Gyanvapai Case: काशी के सबसे बड़े विवाद का जजमेंट डे ! 'केस सुनने लायक है या नहीं?' कोर्ट सुनाएगा फैसला

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 12, 2022, 08:23 AM IST

Gyanvapi Masjid case: वाराणसी काशी विश्वनाथ मंदिर से सटी ज्ञानवापी मस्जिद शृंगार गौरी केस को लेकर जिला जज डॉ. अजय कृष्ण की अदालत आज अपना फैसला सुनाएगी।

Gyanvapai Case: काशी के सबसे बड़े विवाद का जजमेंट डे ! 'केस सुनने लायक है या नहीं?' कोर्ट सुनाएगा फैसला

Gyanvapi Masjid case: वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर स्थित मां श्रृंगार गौरी के नियमित दर्शन पूजन के मामले में आज जिला अदालत का बड़ा फैसला आने वाला है। वाराणसी कोर्ट इस बात पर आज फैसला करेगी कि ये केस सुनवाई योग्य है या नहीं। मई महीने से ही पूरे देश में ये मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अब अदालत का फैसला आने से पहले वाराणसी का प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट हो गया है। रविवार को कचहरी परिसर की गहन चेकिंग की गई। बम निरोधक दस्ता और डाग स्क्वाड के संग पुलिस ने चप्पे-चप्पे की चेकिंग की।  पुलिस ने सभी से शांति की अपील की और शहर में 144 धारा भी लागू कर दी गई है। बता दें कि इस मामले में 24 अगस्त को सभी पक्षों की तरह से बहस पूरी कर ली गई थी और जिला जज ने 12 सितंबर तक के लिए फैसला सुरक्षित रख लिया था।

फैसले के मायने

ज्ञानवापी केस में आज अदालत को ये तय करना है कि ये मामला सुनवाई योग्य है या नहीं ?। अगर अदालत ये मान लिया कि ये केस सुनवाई योग्य है तो ये हिन्दू पक्ष की बड़ी जीत होगी। हिंदू संगठन को भरोसा है कि आज  कोर्ट ये कह देगा कि ये मामला सुनवाई योग्य है। फैसले से पहले वाराणसी में काफी हलचल है । क्योंकि मामला संवदेनशील है इसलिए शहर में धारा 144 लागू कर दी गई है। सोशल मीडिया के साथ संवेदनशील जगहों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। अगर ज्ञानवापी पर हिंदू पक्ष के समर्थन में फैसला आया तो इसके क्या मायने होंगे ये भी आपको बताते हैं-

  • करोड़ों शिव भक्तों को नई उम्मीद मिलेगी
  • श्री कृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मामले में हिंदू पक्ष का भरोसा बढ़ेगा
  • प्लेसिस ऑफ वर्शिप एक्ट की दलील नहीं चलेगी 

6 महीने तक चली सुनवाई

1 साल पहले दिल्ली की रहने वाली राखी सिंह समेत पांच महिलाओं ने वाराणसी की सिविल कोर्ट में याचिका दाखिल की थी जिसमें ज्ञानवापी परिसर के अंदर मां श्रृंगार गौरी के नियमित दर्शन पूजन की मांग की थी। याचिका पर लगभग 6 महीने तक सुनवाई हुई । इसके बाद दो बार कोर्ट कमिश्नर द्वारा ज्ञानवापी परिसर का सर्वे करवाया गया।  

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