UP : यूपी के सभी मदरसों में अब राष्ट्रगान गाना हुआ अनिवार्य, अधिकारियों को आदेश अमल में लाने का निर्देश 

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 12, 2022, 04:40 PM IST

UP News : उत्तर प्रदेश के सभी मदरसों में अब राष्ट्रगान को गाना अनिवार्य होगा। मदरसा शिक्षा परिषद के रजिस्ट्रार ने राज्य के जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को पत्र लिखकर निर्देश दिया है कि वे सभी मदरसों में राष्ट्रगान गाया जाए, यह सुनिश्चित करें।

UP : यूपी के सभी मदरसों में अब राष्ट्रगान गाना हुआ अनिवार्य, अधिकारियों को आदेश अमल में लाने का निर्देश 
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UP News : उत्तर प्रदेश के सभी मदरसों में अब राष्ट्रगान को गाना अनिवार्य होगा। मदरसा शिक्षा परिषद के रजिस्ट्रार ने राज्य के जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को पत्र लिखकर निर्देश दिया है कि वे सभी मदरसों में राष्ट्रगान गाया जाए, यह सुनिश्चित करें। रजिस्ट्रार ने कहा है कि 12 मई से मदरसों की कक्षाएं शुरू होनी हैं, इसे देखते हुए अधिकारी इस फैसले को अमल में लाने के लिए पहले से कदम उठाएं। यूपी के सभी मदरसों में राष्ट्रगान के गाए जाने को अनिवार्य करने पर भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि यह स्वागतयोग्य कदम है। इससे मदरसों के सभी छात्रों में राष्ट्रवाद की भावना मजबूत होगी। 

नया नहीं है यह फैसला
मदरसों में अनिवार्य रूप से राष्ट्रगान गाए जान का यूपी सरकार का यह फैसला नया नहीं है। यूपी सरकार साल 2017 में ही स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मदरसों में राष्ट्रीय ध्वज को फहराना एवं राष्ट्रगान को गाया जाना अनिवार्य कर चुकी है। 

राष्ट्रगान गाने से इसलिए है परहेज
मुस्लिम धर्मगुरुओं ने यूपी सरकार के इस फैसले का विरोध किया। मुस्लिम धर्मगुरुओं का कहना है कि राष्ट्रगान में कुछ शब्द उनकी धार्मिक मान्यताओं के विपरीत हैं, इसलिए छात्रों से जबरन इसे नहीं गवाया जा सकता। साल 2017 में यूपी सरकार ने जब राष्ट्रगान को गाया जाना अनिवार्य किया तो उस समय बरेली के काजी ने कहा कि वह राष्ट्रगान का विरोध नहीं करते लेकिन धार्मिक भावनाओं को देखते हुए वह इसे गा नहीं सकते। उन्होंने कहा कि हम राष्ट्रगान की जगह 'सारे जहां से अच्छा हिंदोस्तां हमारा' गा सकते हैं। 

पीलीभीत के मुफ्ती मौलाना जरतब रजा ने कहा कि उन्होंने इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से दखल देने की मांग की है। रजा ने कहा कि उन्होंने सरकार से इस फैसले को वापस लेने की मांग की है। यूपी के अन्य मुस्लिम धर्मगुरुओं ने भी इसी तरह के विचार व्यक्त किए थे।

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