीरज बबलू, नितिन नवीन, हरि साहनी, संतोष सिंह को शपथ दिलाई जा सकती है। महागठबंधन छोड़ने के बाद भाजपा के समर्थन से नीतीश कुमार ने गत 28 जनवरी को एक बार फिर सीएम पद की शपथ ली। उनके साथ आठ विधायकों को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। भाजपा से सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली।
बिहार में अभी सीएम सहित कुल 9 मंत्री
बिहार सरकार में सीएम सहित कुल नौ मंत्री हैं। नीतीश सरकार में अभी 27 मंत्रियों के पद खाली हैं। बिहार सरकार में कुल 36 मंत्री हो सकते हैं। मंत्रिमंडल विस्तार पर नीतीश कुमार ने गुरुवार को कहा कि गुरुवार शाम तक मंत्रियों के नाम फाइनल हो जाएंगे। उसके बाद जल्द मंत्रिमंडल का विस्तार कर दिया जाएगा। वहीं कैबिनेट विस्तार के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को तय करना है। वह जिसकी अनुशंसा करेंगे, उन्हें ही मंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी। एनडीए में कहीं कोई दिक्कत नहीं हो रही है। सब ठीक है।
मांझी से सम्राट चौधरी की मुलाकात
गुरुवार को सम्राट चौधरी ने अचानक पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी से उनके आवास पर मुलाकात की। इस मुलाकात को लोकसभा चुनाव में सीट बंटवारे से जोड़कर देखा जा रहा है।
नए विधायक को मंत्रिमंडल में नहीं मिलेगी जगह
रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि नीतीश कुमार ने इस बार मंत्रिमंडल विस्तार में किसी भी नए विधायक को शामिल नहीं करने का फैसला किया है। इसके पीछे की वजह विधायकों की नाराजगी का डर बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि अगर किसी नए विधायक को मंत्रिमंडल में जगह दी तो अन्य नए विधायक नाराज हो सकते हैं। इससे आगामी लोकसभा चुनाव में जदयू के प्रदर्शन पर असर पड़ सकता है।
