कौन हैं माणिक साहा? बनेंगे त्रिपुरा के नए CM, इनका पटना और लखनऊ से भी रहा है नाता

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 14, 2022, 08:55 PM IST

बिप्लब कुमार देब के इस्तीफा देने के बाद माणिक साहा को त्रिपुरा बीजेपी विधायक दल का नेता चुन लिया गया है। वे त्रिपुरा के अगले मुख्यमंत्री होंगे। उनका पटना और लखनऊ से भी नाता रहा है। उनके बारे में जानिए सबकुछ।

कौन हैं माणिक साहा? बनेंगे त्रिपुरा के नए CM, इनका पटना और लखनऊ से भी रहा है नाता
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अगरतला: राज्यसभा सांसद और त्रिपुरा बीजेपी के अध्यक्ष डॉ माणिक साहा, बिप्लब कुमार देब के स्थान पर त्रिपुरा के अगले मुख्यमंत्री होंगे। देब शनिवार (14 मई) को सीएम पद से इस्तीफा दिया। उसके कुछ घंटे बाद माणिक साहा बीजेपी विधायक दल के नेता चुन गए। कुछ समय बाद उन्होंने राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य से मिलकर सरकार बनाने दावा पेश कर दिया। देब ने राज्य में तेजी से बढ़ते राजनीतिक घटनाक्रम में अपने पद से इस्तीफा दिया, जहां अगले साल की शुरुआत में विधानसभआ चुनाव होंगे। देब ने साहा को उनकी नई भूमिका के लिए शुभकामनाएं भी दीं। आइए जानते हैं माणिक साहा कौन हैं? जिन्हें बिप्लब कुमार देब के स्थान पर त्रिपुरा का मुख्यमंत्री बनाया जा रहा है।

डॉ माणिक साहा पेशे से डेंटिस्ट हैं। साहा ने डेंटल सर्जरी में पटना के गवर्नमेंट डेंटल कॉलेज से स्नातक की डिग्री प्राप्त की और किंग जॉर्जेस मेडिकल कॉलेज, लखनऊ से मास्टर डिग्री प्राप्त की। उन्होंने त्रिपुरा मेडिकल कॉलेज और अगरतला में डॉ बीआरएएम टीचिंग हॉस्पिटल में प्रोफेसर के रूप में डेंटल सर्जरी भी पढ़ाई। साहा 2016 में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए। 2018 में उन्हें त्रिपुरा बीजेपी अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया। माणिक साहा त्रिपुरा क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं। इस साल वह त्रिपुरा की एकमात्र सीट से राज्यसभा के लिए चुने गए थे। सभी बीजेपी और इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (IPFT) के विधायकों ने साहा के पक्ष में वोट डाला और उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार भानु लाल साहा को रेस में बहुत पीछे छोड़ दिया।

उधर बीजेपी के सूत्रों के मुताबिक कि निवर्तमान मुख्यमंत्री बिप्लब देब को राज्यसभा में लाए जाने की संभावना है। यह भी कहा जा रहा है कि बिप्लब को त्रिपुरा के पार्टी अध्यक्ष का पद संभालने के लिए कहा जाएगा। देब ने त्रिपुरा में माकपा के 25 साल के शासन को समाप्त करते हुए 2018 में त्रिपुरा में भारतीय जनता पार्टी के पहले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। सूत्रों के मुताबिक बीजेपपी विधानसभा चुनाव में नए चेहरे के साथ उतरना चाहती है।

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