West Bengal: बंगाल में धार्मिक आधार पर समूहों को दी जाने वाली सरकारी सहायता बंद- सुवेंदु सरकार ने धड़ाधड़ लिए कई बड़े फैसले

पश्चिम बंगाल (West Bengal) की सुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) सरकार ने सोमवार को कई बड़े फैसले लिए हैं। बंगाल सरकार ने 1 जून से महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये की सहायता देने वाली ‘अन्नपूर्णा’ योजना को मंजूरी दी है।

पश्चिम बंगाल (West Bengal) में सुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) सरकार ने जून से धार्मिक आधार पर समूहों को दी जाने वाली सरकारी सहायता बंद करने का फैसला किया है। सरकार ने राज्य कर्मचारियों, संबद्ध वैधानिक निकायों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए 7वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है। साथ ही 1 जून से सरकारी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा को भी मंजूरी दे दी गई है। राज्य कैबिनेट ने 1 जून से महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये की सहायता देने वाली ‘अन्नपूर्णा’ योजना को भी अपनी स्वीकृति दे दी है।

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बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी एक मीटिंग के दौरान (फोटो- SuvenduWB)

सुवेंदु सरकार के धड़ाधड़ फैसले

कैबिनेट बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि CAA के तहत नागरिकता के लिए आवेदन करने वाली और मतदाता सूची में शामिल होने के लिए ट्रिब्यूनल का रुख करने वाली महिलाओं को भी ‘अन्नपूर्णा’ योजना का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा, “कैबिनेट ने 1 जून से महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये की सहायता देने वाली ‘अन्नपूर्णा’ योजना को मंजूरी दी है। साथ ही 1 जून से सरकारी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा की अनुमति देने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई है।”

सातवें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी

मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने अपने कर्मचारियों, संबद्ध वैधानिक निकायों, शिक्षा बोर्डों और सरकारी शिक्षण संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए 7वें वेतन आयोग के गठन को भी मंजूरी दे दी है। अग्निमित्रा पॉल ने आगे कहा, “बंगाल कैबिनेट ने जून से धार्मिक आधार पर समूहों को दी जाने वाली सरकारी सहायता बंद करने का फैसला किया है। साथ ही कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले के अनुसार राज्य की मौजूदा ओबीसी सूची को रद्द कर दिया गया है और आरक्षण पात्रता तय करने के लिए एक जांच पैनल गठित किया जाएगा।”

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