राज्य क्यों नहीं कम कर सकते पेट्रोल-डीजल के दाम, बीजेडी सांसद अमर पटनायक ने बताई वजह

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 22, 2022, 05:21 PM IST

बीजू जनता दल (BJD) के सांसद अमर पटनायक ने राज्यों से पेट्रोल-डीजल पर टैक्स कम करने की बीजेपी की मांग को खारिज करते हुए वजह बताई। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार उत्पाद शुल्क, अतिरिक्त उत्पाद शुल्क और उपकर और सरचार्ज लेती है जबकि राज्य केवल VAT वसूलते हैं। राज्यों के पास राजस्व संग्रह के लिमिटेड साधन हैं।

राज्य क्यों नहीं कम कर सकते पेट्रोल-डीजल के दाम, बीजेडी सांसद अमर पटनायक ने बताई वजह

नई दिल्ली: विपक्षी शासित राज्यों से पेट्रोल-डीजल पर टैक्स कम करने की बीजेपी की मांग पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बीजू जनता दल (BJD) के ओडिशा से सांसद अमर पटनायक ने रविवार को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि राज्यों के लिए राजस्व संग्रह का लिमिटेड स्कोप हैं। सांसद ने आगे कहा कि राज्यों के पास मूल्य वर्धित करों (Value Added Taxes यानी VAT) के रूप में पहले से ही बहुत कम राजस्व प्राप्त करने के साधन बचे हैं। बीजेडी सांसद का यह बयान केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 8 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर 6 रुपए प्रति लीटर कम करने के फैसले के बाद आया। 

सांसद पटनायक ने एएनआई से बात करते हुए कहा कि केंद्र सरकार पेट्रोल और बीमारी पर उत्पाद शुल्क, अतिरिक्त उत्पाद शुल्क और उपकर और सरचार्ज एकत्र करती है जबकि राज्य केवल VAT वसूलते हैं। इसलिए, केंद्र सरकार के पास टैक्स, शुल्क और उपकर को कम करने के लिए बहुत अधिक गुंजाइश और स्पेस है। उन्होंने देश में बढ़ती महंगाई से परेशान आम आदमी और गरीबों के लिए ऐसा किया है जो कई महीनों से इससे प्रभावित थे।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी लाने के ओडिशा के प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए बीजेडी सांसद ने कहा कि ओडिशा उन कुछ राज्यों में से एक था जिन्होंने नवंबर 2021 में ईंधन पर वैट कम किया था, पिछली बार जब केंद्र सरकार ने उत्पाद शुल्क कम किया था। उन्होंने कहा कि राज्यों के पास टैक्स को कम करने के लिए सीमित गुंजाइश या स्पेस है क्योंकि यह राज्यों के लिए पहले से ही सीमित राजस्व जुटाने के स्पेस प्रभावित करता है। जब केंद्र सरकार ने आखिरी बार नवंबर 2021 में उत्पाद शुल्क में कमी की, तो ओडिशा उन कुछ राज्यों में से एक है, जिन्होंने वैट को कम किया, भले ही करीब 10 राज्यों ने इसके बारे में कुछ नहीं किया और फिर भी हमने महामारी से उबरने के दौरान कम किया।

यह पूछे जाने पर कि क्या ओडिशा पेट्रोल-डीजल पर VAT कम करेगा? पटनायक ने कहा कि नवीन पटनायक सरकार को इसके लिए संसाधनों की जांच करनी होगी कि क्या वह सार्वजनिक योजनाओं पर कोई प्रभाव डाले बिना VAT में और कमी कर सकती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को यह देखने के लिए अपने स्वयं के संसाधन आधार की जांच करनी होगी कि क्या वैट में और कमी संभव है या नहीं, मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के निर्देशन और मार्गदर्शन में सरकार द्वारा चलाए जा रहे जन कल्याण कार्यक्रमों को प्रभावित किए बिना। मुझे यकीन है कि उचित कार्रवाई होगी राज्य सरकार द्वारा उचित समय पर लिया जाएगा।
 

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