Himanta Biswa Sarma in Times now summit 2022: असम के सीएम हिमंत बिस्वा ने 'टाइम्स नाउ समिट 2022' में नार्थ ईस्ट, राहुल गांधी और दिल्ली एमसीडी इलेक्शन में श्रद्धा मर्डर का जिक्र आदि तमाम सवालों पर अपने विचार रखे, हिमंत बिस्वा ने बेवाकी से सारे सवालों का जवाब दिया और वामपंथी इतिहासकारों के खराब रोल पर भी सवाल उठाए।
हिमंत बिस्वा की राहुल गांधी को सलाह- 'आप दाढ़ी कटा लो झमेला ही खत्म'
समिट में हिमंत बिस्वा से पूछा गया कि आपको सद्दाम हुसैन कहां से याद आए? तो इसपर बिस्वा बोले दिमाग में नहीं था, लेकिन राहुल गांधी को देखकर याद आ गया। वहीं जब बिस्वा से ये पूछा गया कि राहुल की दाढ़ी लुक को लेकर कहा जा रहा है कि ऐसा कम्युनल टच देने के लिए किया है और हिमंत बिस्वा भी इसे लेकर उनपर निशाना साध रहे हैं इसपर हिमंत बिस्वा ने कहा कि आप दाढ़ी कटा लो झमेला ही खत्म राहुल की तरह नजर आओ ना।
मोदी जी के लिए मौत का सौदागर आदि भाषा का प्रयोग क्या प्यार की राजनीति थी?
'गांधी जी ने ब्रिटिश सरकार खिलाफ सत्याग्रह किया था, उसकी तुलना Rahul Gandhi की यात्रा से कैसे हो सकती है? बिस्वा बोले मैं भी ऊपर से कूदकर कह सकता हूं मेरी यात्रा कल्पना चावला की यात्रा है' हिमंत बिस्वा ने कहा राहुल गांधी महात्मा गांधी नहीं हो सकते, राहुल ने कहा मैं प्यार की राजनीति कर रहा हूं और बंटबारे की इसपर हिमंत बिस्वा ने कहा-कांग्रेस में दिनभर राजनीति होती है, मोदी जी के लिए मौत का सौदागर आदि भाषा का प्रयोग क्या प्यार की राजनीति थी?
दिल्ली के MCD चुनाव में Shraddha Muder Case का जिक्र क्यों?
दिल्ली के MCD चुनाव में श्रद्धा मर्डर का जिक्र क्यों आप क्यों करते हैं, क्यों कहते हैं कि हमारी बेटी थी श्रद्धा..आप ऐसा कहकर हिंदू मुसलमान कार्ड और लव जिहाद का कार्ड खेल रहे है। इसपर हिमंत बिस्वा ने कहा कि ये केवल एक केस नहीं आफताब बहुत घाघ था और जहां श्रद्धा के टुकड़े रखे थे वहां वो दूसरी लड़की को लेकर आया,,आप अंदाजा लगाए कि कितना घिनौना था वो, ये एक केस नहीं ये देश की लड़कियों की सुरक्षा का मामला है औऱ ये लव जिहाद का मामला है, और राजनेता इनकी बात संसद या विधानसभा में करता है या चुनाव में, तो मैंने क्या गलत कह दिया।
दिल्ली के MCD चुनाव में हिमंत बिस्वा के भाग लेने पर बिस्वा ने कहा कि मैं सीएम हूं इस बात का मुझे गुमान ना हो इसलिए बीजेपी कार्यकर्ता के रूप में मैं दिल्ली एमसीडी चुनाव में प्रचार कर रहा हूं।
मेघालय और मिजोरम के साथ असम के सीमा विवाद का समाधान कब तक होगा?
पिछले साल इसी वक्त आपकी मिजोरम के साथ फायरिंग हुई थी अब आपकी मेघालय के साथ फायरिंग हुई क्या कहेंगे आप? इसपर हिमंत बिस्वा ने कहा- मेघालय के साथ जो हुआ था उसमें बाउंड्री डिस्प्यूट नहीं था वहीं मेघालय के साथ आधे विवाद हो गए,,,अगले साल तक बाकी भी हो जाएगा, उन्होंने कहा कि कांगेस ने इस विवाद को लेकर कुछ खास नहीं किया।
Lachit Borphukan पर इतना जोर क्यों?
वामपंथियों ने जो इतिहास लिखा वो अधूरा है उसमें तथ्य मिसिंग हैं, राशिद बुरफुकोन ने औरंगजेब को पराजित किया था, इतिहासकारों ने हिंदूओं के खिलाफ नकारात्मक इतिहास को सामने रखा है दिल्ली में तमाम लोग पूछते हैं कि लचित बोरफुकन कौन है जबकि उन्होंने औरंगजेब को हराया था
लचित बोरफुकन के बारे जब लोग पूछते हैं कि हम उन्हें नहीं जानते तो मेरा दिल दुखता है, कांग्रेस भारत जोडो के नाम पर क्या कर रहा है?
लेफ्ट को हिस्ट्री लिखने दिया जो जेएनयू में बैठा है, औरंगजेब का महिमामंडन इतिहास से खत्म करना होगा। Lachit Borphukan जैसे नायकों के बारे में नहीं पता है तो इसमें उनकी नहीं लेफ्ट विचारधारा वाले इतिहासकारों की गलती है।
