ASI survey to Dhar Bhojshala: मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला मंदिर है या मस्जिद, यह तय करने के लिए सर्वे होगा। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने ज्ञानवापी की तरह भोजशाला का भी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) से सर्वे कराने का फैसला किया है। अयोध्या, काशी, वाराणसी एवं मथुरा के बाद यह चौथा स्थान है जहां ASI अपना खुदाई/सर्वे का काम शुरू करेगा। जस्टिस एसए धर्माधिकारी एवं देव नारायण मिश्रा ने अपने आदेश में कहा, 'जाइए, सर्वे करिए। सर्वे का फोटीग्राफी एवं वीडियोग्राफी होगी। अगली सुनवाई 29 अप्रैल को होगी और इसी दिन आपको सर्वे रिपोर्ट सौंपनी होगी।'
11वीं-12 वीं शताब्दी के शिलालेख
भोजशाला को सरस्वती मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। इस मंदिर को बाद में यहां के मुस्लिम शासक ने मस्जिद में परिवर्तित कर दिया। इसके अवशेष अभी भी प्रसिद्ध कमाल मौलाना मस्जिद में देखे जा सकते हैं। ये शिलालेख 11वीं-12 वीं शताब्दी के बताए जाते हैं। इसके ऊपर संस्कृत के दो पाठ अनुस्तुभ छंद में लिखे हैं. इनमें से एक में राजा भोज के उत्तराधिकारी उदयादित्य और नरवरमान की स्तुति की है। दूसरे लेख में बताया गया है कि ये स्तम्भ लेख उदयादित्य द्वारा स्थापित करवाए गए हैं।
हिंदू फ्रंट फार जस्टिस की ओर से दायर हुई अर्जी
हिंदू फ्रंट फार जस्टिस की ओर से कोर्ट में दायर अर्जी में मुसलमानों को भोजशाला में नमाज पढ़ने से रोकने और हिंदुओं को नियमित पूजा का अधिकार देने की मांग की गई। कोर्ट ने याचिकाकर्ता के आरंभिक तर्क सुनने के बाद मामले में राज्य शासन, केंद्र शासन सहित अन्य संबंधित पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
