कौन है दीप सिद्धू? लाल किले पर उपद्रव के लिए किसानों को उकसाने का है आरोप  

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 27, 2021, 06:57 AM IST

Red Fort Protest: पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों के साथ अलग-अलग हुईं झड़पों में दिल्ली पुलिस के करीब 83 कर्मी घायल हुए हैं जिन्हें इलाज के लिए अस्पतालों में भर्ती किया गया है।

कौन है दीप सिद्धू? लाल किले पर उपद्रव के लिए किसानों को उकसाने का है आरोप  
Photo Credit: फेसबुक

नई दिल्ली : गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर रैली के दौरान हुए उपद्रव के लिए किसान नेताओं ने दीप सिद्धू को जिम्मेदार ठहराया है। किसान नेताओं का आरोप है कि ट्रैक्टर रैली में शामिल किसानों को दीप सिद्धू ने उपद्रव के लिए उकसाया जिसके बाद किसान लाल किले की तारीफ रवाना हुए। वहीं, दीप सिद्धू ने अपने एक फेसबुक पोस्ट में खुद को बेकसूर होने का दावा किया है। दीप का कहना है कि 'हमने अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत लाल किले की प्राचीर पर केवल निशान साहिब के झंडे को फहराया, तिरंगे को वहां से नहीं हटाया गया।' मंगलवार को ट्रैक्टर रैली के दौरान किसानों के एक समूह ने लाल किले पर धावा बोल दिया। लाल किले की इस घटना के बाद किसान नेताओं ने इससे खुद को अलग किया है। 

हमारे 83 कर्मी हुए घायल-दिल्ली पुलिस 
पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों के साथ अलग-अलग हुईं झड़पों में दिल्ली पुलिस के करीब 83 कर्मी घायल हुए हैं जिन्हें इलाज के लिए अस्पतालों में भर्ती किया गया है। पुलिस ने हिंसा और उपद्रव के लिए कई एफआईआर दर्ज किए हैं। किसान नेता योगेंद्र यादव का कहना है कि सिंघु बॉर्डर पर एक दिन पहले दीप सिद्धू और लखा सिधाना ने प्रदर्शनकारियों को उकसाने की कोशिश की थी। यादव ने कहा, 'दीप सिद्धू माइक्रोफोन के साथ लाल किला कैसे पहुंच गया, इस बात की जांच होनी चाहिए।' भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) हरियाणा के प्रमुख गुरनाम सिंह चदूनी का आरोप है, 'दीप सिद्धू ने प्रदर्शनकारियों को उकसाया एवं गुमराह किया।' 

कौन है दीप सिद्धू
साल 1984 में पंजाब के मुक्तसर जिले में दीप सिद्धू का जन्म हुआ। दीप ने कानून की पढ़ाई की है। वह किंगफिशर मॉडल अवार्ड भी जीत चुका है। साल 2015 में दीप की पहली पंजाबी मूवी रमता जोगी रिलीज हुई। इसके बाद साल 2018 में आई फिल्म जोरा दस नंबरिया से दीप की लोकप्रियता बढ़ी। इस फिल्म में उसने गैगस्टर का लीड रोल किया। गौर करने वाली बात है कि 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा सांसद सन्नी देओल ने दीप को गुरदासपुर में अपने चुनाव प्रचार टीम में शामिल किया था। लाल किले का उपद्रव सामने आने के बाद भाजपा सांसद ने खुद को दीप से अलग किया है। सन्नी देओल ने अपने एक ट्वीट में कहा है, 'गत छह दिसंबर को मैंने कहा था कि मेरा और मेरे परिवार का दीप सिद्धू के साथ कोई संबंध नहीं है।'

किसान आंदोलन से जुड़ा हुआ है दीप
किसानों के आंदोलन के साथ दीप पहले से जुड़ा हुआ है। पिछले साल 25 सितंबर को दिल्ली-हरियाणा के शंभू में किसानों ने प्रदर्शन किया था। इस आंदोलन में दीप कई एक्टिविस्टों एवं कलाकारों के साथ शामिल हुआ था। इस आंदोलन में दीप शंभू बॉर्डर पर किसानों के साथ धरने पर बैठा नजर आया। किसान आंदोलन में दीप सिद्धू की भागीदारी पर कई किसान नेताओं ने सवाल उठाए हैं। किसान नेताओं ने दीप पर 'भाजपा-आरएसएस' का एजेंट होने का आरोप लगाया है। पीएम नरेंद्र मोदी और सांसद सन्नी देओल के साथ दीप की एक तस्वीर सामने आई है।  दीप ने हालांकि अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया है।  

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