WEST BENGAL ASSEMBLY ELECTION: बंगाल चुनाव के अगले 3 फेज में 114 सीटों का खेल क्या कहता है?

देश
बीरेंद्र चौधरी
बीरेंद्र चौधरी | न्यूज़ एडिटर
Updated Apr 19, 2021 | 15:21 IST

पश्चिम बंगाल विधान सभा चुनाव 2021 आठ फेज में हो रहा है जिसमें पाँच फेज संपन्न हो चुका है और तीन चरण बाकी हैं, इन फेजों में ही जीत हार का खेल है, आइए जानते हैं विस्तार से..

TMC vs BJP
अबकी बार का बंगाल चुनाव शुद्ध रूप से दो खेमों में विभाजित हो चुकी है एक तरफ टीएमसी और दूसरी तरफ बीजेपी  

मुख्य बातें

  • बंगाल चुनाव के अगले 3 चरण में 114 सीटों पर होगा मतदान
  • 2016 के विधान सभा चुनाव में टीएमसी और कांग्रेस-लेफ्ट गठबंधन के बीच थी यहां टक्कर
  • अबकी बार हालात एकदम अलग है, और टीएमसी- बीजेपी हैं आमने- सामने

नई दिल्ली: अबकी बार बंगाल विधानसभा चुनाव आठ चरणों में हो रहा है जिसमें पांच चरण संपन्न हो चुके हैं । इस पांच चरणों में कुल 180 सीटों का फैसला इवीएम में बंद हो चुका है और बाकी बचे तीन चरण जिसमें 114 सीटों का चुनाव  होना बाकी है । छठा चरण 43 सीट- अप्रैल 22 को, सातवाँ चरण 36 सीट- अप्रैल 26 को और आठवां चरण- 35 सीट, 29 अप्रैल को होना है।  परिणाम 2 मई को घोषित होंगे।

इसीलिए सवाल उठता है कि  बंगाल चुनाव के अगले 3 चरण में 114 सीटों का खेल क्या कहता है? इसको समझने के लिए हर चरण के एतिहासिक डेटा को समझना जरूरी है, खास करके बंगाल विधान सभा चुनाव 2016 और लोक सभा चुनाव 2019 के परिणामों में पार्टियों कि स्थिति क्या रही ।

चरण-वार विश्लेषण

चरण: 6, सीट: 43,  चुनाव की तारीख: अप्रैल 22

पार्टी/गठबंधन 2016 का परिणाम 2019 का असेंबली लीड  नफा/नुकसान
टीएमसी 32    24     -8
काँग्रेस +  11 0 -11
बीजेपी 0 19 +19
कुल 43   43  

विश्लेषण : 2016 के विधान सभा चुनाव में टीएमसी और कांग्रेस-लेफ्ट गठबंधन के बीच टक्कर थी बीजेपी खाता तक नहीं खोल पाई थी। लेकिन ठीक तीन साल के बाद लोकसभा चुनाव में काँग्रेस और लेफ्ट का सुपड़ा साफ हो गया। इस चुनाव में कांटे की टक्कर हुई थी टीएमसी और बीजेपी के बीच । इस आधार पर कह सकते हैं कि फिर से छठे चरण में टीएमसी और बीजेपी के बीच कांटे का मुकाबला होगा।

चरण: 7 , सीट: 36  चुनाव की तारीख: अप्रैल 26

पार्टी/गठबंधन 2016 का परिणाम 2019 का असेंबली लीड  नफा/नुकसान
टीएमसी  14 16 +2
काँग्रेस +  22 4 -18
बीजेपी 0 16 +16
कुल 36 36  

विश्लेषण : 2016 के विधान सभा चुनाव में कांग्रेस-लेफ्ट गठबंधन सबसे बड़ी पार्टी थी और दूसरे नंबर पर थी टीएमसी। लेकिन ठीक तीन साल के बाद लोकसभा चुनाव में कांग्रेस गठबंधन धराशायी हो गया। फिर से लोकसभा चुनाव के दौरान टीएमसी और बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर हुई। इस आधार पर कह सकते हैं कि फिर से  सातवें  चरण में टीएमसी और बीजेपी के बीच ही टक्कर होगी । कांग्रेस गठबंधन कोई करिश्मा कर दे तो फिर तस्वीर अलग हो सकती है।

