पूर्वांचल के विकास के लिए योगी ने पेश की नज़ीर, 'अपनी' ही 200 दुकानों पर चलवाया बुल्डोजर

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 22, 2020, 11:34 AM IST

Gorakhpur News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने एक ऐसा फैसला लिया है जिसकी तारीफ हर कोई कर रहा है। विकास की खातिर योगी ने गोरखनाथ मंदिर की 200 दुकानों को तुड़वा दिया।

पूर्वांचल के विकास के लिए योगी ने पेश की नज़ीर, 'अपनी' ही 200 दुकानों पर चलवाया बुल्डोजर

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  (Yogi Adityanath) ने एक ऐसी परंपरा शुरू की है जो आने वाले समय में भी ना जाने कितने राजनेताओं के लिए मिसाल बनेगी। पहले ही एक सख्त प्रशासक की छवि बना चुके योगी ने अब विकास के लिए अपनी ही दो सौ दुकानों पर बुल्डोजर चलवा दिया। मामला गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर का है जिसके योगी पीठाधीश्वर हैं। योगी ने फोरलेन सड़क निर्माण के लिए मंदिर की चारदीवारी और दो सौ दुकानों पर बुल्डोजर चलवा दिया।

बनेगा चार लेन का फोरलेन

 दरअसल गोरखपुर में मोहद्दीपुर से जंगल कौड़िया तक 17 किलोमीटर लंबा फोरलेन बन रहा है। लेकिन इस दौरान कुछ जगह ऐसी आ रही थीं जो फोरलेन के आड़े आ रहीं थी और इनमें गोरखनाथ मंदरि की करीब 200 दुकानें भी शामिल थीं। प्रशासन ने इसकी जानकारी मुख्यमंत्री योगी को दी और तुरंत ही मुख्यमंत्री ने इन्हें तोड़ने की इजाजत दे थी जिसके बाद यहां काम शुरू हो गया।

दुकानदारों के लिए बनेगा मल्टीस्टोरी कॉम्पलेक्स

 ऐसा नहीं है कि दुकानों को तोड़ने के बाद उनका पुनर्स्थापन नहीं होगा बल्कि इन सभी दुकानों के लिए नई व्यवस्था बनेगी और मंदिर प्रबंधन ने इनके लिए मल्टीस्टोरी कॉम्प्लेक्स बनाने का फैसला किया है। खबरों की मानें तो इसके लिए नक्शा तैयार कर लिया गया है। सीएम के इस साहसिक फैसले का असर ये होगा कि गोरखपुर के लोगों को ना केवल जाम से मुक्ति मिलेगी बल्कि लोगों को इतनी लंबी दूरी तय करने में समय भी कम लगेगा और कौड़िया से सोनौली जाने के लिए हाइवे भी मिल जाएगा।

पहले भी साहसिक फैसले ले चुके हैं योगी

ऐसा पहली बार नहीं है कि योगी ने इस तरह का फैसला लिया हो, वह पूर्व में भी इस तरह के साहसिक फैसले ले चुके हैं। कोरोना संकट में भी योगी ने कई फैसले लिए हैं चाहे वो श्रम कानूनों में सुधार हो या फिर जगह जगह लोन मेलों का आयोजन। उत्तर प्रदेश सरकार ने केंद्र से ही देश में प्रवासी मजदूरों के लिए सबसे ज्यादा रेलगाड़ियों की मांग की थी और राज्य सरकार के मुताबिक अभी तक 15 लाख प्रवासी मजदूरों को प्रदेश में वापस लाया जा चुका है। इतना ही नहीं प्रवासी मजदूरों के लिए सरकार ने रहने-खाने औऱ रोजगार की भी व्यवस्था की है।

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