Arvind Kejriwal: दिल्ली आबकारी नीति मामले में सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तिहाड़ जेल से बाहर आ चुके हैं। लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार करने के लिए कोर्ट ने उन्हें एक जून तक जमानत दी है। दो जून को उन्हें फिर से जेल जाना होगा। शुक्रवार शाम जमानत पर बाहर आते ही केजरीवाल ने अपने इरादे साफ कर दिए। केजरीवाल ने कहा है कि उनकी लड़ाई तानाशाही के खिलाफ है।
मंदिर दर्शन, पीसी और रोड शो
शनिवार को केजरीवाल का कार्यक्रम बेहद व्यस्त है। केजरीवाल सुबह 11 बजे कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर जाएंगे। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से यहां भारी संख्या में आने की अपील की। केजरीवाल ने कहा कि मंदिर दर्शन के बाद दिन के एक बजे पार्टी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। इसके बाद दक्षिण दिल्ली में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार के समर्थन में रोड शो करेंगे।
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तानाशाही के खिलाफ लड़ना है-केजरीवाल
जेल से बाहर आने पर केजरीवाल के परिवार के सदस्यों एवं पार्टी कार्यकर्ताओं ने माला पहनाकर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने अपने माता-पिता से आशीर्वाद लिए। केजरीवाल ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, 'मैं हनुमान जी का दर्शन करना चाहता हूं। यह उन्हीं का आशीर्वाद है कि मैं आज बाहर हूं। मैं आप सभी का धन्यवाद करता हूं। मेरा आप सभी से अनुरोध है...देश को तानाशाही से बचाना है। मैं काफी पहले से लड़ रहा हूं। अब बस 140 करोड़ लोगों को लड़ना है।'
केजरीवाल की जमानत की 5 शर्तें
- 50 हजार रुपए का जमानत बॉन्ड
- सीएम ऑफिस जाने पर रोक
- फाइलों पर साइन नहीं कर सकेंगे
- शराब नीति मामले पर टिप्पणी नहीं
- गवाह या फाइल तक पहुंच पर प्रतिबंध
दो जून को सरेंडर करना होगा
केजरीवाल दिल्ली शराब नीति मामले में 1 अप्रैल (39 दिन) से न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल में थे। इससे पहले 11 दिन वे ED की हिरासत में रहे। हालांकि, उनके वकील ने 5 जून तक की रिहाई का अनुरोध किया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया एक जून को खत्म हो जाएगी और दो जून को उन्हें सरेंडर करना होगा।
