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नालंदा मंदिर में भगदड़ से पहले देश में कब-कब मची जानलेवा भगदड़ें, कितनों की गई जान?

List of Major Stampedes at Temples: भारत में पिछले तीन दशकों में भगदड़ की लगभग 4,000 घटनाएं दर्ज की गई हैं। बिहार के नालंदा जिले के मची भगदड़ से पहले भी देश में कई बार ऐसी घटनाएं हुईं, जिसने सबको झकझोर दिया। जानतें हैं उन घटनाओं के बारे में

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नालंदा मंदिर में भगदड़ से 8 की मौत: जानें देश में कब-कब मचीं जानलेवा भगदड़ें, कितनों की गई जान?

Major stampedes in India: बिहार के नालंदा जिले के मगहरा गांव में स्थित मां शीतला मंदिर में मंगलवार (31 मार्च) को मची भगदड़ में आठ महिलाओं की मौत हो गई। बताया गया कि जैसे-जैसे मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी, वहां लगे बैरिकेड्स हटने चले गए। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कोई प्रभावी इंतजाम न होने के कारण वहां अफरा-तफरी मच गई, जिसके चलते लोग एक-दूसरे को धक्का देने लगे और जमीन पर गिर पड़े।

भारत में आमतौर पर भगदड़ की घटनाएं पूजा स्थलों, खेल आयोजनों, रेलवे स्टेशनों और महाकुंभ जैसे बड़े धार्मिक समागमों में देखने को मिलती हैं। वर्ष 2025 में भीड़ के इस तरह बेकाबू होने की घटनाओं में लगभग 90 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी।

रैलियां, खेल आयोजन, रेलवे स्टेशन

पिछले जून में, बेंगलुरु में RCB टीम की IPL जीत के जश्न के दौरान चिन्नास्वामी स्टेडियम की ओर जाने वाली सड़क के पास भगदड़ मच गई थी, जिसमें कम से कम एक दर्जन लोगों की जान चली गई।

इस घटना के संभावित कारणों में योजना की कमी, तालमेल की समस्याएं, विजय परेड की अनुमति देने को लेकर असमंजस और मुफ्त पास मिलने की अफवाहें शामिल थीं, जिन बातों से क्रिकेट अधिकारियों ने बाद में इनकार कर दिया। घटना के तुरंत बाद अपनी टिप्पणी में कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि पुलिस स्टेडियम के बाहर जमा हुई भीड़ के आकार का सही अंदाजा लगाने में नाकाम रही।

मई 2025 की शुरुआत में, गोवा के शिरगांव गांव में मची भगदड़ में कई लोगों की जान चली गई थी। यहां भक्त श्री लाइराई देवी मंदिर में आयोजित एक धार्मिक यात्रा के लिए जमा हुए थे।

29 जनवरी को, कुंभ के संगम क्षेत्र में तड़के मची भगदड़ में 30 लोगों की मौत हो गई और 60 से ज्यादा लोग घायल हो गए। यह घटना तब हुई जब हिंदू पंचांग के एक शुभ दिन मौनी अमावस्या के अवसर पर तीर्थयात्री पवित्र स्नान करने के लिए तेजी से आगे बढ़ रहे थे। इस घटना के कारणों में से एक के तौर पर भीड़ नियंत्रण के अपर्याप्त उपायों का जिक्र किया गया।

भारत में भगदड़: घटनाओं/मौतों की उच्च दरें

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) की 'भारत में आकस्मिक मौतें और आत्महत्याएं' (Accidental Deaths and Suicides in India) शीर्षक वाली रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2000 से 2022 के बीच भगदड़ की घटनाओं में 3,074 लोगों की जान चली गई। पिछले तीन दशकों में भगदड़ की लगभग 4,000 घटनाएं दर्ज की गई हैं। NCRB वर्ष 1996 से पूरे भारत में भगदड़ की घटनाओं से संबंधित आंकड़े एकत्र कर रहा है।

भारत में मची बड़ी भगदड़ें

नवंबर 2025: आंध्र प्रदेश के भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में नौ लोगों की मृत्यु हो गई।

4 जून, 2025: 18 साल बाद पहली IPL जीत के जश्न में RCB की परेड एक भयानक मंजर बन गई, जिसमें चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास मची भगदड़ में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए।

3 मई, 2025: गोवा के शिरगांव गांव में श्री लराई देवी मंदिर के सालाना उत्सव के दौरान तड़के मची भगदड़ में छह लोगों की मौत हो गई और लगभग 100 लोग घायल हो गए।

15 फरवरी, 2025: नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ में महिलाओं और बच्चों समेत 18 लोगों की मौत हो गई। वे महाकुंभ के लिए प्रयागराज जाने वाली ट्रेन में चढ़ने का इंतजार कर रहे थे।

29 जनवरी, 2025: महाकुंभ के संगम क्षेत्र में मची भगदड़ में 30 लोगों की मौत हो गई और 60 लोग घायल हो गए।

