Arvind Kejriwal: दिल्ली के निवर्तमान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एक सप्ताह में आधिकारिक आवास खाली करेंगे और सभी सुविधाएं लौटाएंगे। आम आदमी पार्टी ने आज यह जानकारी। बता दें कि केजरीवाल ने मंगलवार 17 सितंबर 2024 को राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपा था। उनकी जगह आतिशी को दिल्ली की मुख्यमंत्री चुना गया। आम आदमी पार्टी की बैठक में खुद केजरीवाल ने आतिशी का नाम प्रस्तावित किया जिस सभी विधायकों ने अपनी मंजूरी दे दी।
आप ने कहा, जनता की अदालत से चुनकर आएंगे केजरीवाल
आप सांसद संजय सिंह ने कहा, अरविंद केजरीवाल ने फैसला किया है कि वह मुख्यमंत्री के रूप में मिलने वाली सभी सुविधाएं छोड़ देंगे, वह मुख्यमंत्री आवास खाली कर देंगे और अगले कुछ हफ्तों के भीतर वह एक नई जगह पर चले जाएंगे। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि आज बीजेपी की साजिशों के कारण एक ईमानदार नेता को इस्तीफा देना पड़ा है, इसको लेकर दिल्ली की जनता में गुस्सा है और अब दिल्ली की 2 करोड़ जनता तय करेगी कि उनका बेटा ईमानदार है या अपराधी है। जनता की अदालत से प्रचंड बहुमत का सर्टिफिकेट मिलने के बाद केजरीवाल सीएम की कुर्सी पर बैठेंगे।
संजय सिंह ने कहा, अरविंद केजरीवाल ने कल इस्तीफा देने के बाद कहा था कि वह मुख्यमंत्री के रूप में उन्हें मिलने वाली सुरक्षा सहित सभी सुविधाएं लौटा देंगे और लोगों के बीच एक आम आदमी की तरह रहेंगे। हमने उन्हें समझाने की कोशिश की कि पहले भी कई बार उन पर हमला करने की कोशिशें की जा चुकी हैं, लेकिन वह नहीं माने। उन्होंने कहा, वह छह महीने जेल में रहे हैं, भगवान ने उन्हें तब भी बचाया था और भगवान उन्हें अब भी बचाएंगे।
केजरीवाल ने सौंपा इस्तीफा
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को उपराज्यपाल वी के सक्सेना को अपना इस्तीफा सौंप दिया। इसके बाद आम आदमी पार्टी द्वारा उनकी उत्तराधिकारी नामित की गईं आतिशी ने नई सरकार बनाने का अपना दावा पेश किया। केजरीवाल मंगलवार शाम को अपने कैबिनेट सहयोगियों के साथ उपराज्यपाल सचिवालय पहुंचे। उन्होंने रविवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की घोषणा की थी। बैठक के बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए आतिशी ने कहा, हमने नई सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है। मैं दिल्ली के लोगों के हितों की रक्षा करूंगी।
आतिशी ने कहा, कोई और नेता होता तो....
मुख्यमंत्री नामित की गईं आतिशी ने दावा किया कि केजरीवाल पर झूठे आरोप लगाए गए हैं और केंद्र सरकार की जांच एजेंसियां उन्हें निशाना बना रही हैं। उन्होंने कहा, सुप्रीम कोर्ट ने न केवल उन्हें जमानत दे दी, बल्कि केंद्र और उसकी जांच एजेंसियों के खिलाफ कठोर टिप्पणी भी की और उन्हें पिंजरे में बंद तोता बताया। आतिशी ने कहा, कोई और नेता होता, तो वह मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बना रहता, लेकिन केजरीवाल ने जनता की अदालत में जाने का फैसला किया और इस्तीफा दे दिया। यह हमारे लिए दुख की बात है। उन्होंने कहा कि जनता ने जल्द ही होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव में अरविंद केजरीवाल को फिर से मुख्यमंत्री चुनने का संकल्प लिया है। इससे पहले, आतिशी को आप विधायक दल की बैठक में केजरीवाल का उत्तराधिकारी चुना गया।
