Bengaluru Stampede: कर्नाटक हाई कोर्ट ने शुक्रवार को एक अंतरिम आदेश में प्रदेश पुलिस को निर्देश दिया कि वह बेंगलुरु में चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास मची भगदड़ के सिलसिले में केएससीए के पदाधिकारियों के खिलाफ अगले आदेश तक कोई दंडात्मक कार्रवाई न करे। आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की जीत का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में भीड़ जुटने के बाद चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास बुधवार को मची भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई थी।
हाई कोर्ट का खटखटाया दरवाजा
कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) के अध्यक्ष रघुराम भट, सचिव ए शंकर और कोषाध्यक्ष ईएस जयराम ने भगदड़ की घटना के सिलसिले में उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने के अनुरोध के साथ हाई कोर्ट का रुख किया था। याचिका पर सुनवाई करने वाले न्यायमूर्ति एसआर कृष्ण कुमार ने केएससीए अधिकारियों को अंतरिम राहत दे दी। उन्होंने मामले की अगली सुनवाई के लिए 16 जून की तारीख निर्धारित की।
याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक हरनहल्ली और श्याम सुंदर पेश हुए, जबकि राज्य सरकार की पैरवी महाधिवक्ता शशि किरण शेट्टी ने की। हाई कोर्ट ने आरसीबी के मार्केटिंग प्रमुख निखिल सोसले की ओर से दायर एक अलग याचिका पर भी सुनवाई की और इसे नौ जून तक के लिए स्थगित कर दिया।
राजनीतिक सचिव पर गिरी गाज
इससे पहले, सिद्दारमैया सरकार ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए विधान परिषद सदस्य गोविंदराज को पद से हटा दिया। एक आधिकारिक अधिसूचना के मुताबिक, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव के रूप में के. गोविंदराज की नियुक्ति तत्काल प्रभाव से रद्द की जाती है। के. गोविंदराज को तत्काल प्रभाव से मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव के पद से मुक्त किया जाता है।
