Love Jihad:लव जिहाद पर यूपी कैबिनेट ने पास किया अध्यादेश, धोखे से शादी पर होगी 10 साल की जेल

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 25, 2020, 12:38 AM IST

उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट ने लव जिहाद पर अध्यादेश पास कर दिया है,इसे प्रदेश सरकार का काफी अहम कदम माना जा रहा है।

Love Jihad:लव जिहाद पर यूपी कैबिनेट ने पास किया अध्यादेश, धोखे से शादी पर होगी 10 साल की जेल

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश कैबिनेट ने लव जिहाद पर अध्यादेश पास कर दिया है,आज हुई कैबिनेट बैठक में अध्यादेश पास किया गया। लव जिहाद अध्यादेश पर प्रदेश सरकार ने कहा-100 से अधिक मामले हमने देखे और इसलिए आज इस अध्यादेश को लाए इस मामले में 1 साल से लेकर 5 साल तक की सजा होगी।

गौरतलब है कि प्रदेश सरकार ने पहले ही कहा था कि हम लव जिहाद पर नया कानून बनाएंगे ताकि कानून में लोभ, लालच, दबाव, धमकी या शादी का झांसा देकर शादी की घटनाओं पर लगाम लगाई जा सके।

वे धार्मिक रूपांतरण जो निम्नलिखित शर्तों के तहत होंगे-

या तो जबरदस्ती
या बहलाकर
या तो बीमार सहमति
या तो जालसाजी के जरिए



यदि कोई धर्म परिवर्तन करना चाहता है तो संबंधित अधिकारियों को इसके बारे में बताना होगा। और उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि यह एक जबरदस्त रूपांतरण नहीं है।

न्यूनतम: 5 साल की सजा तक 1 साल या 15 हजार जुर्माना। (सामान्य मामलों में)

न्यूनतम: 3 साल की सजा और अधिकतम 10 साल तक और जुर्माना 25 हजार (यदि लड़की नाबालिग होगी या sc / st समुदाय से होगी)

न्यूनतम: 3 से 10 साल की सजा और 50 हजार जुर्माना। (बड़े पैमाने पर धर्म परिवर्तन के मामले में)

'लव जिहाद' पर आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश कैबिनेट की मंगलवार को बैठक हुई और अध्यादेश पारित हुआ जिसे विधि विरुद्ध धर्ममंथन 2020 का नाम दिया गया है। उत्तर प्रदेश विधि आयोग ने नवंबर 2019 में प्रस्तावित कानून के लिए एक मसौदा प्रस्तुत किया। यह पिछले साल के दौरान गृह और कानून मंत्रालय के विचाराधीन था। बीजेपी सरकार ने पिछले सप्ताह नए कानून के मसौदे पर अपनी सहमति दे दी थी। बिल को धर्मांतरण-विरोधी कानून माना जाता है और यह लोगों को इच्छा या धमकी देकर लोगों को अन्य धर्मों में परिवर्तित करने से रोक देगा।

यह प्रस्तावित कानून हिंदू, मुस्लिम, जैन, सिख, ईसाई और अन्य सभी समुदायों पर लागू होगा

यूपी कानून आयोग के अध्यक्ष जस्टिस आदित्य मित्तल ने टाइम्स नाउ से विशेष बातचीत की। उन्होंने कहा कि मैंने ड्राफ्ट बिल में लव जिहाद शब्द का इस्तेमाल नहीं किया है और मुझे उम्मीद है कि सरकार भी विशेष शब्द 'लव जिहाद' का उपयोग नहीं कर रही है। मूल रूप से, यह प्रस्तावित कानून हिंदू, मुस्लिम, जैन, सिख, ईसाई और अन्य सभी समुदायों पर लागू होगा। ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जिसमें आप कह सकें कि किसी विशेष समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है। हमने जो प्रस्ताव दिया है वह यह है कि जब भी कोई धर्म परिवर्तन किसी गलत तरीके का आश्वासन देकर या दैवीय नाराजगी का खतरा देकर, अनुचित प्रभाव, जबरदस्ती, धोखाधड़ी, गलत बयानी द्वारा किया जाता है। जो कोई भी इस तरीके से धर्म परिवर्तन कराता है उस व्यक्ति को दंडित किया जाएगा।

...तो उनकी 'राम नाम सत्य' यात्रा शुरू हो जाएगी

'लव जिहाद' हिन्दुत्व ग्रुप द्वारा गढ़ा गया एक शब्द है जिसे हिंदू लड़कियों को शादी की आड़ में मुस्लिम पुरुषों द्वारा कथित रूप से इस्लाम में परिवर्तित करने के लिए मजबूर किया जाता है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कई बार आश्वासन दिया है कि उनकी सरकार 'लव जिहाद' को रोकने के लिए एक कानून लाएगी। बिहार में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए, आदित्यनाथ ने लव जिहाद मुद्दे को उठाया था और अपनी बेटियों और बहनों का सम्मान नहीं करने वालों को धमकाने के लिए हिंदू अंतिम संस्कार 'राम नाम सत्य है' का इस्तेमाल किया था।

आदित्यनाथ ने कहा था कि हम एक प्रभावी कानून लाएंगे। यह उन लोगों के लिए मेरी चेतावनी है जो अपने असली नाम और पहचान छिपाकर बहनों और बेटियों की प्रतिष्ठा और सम्मान के साथ खेलते हैं। अगर वे अपने तरीके में बदलाव नहीं करते हैं, तो उनकी 'राम नाम सत्य' यात्रा शुरू हो जाएगी।

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