CISF जवान की जान बचाकर की थी उससे लव मैरिज, अब चुनावी मैदान में उतरेगी ज्योति

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 7, 2020, 12:01 PM IST

साल 2010 में केरल में एक बस यात्रा के दौरान सीआईएसएफ जवान की जान बचाने वाली ज्योति अब चुनाव लड़ने जा रही है। निकाय चुनाव में बीजेपी के टिकट पर वह चुनावी मैदान में है।

CISF जवान की जान बचाकर की थी उससे लव मैरिज, अब चुनावी मैदान में उतरेगी ज्योति

पलक्कड़: वर्ष 2010 में केरल में बस यात्रा के दौरान एक सीआईएसएफ जवान की जान बचाने वाली छत्तीसगढ़ की ज्योति स्थानीय निकाय के चुनावों में भाजपा की उम्मीदवार के रूप में उतरी हैं । बाद में ज्योति ने सीआईएसएफ के उसी जवान विकास से शादी कर ली थी। मलयालम बोलने में अब पारंगत हो चुकी ज्योति कहती हैं कि तीन जनवरी, 2010 को हुए उस हादसे ने उनसे दाहिना हाथ तो छीन लिया पर उनकी जिंदगी में एक नया मोड़ प्रदान किया।

झेली थी परिवार की नाराजगी
छत्तीसगढ़ वापस जाने पर अपने परिवारवालों की नाराजगी झेलने के साथ ही उन्हें बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई भी अधूरी छोड़नी पड़ी। लेकिन एक साल बाद केरल वापस आने पर ज्योति ने विकास से शादी कर ली और जल्द ही परिवार ने भी उन्हें स्वीकार कर लिया।

इस तरह बचाई थी जान
दुर्घटना को याद करते हुए उन्होंने बताया कि वह अपने कॉलेज के हॉस्टल से बस में यात्रा कर रही थी, आगे की सीट पर बैठे विकास अपने भाई से मिलने के बाद दंतेवाड़ा जिले में अपने शिविर में वापस जा रहे थे। वह खिड़की पर अपना सिर रखकर सो गये । तभी ज्योति ने जिस तरफ विकास सोये थे उस ओर से तेज गति से एक ट्रक को आते देखा। खतरे को भांपते हुए पीछे की सीट पर बैठी ज्योति ने आगे की सीट पर झपट्टा मारकर विकास को खिड़की से दूर धकेल दिया, लेकिन इस घटना में उसका दाहिना हाथ कट गया।

बीजेपी उम्मीदवार
पलक्कड़ जिले के कोलंगोड प्रखंड पंचायत के पातालपल्ली से भाजपा प्रत्याशी ने कहा कि उन्हें मतदाताओं से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। उन्होंने दावा किया कि परिणाम घोषित होने के बाद महत्वपूर्ण बदलाव होगा। उन्होंने कहा कि उनकी उम्मीदवारी अप्रत्याशित है। उन्होंने कहा, 'मैं नरेंद्र मोदी की राजनीति से प्रभावित हूं। जब पार्टी ने मुझसे उम्मीदवारी की पेशकश की तो मैंने मंजूरी दे दी।' उन्होंने कहा, मुझे अपने पति और ससुराल वालों से पूरा समर्थन मिल रहा है ।

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