चरण: 8  , सीट: 35,   चुनाव की तारीख: अप्रैल 29 

पार्टी/गठबंधन 2016 का परिणाम 2019 का असेंबली लीड  नफा/नुकसान
टीएमसी  17 19 +2
काँग्रेस + 16 5 -11
बीजेपी 1 11 +10
कुल 35 35  

विश्लेषण : 2016 के विधान सभा चुनाव में टीएमसी और कांग्रेस-लेफ्ट गठबंधन के बीच टक्कर थी बीजेपी को सिर्फ 1 सीट से संतोष करना पड़ा था। लेकिन ठीक तीन साल के बाद लोकसभा चुनाव में कांग्रेस और लेफ्ट को सबसे बड़ा नुकसान का सामना करना पड़ा। फिर से लोक सभा चुनाव में कांटे की टक्कर हुई  टीएमसी और बीजेपी के बीच हुई। इस आधार पर कह सकते हैं कि फिर से आठवें  चरण में टीएमसी और बीजेपी के बीच ही कांटे का मुकाबला होगा।

114 सीटों का  विश्लेषण

चरण सीट
6 43
7 36
8 35
कुल 114

चरण: 8  , सीट: 35,   चुनाव की तारीख: अप्रैल 29 

पार्टी/गठबंधन 2016 का परिणाम 2019 का असेंबली लीड  नफा/नुकसान
टीएमसी  63 59 -4
काँग्रेस + 49 9 -40
बीजेपी 1 0 -1
कुल 114 114  

विश्लेषण : 2016 के विधान सभा चुनाव में टीएमसी और कांग्रेस-लेफ्ट गठबंधन के बीच टक्कर थी और बीजेपी का नामों निशान तक नहीं था बल्कि कुल 114 सीटों में  बीजेपी को सिर्फ 1 सीट मिली थी। लेकिन ठीक तीन साल के बाद लोक सभा चुनाव 2019 में कांग्रेस और लेफ्ट को सबसे बड़ा नुकसान का सामना करना पड़ा था। फिर से लोक सभा चुनाव में कांटे की टक्कर हुई  टीएमसी और बीजेपी के बीच ।

3 महत्वपूर्ण बातें

पहला , आने वाला तीनों चरण दक्षिण बंगाल में है जिसे ममता बनर्जी के टीएमसी का गढ़ माना जाता है, ये ठीक उसी प्रकार है जैसे उत्तर बंगाल को बीजेपी का गढ़ माना जाता है । इसमें कोई दो राय नहीं है कि ममता बनर्जी दक्षिण बंगाल में सबसे बड़ी पार्टी हैं लेकिन सवाल ये भी उठता है कि टीएमसी के बाद दक्षिण बंगाल में दूसरे नंबर की पार्टी कौन है ? इसका उत्तर आंकड़े दे रहे हैं कि दक्षिण बंगाल में बीजेपी दूसरे नंबर कि पार्टी बन चुकी है ।

दूसरा, अबकी बार का बंगाल चुनाव शुद्ध रूप से दो खेमों में विभाजित हो चुकी है एक तरफ टीएमसी और दूसरी तरफ बीजेपी और इस विभाजन में फायदा टीएमसी और बीजेपी दोनों को है। 

तीसरा , अब रही बात कांग्रेस लेफ्ट गठबंधन की, इस गठबंधन की नींव ही गलत आधार पर बनी है क्योंकि केरल में कांग्रेस लेफ्ट के खिलाफ चुनाव लड़ रही है और बंगाल में लेफ्ट के साथ मिलकर। ऐसी स्थिति में सवाल उठता है क्या कांग्रेस और कम्युनिस्ट का कन्फ्यूजन बंगाल में गठबंधन को बचा पाएगा? ये तो वक्त ही बताएगा। अब सवाल की बात है कि 114 का खेल क्या कहता है ? खेल होगा टीएमसी और बीजेपी क बीच, जीतेगा कौन इसका फैसला तो होगा मई 2 को।

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