Moradabad : कोरोना टीका लगवाने के एक दिन बाद वार्ड बॉय की मौत, सांस लेने में हुई तकलीफ    

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 18, 2021, 07:44 AM IST

Ward Boy dies in Moradabad : मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर एमसी गर्ग ने टीओआई से कहा, 'शनिवार 12 बजे के करीब वार्ड बॉय महिपाल सिंह को कोविशील्ड का टीका दिया गया।

Moradabad : कोरोना टीका लगवाने के एक दिन बाद वार्ड बॉय की मौत, सांस लेने में हुई तकलीफ    
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बरेली : मुरादाबाद जिले में कोरोना का टीका लगवाने के एक दिन बाद एक वार्ड बॉय की मौत होने की खबर है। टीकाकरण के पहले दिन 16 जनवरी को 46 साल के वार्ड बॉय को कोविशील्ड का टीका लगा था जिसके बाद उसने 'सांस लेने में तकलीफ और सीने में दर्द की शिकायत की थी।' स्वास्थ्यकर्मी की संदिग्ध मौत हो जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हडकंप मच गया है। वॉर्ड बॉय महिपाल सिंह जिला अस्पताल में तैनात थे। परिवार का कहना है कि उनकी मौत टीके के साइड इफेक्ट के चलते हुई।

'सांस लेने तकलीफ और सीने में हुआ दर्द'
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर एमसी गर्ग ने टीओआई से कहा, 'शनिवार 12 बजे के करीब वार्ड बॉय महिपाल सिंह को कोविशील्ड का टीका दिया गया। रविवार को दोपहर बाद उसने सांस लेने में तकलीफ और सीने में दर्द की शिकायत की। शनिवार को टीका लेने के बाद उसने नाइटशिफ्ट में काम किया था। हमें नहीं लगता कि उसकी मौत वैक्सीन के किसी साइड इफेक्ट से हुई है। फिर भी उसकी मौत किस वजह से हुई इसका पता लगाने के लिए हम जांच कर रहे हैं। महिपाल सिंह के शव को शीघ्र ही पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा।' 

मुरादाबाद में 479 स्वास्थ्यकर्मियों को लगा टीका
कोरोना टीकाकरण के पहले चरण के पहले दिन मुरादाबाद में करीब 479 स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगाया गया। परिवार वालों का कहना है कि महिपाल कभी भी कोरोना से संक्रमित नहीं हुआ। स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगाने के राष्ट्रीय अभियान के तहत उसका टीकाकरण हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक महिपाल के बेटे विशाल ने कहा, 'टीका लगने के बाद मेरे पिता की हालत ठीक नहीं थी। टीका लगने के बाद मेरे पिता बाइक चला पाने की स्थिति में नहीं थे इसलिए उन्होंने मुझसे ऑटो रिक्शा लेकर आने और खुद को घर ले जाने के लिए कहा था।'

वैक्सीन के साइड इफेक्ट से हुई मौत- परिवार 
विशाल ने बताया, 'मैं अस्पताल करीब डेढ़ बजे के करीब पहुंचा। मेरे पहुंचने से पहले उनकी हालत खराब हो चुकी थी। वह सामान्य तरीके से बर्ताव नहीं कर रहे थे। उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। कुछ दिनों पहले, शायद 15 दिन पहले उन्हें हल्का बुखार हुआ था। मैं उन्हें लेकर घर आया और उन्हें चाय देकर आराम करने के लिए कहा। रविवार को जब मैं काम के लिए घर से बाहर था, तो उस समय मुझे पता चला कि मेरे पिता की हालत पहले से ज्यादा खराब हो गई है और उन्हें अस्पताल ले जाया गया है, जहां पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मुझे लगता है कि मेरे पिता की मौता वैक्सीन के साइड इफेक्ट की वजह से हुई है।' 

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