BJP जहां सत्ता में नहीं होती है वहां 3 जमाई ED, CBI, IT को भेजती है, बोले डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव

आरजेडी के कई नेताओं पर सीबीआई ने छापे मारे। गुरुग्राम में एक निर्माणाधीन मॉल पर भी छापे मारे गए। इसे तेजस्वी यादव का मॉल बताया जा रहा है। इस पर तेजस्वी यादव ने बिहार विधानसभा में कहा कि यह मॉल मेरा नहीं है, इसका उद्घाटन बीजेपी सांसद ने किया था। 

Where BJP is not in power, sends three Jamai ED, CBI, IT, said Deputy CM Tejashwi Yadav in Bihar Assembly
बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव  |  तस्वीर साभार: ANI

पटना: केंद्रीय रेल मंत्री के रूप में लालू प्रसाद के कार्यकाल के दौरान हुए जमीन के बदले नौकरी से जुड़े कथित घोटाले के मामले में सीबीआई ने गुरुग्राम स्थित एक निर्माणाधीन मॉल अर्बन क्यूब्स समेत 25 स्थानों पर बुधवार को छापे मारे। ऐसा माना जाता है कि बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के मालिकाना हक वाली एक कंपनी इस मॉल का निर्माण कर रही है। इसके अलावे दिल्ली, गुरुग्राम, पटना, मधुबनी और कटिहार समेत अन्य जगहों पर सीबीआई छापेमारी कर रही है। दूसरी ओर नीतीश सरकार आज बिहार विधानसभा में अपना बहुमत साबित किया। हाल ही में जदयू ने बीजेपी से नाता तोड़कर आरजेडी, कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियों के साथ मिलकर महागठबंधन की सरकार बनाई। अपने ऊपर हो रहे सीबीआई के छापे को लेकर आरजेडी नेता और डिप्टी सीएम तेजस्वी ने बिहार विधानसभा में कहा कि भाजपा जहां कहीं सत्ता में नहीं है, वहां वह अपने तीन जमाई ईडी, सीबीआई और आईटी को भेजती है। उन्होंने कहा कि सीबीआई ने गुरुग्राम के जिस मॉल पर छापेमारी की है, वह मेरा नहीं है, इसका उद्घाटन भाजपा सांसद ने किया था। 

विश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान  तेजस्वीर यादव ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि वह समाजवादी विचारधारा को समाप्त करने के प्रयास के तहत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी को तोड़ने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि मेरा पिता लालू प्रसाद, मां राबड़ी देवी, मेरी बहनें और मैं, हम सभी समाजवादी विचारधारा के प्रति समर्पण की कीमत चुका रहे हैं। मुख्यमंत्री और मेरी विचारधारा समान है। हम समाजवादियों ने जो बोया है उसे बीजेपी नहीं काट सकती।

राजद के संभावित उत्तराधिकारी ने मीडिया के कुछ धड़ों को लेकर भी निराशा जताई और कहा कि उन लोगों ने बिना किसी आधार के कहा कि गुरुग्राम में एक मॉल पर सीबीआई ने छापा मारा है, वह मॉल उनका (तेजस्वी) है। उन्होंने कहा कि इन मीडिया संस्थानों को कुछ पड़ताल करनी चाहिए। यह (मॉल) हरियाणा के किसी व्यक्ति का है और इसका उद्घाटन भाजपा के सांसद ने किया था।

उन्होंने कहा कि दिल्ली में बैठे लोग बिहार की आत्मा को नहीं समझते। यहां डराना-धमकाना नहीं चलता है। तीन जमाइयों को यहां भेजने से हम नहीं डरने वाले। भाजपा बिना दुल्हे की बारात जैसी नजर आ रही है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार ने साहसिक फैसला लिया है और यह देश के लोगों के लिए आशा की नई किरण लेकर आई है। उन्होंने टिप्पणी की कि बीजेपी के नेताओं को यह भी याद रखना चाहिए कि मुख्यमंत्री को और किसी ने नहीं बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं समाजवादी कहा था। उन्होंने कहा कि आप सभी 2024 के आम चुनावों से डरे हुए हैं क्योंकि बिहार में संयुक्त विपक्ष बीजेपी को बुरी तरह हराएगा। इसलिए तीन जमाइयों को भेजा जा रहा है। वहीं, बार-बार जमाई शब्द के उपयोग पर बीजेपी के नेताओं ने विरोध जताया।

डिप्टी सीएम ने कहा कि हम क्रिकेटर हैं और इस जोड़ी (राजद और जदयू) की कभी न खत्म होने वाली साझेदारी है। यह सबसे लंबी पारी होने जा रही है, यह साझेदारी बिहार और देश के विकास के लिए काम करेगी। इस बार कोई रन आउट नहीं हो रहा है।

बिहार विधानसभा के विशेष सत्र में भाग लेने पहुंचीं पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने कहा कि नई सरकार के गठन से बीजेपी डर गई है। केंद्रीय एजेंसी की छापेमारी से हम डरने वाले नहीं है। बिहार की जनता सब देख रही है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जनता दल (यूनाइटेड) (जदयू) के संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि मैं इस मामले के गुण एवं दोष पर टिप्पणी नहीं करना चाहता, लेकिन सीबीआई के छापे जिस समय मारे गए, वह इस बात का स्पष्ट संकेत देते हैं कि जांच एजेंसी बीजेपी की मदद करने की कोशिश कर रही हैं।

विधान परिषद सदस्य सुनील सिंह, राज्य सभा के सदस्यों अशफाक करीम एवं फैयाज अहमद और विधान परिषद के पूर्व सदस्य सुबोध राय समेत राजद के कई वरिष्ठ नेताओं के परिसरों में छापे मारे जा रहे हैं।

जदयू, राजद, कांग्रेस और वाम दलों समेत कुल सात दलों के महागठबंधन के विधायकों ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताते हुए इसके विरोध में नारे लगाए।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेलिनवादी) (भाकपा-माले) के विधायक संदीप सौरव ने विधानसभा के बाहर मीडिया से कहा कि यह छापेमारी स्पष्ट रूप से दिखाती है कि बीजेपी ने संवैधानिक औचित्य को हवा में उड़ा दिया है। केंद्र और कई राज्य में सत्तारूढ़ पार्टी बीजेपी के किसी भी नेता के खिलाफ कोई छापेमारी नहीं होती।

सीबीआई ने 2008-09 में मुंबई, जबलपुर, कोलकाता, जयपुर एवं हाजीपुर के रेलवे जोन में नौकरी पाने वाले 12 लोगों के अलावा राजद सुप्रीमो, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और उनकी बेटियों मीसा भारती और हेमा यादव को इस मामले में नामजद किया है। केंद्रीय एजेंसी ने 23 सितंबर, 2021 को जमीन के बदले रेलवे में नौकरी देने संबंधी घोटाले को लेकर एफआईआर दर्ज की थी।

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