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चंद्रयान 3 की लैंडिंग से पहले पूर्व ISRO चीफ के सिवन बोले- किफायती इंजीनियरिंग काफी नहीं, बड़े रॉकेटों की भी जरुरत

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Aug 20, 2023, 07:18 PM IST

चंद्रमा पर चंद्रयान 3 की लैंडिंग (Chandrayaan 3 Landing) से पहले भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के पूर्व प्रमुख के सिवन ने कहा कि किफायती इंजीनियरिंग काफी नहीं है बल्कि हमें बड़े रॉकेटों की जरूरत है।

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चंद्रयान 3 की लैंडिंग से पहले अंतरिक्ष मिशन पर बोले पूर्व ISRO चीफ के सिवन (तस्वीर-commons.wikimedia)

चंद्रमा पर चंद्रयान 3 की लैंडिंग (Chandrayaan 3 Landing) से पहले भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के पूर्व प्रमुख के सिवन ने कहा कि भविष्य में न सिर्फ किफायती इंजीनियरिंग बल्कि बड़े रॉकेटों के लिए अधिक फंडिंग देने की जरुरत होगी। सिवन ने कहा कि हमें बड़े रॉकेट और बेहतर सिस्टम की जरुरत है। किफायती इंजीनियरिंग ही काफी नहीं है। हमें शक्तिशाली रॉकेट और उन्नत तकनीक की भी जरुरत है।

एनडीटीवी से बात करते हुए पूर्व इसरो प्रमुख के सिवन ने कहा कि अंतरिक्ष गतिविधियों को प्राइवेट कंपनियों के लिए खोलना सरकार का एक सकारात्मक कदम है। उन्होंने कहा कि प्राइवेट सेक्टर की रुचि स्पष्ट है और परिणाम पहले से ही सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुझे यकीन है कि वे जल्द ही हाई-एंड तकनीक भी अपनाने में सक्षम होंगे। निवेश कोई समस्या नहीं होगी।

सिवन का बयान ऐसे समय में आया है जब 11 अगस्त को चंद्रयान 3 की तुलना में करीब एक महीने बाद लॉन्च किया गया रूसी चंद्र अंतरिक्ष यान लूना 25, इसरो के निर्धारित विक्रम से दो दिन पहले 21 अगस्त को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर नरम लैंडिंग का प्रयास किया लेकिन विफल हो गया। गौर हो कि रूसी अंतरिक्ष यान केवल 10 दिनों में अपनी चंद्र यात्रा पूरी करने वाला था जबकि 14 जुलाई को लॉन्च किए गए चंद्रयान 3 को करीब 1 महीने 10 दिन लगने वाले हैं। इस गति का श्रेय रूस द्वारा सोयुज-2 फ्रेरेगेट बूस्टर के उपयोग को दिया जा सकता है। इसके विपरीत इसरो ने अपने तीसरे चंद्र मिशन के लिए लॉन्च व्हीकल मार्क-III एम4 रॉकेट को चुना, जिसमें चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश करने से पहले पांच पृथ्वी-बाउंड ऑर्बिट-राइजिंग मैन्यवर्स की जरूरत होती है।

चंद्रयान 3 की लागत कितनी है?

चंद्रयान-3 की स्वीकृत लागत 250 करोड़ रुपए (लॉन्च वाहन व्यय को छोड़कर) है। लाइवमिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, लॉन्च सेवाओं की लागत करीब 365 करोड़ रुपए है। यानी कुल लागत 615 करोड़ रुपए है।

लूना 25 की तुलना में चंद्रयान 3 भारी और अधिक उन्नत!

तुलनात्मक रूप से देखें तो चंद्रयान 3 लूना 25 की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण और उन्नत है। इसमें एक स्वदेशी विक्रम लैंडर मॉड्यूल (एलएम), एक प्रोपल्शन मॉड्यूल (पीएम) और चंद्र सतह के रासायनिक विश्लेषण के लिए वैज्ञानिक उपकरणों से सुसज्जित प्रज्ञान रोवर शामिल है। इसके विपरीत लूना 25 में रोवर नहीं है।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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