UPSSF: योगी सरकार कर रही पावरफुल फोर्स का गठन, बिना वारंट के कर सकेगी गिरफ्तार

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 14, 2020, 12:01 AM IST

UPSSF: उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल अधिनियम लागू किया गया है। इसके तहत उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल का गठन किया जाएगा। इस बल के पास वारंट के बिना किसी को गिरफ्तार करने का अधिकार होगा।

UPSSF: योगी सरकार कर रही पावरफुल फोर्स का गठन, बिना वारंट के कर सकेगी गिरफ्तार

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने उत्तर प्रदेश स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स (UPSSF) के गठन के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। इस फोर्स को किसी की गिरफ्तारी के लिए वारंट की आवश्यकता नहीं होगी। गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि बल का कोई सदस्य किसी मजिस्ट्रेट के किसी आदेश के बिना तथा किसी वारंट के बिना किसी व्यक्ति को गिरफ्तार कर सकता है।

इसके अलावा वारंट के बिना तलाशी लेने की शक्ति भी इस फोर्स के पास होगी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार इस अधिनियम के उपबन्धों को क्रियान्वित करने के लिए अधिसूचना द्वारा नियम बना सकती है। 

अवस्थी ने बताया, 'राज्य में उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल अधिनियम 2020 को लागू किया गया है। डीजीपी यूपी को इस अधिनियम की प्रति 11 सितंबर, 2020 को भेजते हुए इस बल के प्रभावी क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए गए हैं। यह बल (UPSSF) मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी का ड्रीम प्रोजेक्ट होगा।' 

उन्होंने कहा कि UPSSF के गठन पर पुलिस डीजीपी यूपी द्वारा अपनी सहमति प्रदान की गई है। यह फोर्स उत्तर प्रदेश में हाई कोर्ट, जिला न्यायालयों, प्रशासनिक कार्यालय एवं परिसर व तीर्थ स्थल, मेट्रो रेल, हवाई अड्डा, बैंक अन्य वित्तीय, शैक्षिक संस्थान, औद्योगिक संस्थान आदि की सुरक्षा व्यवस्था करेगी।

बल के अधीनस्थ अधिकारियों तथा सदस्यों की भर्ती उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती तथा प्रोन्नति बोर्ड द्वारा की जायेगी जो राज्य सरकार के कार्मिक विभाग द्वारा बनायी गई  सामान्य नियमावली के अनुसार होगी। महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा हेतु वर्तमान में 9,919 कर्मी कार्यरत रहेंगे। विशेष सुरक्षा बल के रूप में प्रथम चरण में 5 बटालियन का गठन किया जाना प्रस्तावित है। इन बटालियनों के गठन हेतु कुल 1,913 नए पदों का सृजन किया जाएगा। इस प्रकार 05 बटालियन के गठन पर कुल व्यय भार 1747.06 करोड़ रुपए अनुमानित है जिसमें वेतन भत्ते व अन्य व्यवस्थाएं भी सम्मिलित हैं।

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