8 जनवरी, 2025: तिरुमाला पहाड़ियों में भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में 'वैकुंठ द्वार दर्शनम' के टिकटों के लिए सैकड़ों भक्तों के बीच मची भगदड़ में छह भक्तों की मौत हो गई और दर्जनों घायल हो गए।

4 दिसंबर, 2024: हैदराबाद के संध्या थिएटर में मची भगदड़ में एक 35 वर्षीय महिला की मौत हो गई और एक लड़का घायल हो गया। यहां अल्लू अर्जुन की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'पुष्पा 2' दिखाई जा रही थी।

2 जुलाई, 2024: उत्तर प्रदेश के हाथरस में स्वयंभू बाबा, भोले बाबा उर्फ नारायण साकार हरि द्वारा आयोजित एक 'सत्संग' (प्रार्थना सभा) में मची भगदड़ में महिलाओं और बच्चों समेत 100 से 120 लोगों की मौत हो गई।

31 मार्च, 2023: इंदौर शहर के एक मंदिर में रामनवमी के मौके पर आयोजित 'हवन' कार्यक्रम के दौरान, एक प्राचीन 'बावड़ी' कुएं के ऊपर बनी छत के ढह जाने से 36 लोगों की मौत हो गई।

1 जनवरी, 2022: जम्मू और कश्मीर में प्रसिद्ध माता वैष्णो देवी मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ के कारण मची भगदड़ में बारह लोगों की मौत हो गई और एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए।

29 सितंबर, 2017: मुंबई में वेस्टर्न रेलवे के एल्फिंस्टन रोड स्टेशन को सेंट्रल रेलवे के परेल स्टेशन से जोड़ने वाले एक संकरे पुल पर मची भगदड़ में तेईस लोगों की जान चली गई और 36 लोग घायल हो गए।

14 जुलाई, 2015: आंध्र प्रदेश के राजमुंदरी में 'पुष्करम' उत्सव के पहले दिन गोदावरी नदी के किनारे एक प्रमुख स्नान घाट पर भक्तों की भारी भीड़ जमा थी, जहां मची भगदड़ में 27 तीर्थयात्रियों की मौत हो गई और 20 अन्य घायल हो गए।

3 अक्टूबर, 2014: दशहरा उत्सव खत्म होने के कुछ ही देर बाद पटना के गांधी मैदान में मची भगदड़ में बत्तीस लोगों की मौत हो गई और 26 अन्य घायल हो गए।

13 अक्टूबर, 2013: मध्य प्रदेश के दतिया जिले में रतनगढ़ मंदिर के पास नवरात्रि उत्सव के दौरान मची भगदड़ में 115 लोगों की मौत हो गई और 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए। यह भगदड़ इस अफवाह के कारण मची थी कि जिस नदी पुल से भक्त गुजर रहे थे, वह गिरने वाला है।

19 नवंबर, 2012: पटना में गंगा नदी के किनारे स्थित अदालत घाट पर छठ पूजा के दौरान एक अस्थायी पुल के ढह जाने से भगदड़ मच गई, जिसमें अठारह लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।

8 नवंबर, 2011: हरिद्वार में गंगा नदी के किनारे स्थित हर-की-पौड़ी घाट पर मची भगदड़ में 20 लोगों की मौत हो गई।

14 जनवरी, 2011: केरल के इडुक्की जिले के पुलमेडु में तीर्थयात्रियों को एक जीप द्वारा कुचले जाने से मची भगदड़ में सबरीमाला के 104 भक्तों की मौत हो गई और 40 से ज्यादा लोग घायल हो गए।

4 मार्च, 2010: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में कृपालु महाराज के राम जानकी मंदिर में मची भगदड़ में 63 लोगों की मौत हो गई। यह घटना तब हुई जब लोग इस स्वयंभू बाबा से मुफ्त कपड़े और खाना लेने के लिए जमा हुए थे।

30 सितंबर, 2008: राजस्थान के जोधपुर शहर में चामुंडा देवी मंदिर में बम फटने की अफवाह के कारण मची भगदड़ में 220 से 250 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 60 से ज्यादा लोग घायल हो गए।

3 अगस्त, 2008: हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर ज़िले में नैना देवी मंदिर में चट्टान खिसकने की अफवाह के कारण मची भगदड़ में 162 लोगों की मौत हो गई और 47 लोग घायल हो गए।

25 जनवरी, 2005: महाराष्ट्र के सतारा जिले में मंधारदेवी मंदिर की सालाना तीर्थयात्रा के दौरान भगदड़ में करीब 340 श्रद्धालुओं की कुचलकर मौत हो गई और सैकड़ों लोग घायल हो गए। यह हादसा तब हुआ जब कुछ लोग सीढ़ियों से नीचे गिर गए; श्रद्धालुओं द्वारा नारियल फोड़ने से सीढ़ियां फिसलन भरी हो गई थीं।

27 अगस्त, 2003: महाराष्ट्र के नासिक जिले में कुंभ मेले के दौरान पवित्र स्नान के समय मची भगदड़ में 39 लोगों की मौत हो गई और करीब 140 लोग घायल हो गए।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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